Special Article
साँस हर दिल की थमी-थमी है सहमा-सहमा सा हर आदमी है
कविता मल्होत्रा (स्थायी स्तंभकार-उत्कर्ष मेल, कवियित्री एवं समाजसेवी) आज से तीन महीने पहले कब किसी ने सोचा था कि सरपट भागती जीवन की रफ़्तार अचानक यूँ थम जाएगी कि अगले पल साँस लेने से पहले भी सोचना पड़ेगा और साँस छोड़ने की दशा भी अकल्पनीय हो जाएगी। सच है! परिवर्तन ही संसार का शाश्वत नियम…
SAY NO TO SUICIDE (सम्पादकीय )
मनमोहन शर्मा ‘शरण’ (प्रधान संपादक) वर्ष 2020 पूरी दुनिया को रास नहीं आ रहा । स्वास्थ्य, आर्थिक, प्राकृतिक आपदाओं के साथ–साथ जब हमारे बीच में से होनहार व्यक्तित्व तथा युवाओं का आदर्श कहे जाने वाले प्रतिभावान नायक सुशान्त सिंह राजपूत का मुंबई में अपने निवास पर ही आत्महत्या कर लेने की खबर का आना, एक…
बेहद दुखद एवं निराशाजनक ……सुशांत सिंह राजपूत ने की आत्महत्या
बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (34) ने मुंबई में अपने आवास पर आत्महत्या कर ली है। वह रविवार की सुबह बांद्रा में अपने अपार्टमेंट में फांसी के फंदे से लटके हुए पाए गए, जिसके बाद उनके घर पर काम करने वाले एक व्यक्ति ने पुलिस इसकी सूचना दी।…..दुखद इसलिए कि एक इंसान ख्वाब देखता है…
विकास और बिहार-कुछ सवाल
सोनल सिन्हा (CEO,IDFT मुंबई) एमडीआई स्कोर के आधार पर, बिहार भारत के शीर्ष 3 सबसे कम विकसित राज्यों की सूची में है। आपको क्या लगता है इसके पीछे क्या कारण हैं?अत्यधिक उपजाऊ और उत्पादक भूमि, अच्छे जल संसाधन और कड़ी मेहनत करने वाले लोगों से सम्पन होने के बावजूद, बिहार अभी भी विकास की कमी…
क्या रुस लगायेगा चीन की आक्रामकता पर लगाम
कोरोना वायरस के कारण विश्व वयापार में जो खलबली मची है उसे कोई नकार नही सकता। वुहान शहर से निकला ये वायरस चीन के लिए सरदर्द बन चुका हैं। पूरा विश्व चीन को इसका जिम्मेदार ठहरा रहा है और महाशक्ति अमेरिका चीन को घेरने का हर संभव प्रयास कर रहा है। जहां विश्व के ज्यादातर…
वर्तमान परिवेश में कबीर पंथ अति प्रासंगिक
(कबीर जयंती के अवसर पर) डॉ नीरू मोहन ‘ वागीश्वरी ‘ यह तो घर प्रेम का, खाला का घर नाही ।सिर उतारे भूंई धरे , तब पैठे घर माही ।।कबीर जी के समाज पशुओं का झुंड नहीं है उसके दो तत्व हैं रागात्मकता और सहचेतना अर्थात मानव समाज में रागात्मक रूप से एक अतः संबंध…
भारत आर्थिक शक्ति बनने की राह पर
सोनल सिन्हा (CEO, IDFT मुंबई) आज भारत ही नही पूरी दुनिया चीन की हरकतों से परेशान है, गौरतलब है कि चीन में 5 मिलियन से ज्यादा लोग अपना रोज़गार खो चुके है वो भी 2020 के शुरुआती दो महीनों में, वस्तुओं की खुदरा बिक्री में एक साल में 20.5% की गिरावट दर्ज की गई हैं।…
गरीब-मजदूर पर बड़ी चोट पड़ी : मन की बात (पीएम)
मन की बात: देश में जानलेवा कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘मन की बात’ की. पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के मुकाबले भारत में कोरोना वायरस कम फैला है. हमें अभी और सावधानी बरतनी होगी. उन्होंने कहा कि दो गज की दूरी का नियम हो, मुंह पर मास्क…
जीत उसकी …हार किसकी…. ?
मनमोहन शर्मा ‘शरण’ जब भारत में कोरोना महामारी का पहला मरीज संक्रमित पाया गया तब हमने चैकसी बरतनी शुरू कर दी थी, ऐसा हमें बताया गया । धीरे धीरे संख्या 50 / 100 तक पहुँची तब तक हम ‘जनता कर्फ्यू’ तथा लॉकडाउन की प्रक्रिया प्रारंभ कर चुके थे । जब पहले लॉकडाउन की घोषणा की…
समस्याएँ –लाँकडाउन में मजदूरों की।
अभी कुछदिनों पूर्व तक प्रथम लॉकडाउन के दौरान देश में अचानक बढ़ती कोरोना संक्रमण की संख्या के लिए देशवासियों , नेताओं ,पत्रकारों मीडिया और अन्य उन सभीसामान्य लोगों के द्वारा जो लॉक डाउन के पश्चात देश को कोरोना मुक्त होजाने का स्वप्न देख रहेथे,उन तबलीगी जमातियों को अत्यधिक कड़वाहट से भर कर दोषी ठहराने लगेथे…
