Special Article
सिक्सटी प्लस,पाओ यश
बचपन,यौवन,प्रौढ़ावस्था, बुढ़ापा ये तो प्रत्येक के जीवन की अमिट कहानी है।राजा हो या रंक,धनी हो या धनहीन,उद्योगपति हो या मज़दूर सब को हीइस चक्र से ही गुजरना हीगुजरना है।गौतम बुद्ध ने तो बूढ़े व्यक्ति को देखकर व्यथित हो वैराग्य ले कर राजपाट को ही त्याग दिया था। इन्सान अपनीजवानी के पैंतीस-चालीसवर्ष धनोपार्जन व बच्चों के पालनपोषण…
जज़्बे को सलाम
आज कोरोना से पूरा विश्व लड़ रहा है। सरकार अपने स्तर पर लोगों को सुरक्षा प्रदान कर रही है। वहीं कुछ लोग चुपचाप राष्ट्र सेवा में लगे हैं। इन्ही में से एक हैं नरसिंहपुर जिले के चौगान अंचल में छोटे से गांव कल्याणपुर में रहने वाले 65वर्षीय कन्हैया लाल नामदेव। कन्हैया टेलर्स के नाम से चौगान…
विश्व परेशान : भारत में समाधान
आज पूरा देश ही नहीं अपितु पूरा विश्व मंथन में है किस प्रकार कॉरॉना की समस्या से निपटा जाये, कैसे इसका कोई हल मिलेगा ।*परेशान विश्व के लिए राहत की खबर है* कि *महामंडेश्वर ब्रह्मऋषि श्री कुमार स्वामी जी* कारोना को समाप्त करने के लिए प्रमाणित शास्त्रोक्त सत्य और इसका निश्चित समाधान प्रदान करेंगे। *ब्रह्मऋषि…
छोटे व मध्यम उद्योगधंधों तथा व्यापारियों के लिए नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेश सरकार से मांग
चंडीगढ़, 29 मार्च। राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अशोक बुवानीवाला ने छोटे व मध्यम उद्योगधंधों तथा व्यापारियों के लिए लॉकडाउन से हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेश सरकार से ऋण माफी व बिना ब्याज कर्ज देने जैसी विभिन्न मांगें की है। बुवानीवाला ने कहा कि कोरोना और लॉकडाउन ने प्रदेश के हजारों छोटे व मध्यम व्यापारियों को बड़ें आर्थिक संकट…
जनकल्याण ग़र इबादत हो तो रोगमुक्त भारत हो
Kavita Malhotra परिंदे खुले आसमान में इन्सानों पर मौत का साया हैपिंजरे में नज़रबँद मानवजाति ये कैसा वक्त आया है करो-ना नामक एक नकारात्मक वायरस ने समूचे विश्व को अपनी चपेट में लेकर मानवता के हनन पर अपनी मोहर लगा दी है।कोई तो कारण होगा इस प्राकृतिक आपदा का।हर तरफ बेशुमार सँदेशों का प्रचार, जो…
कोरोना से डरे नही, डट कर सामना करें (आलेख)
आज केवल भारत ही नही पूरे विश्व के करीब पचास से अधिक देश कोरोना वायरस के शिकार हो चुके हैं । चीन और इटली में हजारों मौत होने के बाद अब भारत इस परिस्थिती से गुजर रहा है । भारत में भी अभी तक कई मौतें हो चुकी है, ना जाने आगे और कितनी होगी…
मैं, वो और बैंक
मैं, अर्थात आप ही की तरह साधारण जन,ग्राहक, उपभोक्ता, तथा बैंक का सामान्य कर्मचारी व मध्यम स्तर तक का अधिकारी, जिसे अपने ईमानदारी से कर्तव्य पालन करते हुए परिवार का भरण पोषण करना है। ग्राहक व ये कर्मचारी अपनी पूंजी की सुरक्षा व ऋण ले कर जीवन स्तर को ऊंचा उठाने की आंकाक्षा को ले…
दंगाइयों की इंटरनेशनल बेइज्जती पर आमादा योगी सरकार !
आपको याद होगा कि दंगो पर एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने टिप्पणी किया था कि दंगो को कुचलने का हुनर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से सीखें , ये टिप्पणी यूं ही नहीं था ना ही यह मिथ्या है क्योंकि योगी जी ने वो कर दिखाया जिसकी हिम्मत ना केजरीवाल सरकार…
कभी भी करो-ना तेरा-मेरा
हर तरफ हर जगह बेशुमार आदमी फिर भी तन्हाइयों का शिकार आदमी पिछले काफ़ी समय से ये जुमला जनमानस की मानसिक अवस्था की सटीक अभिव्यक्ति बना हुआ है।जिसका एकमात्र कारण है – “मैं और मेरी खुशी”! लगभग हर व्यक्ति मैं-मेरी के कोरोना से ग्रस्त है, जिसके चलते,परस्पर भेदभाव की प्रतिस्पर्धा बाज़ारों से अब हर दिल…
कमल में कीचड़
कमल कीचड़ में ही खिलता है, जब भाजपा अस्तित्व में आई, अपने चुनाव चिन्ह’कमल’को लेबढ़ चढ़ कर यही दावा करती रहीहम अब तक व्याप्त राजनीति के दलदल में,कीचड़ में,कमल की तरह ऊपर है, अलग है, पार्टी विदए डिफरेंस है बस कुछ समय तकऐसा आभास कराया, जब दो सेचौरासी ,फिर एक सौ बियासी, दो सौ बहत्तर…
