कविता और कहानी
साबरमती के संत
अब तो रह-रह के राजघाट कसमसाने लगा, मुझको साबरमती के संत तू याद आने लगा। गूंथ कर हार भ्रष्टाचार के गुलाबों का, तेरी तस्वीरों पै बेखौफ डाला जाने लगा। तेरे चित्रों से छपे कागजों के टुकड़ों पर, बड़े बड़ों का भी ईमान बेचा जाने लगा। पहले कातिल बने फिर…
लघुकथा : मरहम
लेखिका : डोली शाह आज श्रेया म्यूजियम जाने के लिए बिल्कुल तैयार बैठी थी, लेकिन मेरे दफ्तर से आने में थोड़ी विलंबता के कारण जाना ना हो पाया । वह नाराज होकर आराम करने बिस्तर पर चली गई । कुछ ही समय पश्चात सुरेश पानी पीने फ्रिज तक पहुंचा, श्रेया ने फौरन बोतल लेते हुए…
आजादी का पर्व मनाते,भारतवासी शान से!
आजादी के महापर्व पर समर्पित देश भक्ति कविता:-1-आजादी का पर्व मनाते,भारतवासी शान से!अगस्त15 याद दिलाता, जीना है सम्मान से॥मुगल हटाये सत्ता से, तो अंग्रेजी शासन आया!इंकलाब हो जिंदाबाद, तब वीरों को नारा भाया॥किया सफाया उनका हमनें, अपना सीना तान के!आजादी का पर्व मनाते भारतवासी शान से॥2- आज तिरंगे से ही मेरी, दुनियाँ में पहिचान है!करते…
रक्षाबंधन पर्व महान
उमाकांत भारद्वाज (सविता) ‘लक्ष्य’ भूतपूर्व शाखा प्रबंधक एवं जिला समन्वयक-म.प्र. ग्रामीण बैंक, भिंड (म.प्र.) 1- रक्षाबंधन पर्व महान, श्रावण पूर्णिमा हिंद की शान!आबाल वृद्ध मिल सभी मनाते, करते बहिनों का सम्मान॥2- नन्ही बहिना इंतजार में, बांधू राखी भाई प्यार में!अमर रहे भाई दुनियाँ में, छोडे़ ना मंझधार में॥3- रखती व्रत बहिना पूरे दिन, आन बान…
हिन्दी सिर्फ भाषा नहीं है : -अनिता कपूर (अमेरिका)
हिन्दी सिर्फ भाषा नहीं हैयह है भावों की अभव्यक्तिहिन्दी तुमदिव्य भुवन भास्करकरबद्ध वंदन अभिनन्दनहिन्दी तुमतुम्हारे पदचिह्न पर जब-जब चले हमतुम ने जोड़ा हमें अपनी माटी सेहिन्दी तुमएक भाषाएक फोटो फ्रेम जैसीफ्रेम में जड़ी हैं हमारी पहचानमान अभिमानअभिनंदन अपनी संस्कृतिहिन्दी तुममाथे की हो चंदन रोलीतुम माला हो रुद्राक्ष कीपहना कर सबकोकर दिया है ज्ञानालोकितहिन्दी तुमको मान…
“हिंदी ज्ञान ‘अ’ से ‘ज्ञ’ तक”
मैं वाणी भारती, मैं विश्व लेखनी भारतीय,वर्णों की गुथी माला की अनुपम पाठशाला हूँ। अलंकारों से सुसज्जित, आनंदित सुभाष हूँ।इंदु रश्मि पूनम, ईख की मिठास हूँ।उर मेरे हरि निवास, ऊर्जस्विता प्रभास हूँ।ऋद्धि सिद्धि का वास, एकाग्रता विश्वास हूँ।ऐश्वर्यता से भरी, ओजस्विता सुहास हूँ।और लेखनी अनुपम सी, अंतरिक्ष आकाश हूँ। कवयित्री हूँ महान, खगोल का सम्पूर्ण…
कुछ तो हाथ बंटाओ यार.
(जल जनजागृति हेतु) होता नहीं खेत में पैदा और न कर सकते तैय्यार । पानी की है विकट समस्या जिससे जूझ रहा संसार ।। सोच समझकर करो विचार कुछ तो हाथ बंटाओ यार । वक्त से पहले नहीं किया तो होगा सबका बंटाधार ।। योग्य नियोजन करना होगा पानी हमें बचाना होगा । आने…
तंबाकू धीमा धीमा फैलता जहर
छोटे-छोटे पाउच में बाजार में अंधाधुंध बिकने वाला गुटखा, खैनी, पान मसाला बड़े चाव के साथ खाया जाता है। भारत में तो जिसको देखो, गुटका खाया और सड़क पर थूका। सड़कों पर तो थूकने वाले अपनी बापौती समझते हैं। समझे भी क्यों ना? आखिर गुटका खरीदने के लिए पैसे भी तो खर्च किए हैं। भारतीय…
राजभाषा हिंदी अपनी सब हिंदी में बोलो जी
राजभाषा हिंदी अपनी सब हिंदी में बोलो जी। राष्ट्रभाषा शीघ्र बनेगी जय हिंदी की बोलो जी। बेटी है संस्कृत की हिंदी सभी भाषाऐं बहने हैं, सबका है सम्मान धरा पर भेद दिलों के खोलो जी। मां की बिंदी जैसी हिंदी सुंदर सरल सुहानी है, वैज्ञानिकता खरी कसौटी चाहे जैसे तौलो जी। हिंदुस्तान नाम हिंदी से…
