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भाजपा को अब संजीवनी की जरूरत !

भाजपा ने जहां – जहां रिक्त स्थान छोड़ा वहा – वहा उसे मुंह की खानी पड़ी । एक – एक करके सात राज्य हाथ से निकल गए , कारण सिर्फ एक था कि इनके पास उन जगहों पर कोई योग्य  कद्दावर नेता नहीं मिला जिसे विधानसभा दल का नेता घोषित करके चुनाव  लड़ा जाय, जिसे…

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जी हाँ, दिल्ली जीत गई

मनमोहन शर्मा ‘शरण’ (संपादक -उत्कर्ष मेल) चुनाव आते हैं, चले जाते हैं । एक्जिट पोल हो–हल्ला और परिणाम के बाद शांत होकर कहीं मंथन, कहीं चिंतन होता और जिंदगी अपनी वही रफ्तार पकड़ लेती है । विभिन्न राज्यों में चुनाव होते हैं किन्तु उनकी जीत–हार के मायने पार्टी–क्षेत्र् की जनता तक सीमित होते है ।…

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आपको और ‘आप’ को बधाई

कुछ नहीं बदला ,, इसकी आठ और उसके ठाठ वास्तव में कहते हैं कि नाम नहीं काम बोलता है ग्यारह को ‘आप’ की पोह बारह हो ही गयी , जी हाँ मित्रो , सबसे पहले आम आदमी पार्टी को बधाई, श्री अरविन्द केजरीवाल को बधाई , दिल्ली की जनता को भी बधाई दिल्ली बोली, दिल्ली…

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सत्ता और नैतिकता

नैतिकता तो पहले ही राजनीति में गायब होती जा रही थी,अब सत्तालोलुपता में दिल्ली विधानसभा के चुनाव में प्रचार में मर्यादा की सभी सीमाएं लांघ दी गईं।वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर का चुनावी सभा में तेज़ आवाज़ में ललकारना-“देश के गद्दारों को,गोली मारो सालों को” कितना गलत था।प्रवेश वर्मा ने सभी मुस्लिमों को ही एक…

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मुस्लिम वोट बैंक हीं ले डूबी काँग्रेस को -दिल्ली चुनाव 2020- अंक 3

ये दिल्ली चुनाव के सीरिज का मेरा तीसरा और आखिरी अंक है और आज हम बात करेंगे काँग्रेस की | काँग्रेस भारत की सबसे पुरानी पार्टी है जिसकी स्थापना 1885 में हुई थी और कभी अजेय मानी जानी पार्टी अभी तक के अपने सबसे बुरे दौड़ से गुजर रही है और उसकी ऐसी स्थिति हो…

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केजरीवाल आलोचना की जगह निंदा करते हैं – दिल्ली चुनाव 2020 भाग -2

कल हमने बात की दिल्ली चुनाव में भाजपा की रणनीति के बारे में | आज मैं आपको बताउँगा आप की कहानी | आप आंदोलन से निकली हुई पार्टी है, अन्ना हजारे के ऐतिहासिक जन आंदोलन का राजनैतिक प्रकटीकरण | जनलोकपाल के मुद्दे पर इस पार्टी का गठन हुआ था, हालांकि इसमें अन्ना की वैचारिक सहमति…

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दिल्ली-राष्ट्रवाद की नई प्रयोगशाला दिल्ली चुनाव भाग 1

कुछ दिनों में देश की राजधानी दिल्ली में चुनाव होने वाले हैं | जैसे जैसे वक़्त क़रीब आता जा रहा है, यहाँ की फिजाओं में राजनीति की महक फैलती जा रही है | पर दिल्ली का चुनाव किसी के लिये भी आसान नहीं है, न तो 5 साल अच्छा सरकार चलाने का दावा करने वाली…

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किंडरजॉय प्ले-वे स्कूल के बच्चों ने गणतंत्र दिवस मनाया

कहते हैं कि छोटे बच्चे गीली मिट्टी के सामान होते हैं , कुम्हार रूपी शिक्षक उनको जो भी आकर देंगे वही स्वरुप को प्राप्त कर लेते हैं . KINDERJOY PLAYWAY स्कूल की विशेषता है कि खेल खेल में पढाई, और संस्कार बच्चों में रोपित किये जाते हैं , यही कारण है कि देश प्रेम ,…

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ग्यारह को किसकी होगी पौह–बारह

मनमोहन शर्मा ‘शरण’ (संपादक) सभी देशवासियों को बसंत पंचमी की बधाई एवं इस अवसर पर माँ सरस्वती से विशेष विनती है कि अज्ञानता को दूर कर ज्ञान का प्रकाश चहुँ ओर कर दें जिससे सबको सच्ची बात भली प्रकार समझ में आ जाए । यहाँ थोड़ा मैं भी नासमझ सा हो गया हूं कि यदि…

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‘सबसे पहले अपना हित’ …..???

सम्पादकीय (मनमोहन शर्मा ‘शरण’) महंगाई, बेरोजगारी पर विपक्ष पहले ही आँखे तरेरी किए है, उस पर एनआरसी का विरोध, जेएनयू विवाद ने और आग में घी का काम कर दिया. लोहड़ी, मकर संक्रांति और पोंगल के त्यौहार की चमक भी मानो फीके ही पड़ गए. दिल्ली में फरवरी में विधानसभा चुनावो की तारीख घोषित हो…

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