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कहानी : विश्वास
राजीव करीब काम में फस कर दो साल से घर नहीं आ पा रहा था । सारी सुविधाओं के बीच भी रेनू विरह की वेदना झेल रही थी। उसके ऊपर राह चलते आने -जाने वाले लोगों का ताना मानो हर दिन एक नई ही कहानी सुनने को मिल जाती, लेकिन वह अपना दर्द कभी राजीव…
जाति जनगणना की जरूरत का समय
21वीं सदी भारत के जाति प्रश्न को हल करने का सही समय है, अन्यथा हमें न केवल सामाजिक रूप से, बल्कि राजनीतिक और आर्थिक रूप से भी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी और हम विकास में पिछड़ जायेंगे। जाति जनगणना का अर्थ है भारत की सभी जातियों, मुख्य रूप से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से संबंधित…
अपने कर्मचारियों के साथ नाइंसाफी न होने दें
एक 51 साल का व्यक्ति था, जो एक ग्रामीण विकास के मिशन में 9-10 सालों सेराज्य स्तर की नौकरी कर रहा था। अपने प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने में समर्पित भाव सेकाम कर रहा था। वह कम वेतन में भी बहुत ज्यादा काम करता था। सभी से व्यवहार भीठीक था। इसलिए मिशन को उससे कोई…
डॉ अरुणा पाठक आभा विंध्य प्रदेश रीवा को सम्मानित किया गया श्रेष्ठ साक्षात्कारकर्ता के विश्व साहित्य शिखर सम्मेलन में।
22 सितंबर 2023 को शाम 7:00 बजे शेबराॅन होटल एसपी बंगले के सामने एमएस रोड मुरैना मध्य प्रदेश में तीन दिवसीय #विश्व साहित्यकार शिखर सम्मेलन 2023 की श्रृंखला का तीसरा #कवयित्री सम्मेलन सत्र के रूप में संपन्न हुआ। आयोजन के #कवयित्री सम्मेलन सत्र की #अध्यक्षता हिंदी भोजपुरी की सुप्रसिद्ध रचनाकार डॉ मधुबाला सिन्हा मोतीहारी बिहार…
आजादी का पर्व मनाते,भारतवासी शान से!
आजादी के महापर्व पर समर्पित देश भक्ति कविता:-1-आजादी का पर्व मनाते,भारतवासी शान से!अगस्त15 याद दिलाता, जीना है सम्मान से॥मुगल हटाये सत्ता से, तो अंग्रेजी शासन आया!इंकलाब हो जिंदाबाद, तब वीरों को नारा भाया॥किया सफाया उनका हमनें, अपना सीना तान के!आजादी का पर्व मनाते भारतवासी शान से॥2- आज तिरंगे से ही मेरी, दुनियाँ में पहिचान है!करते…
सम्पादकीय : इंडिया / भारत , जी-20 में ‘भार-त’ का चमका सितारा
अभी हाल ही में जी–20 शिखर सम्मेलन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ, जिसकी न सिर्फ मेजबानी अपितु अध्यक्षता भी अपने देश भारत ने की । यह गौरवशाली पल रहे सभी भारतवासियों के लिए । विशेष तौर से इसलिए भी कि भार – त विदेशी मीडिया में और कुछ गिने–चुने देशों ने इसे भारत के लिए बहुत बड़ा…
तंबाकू धीमा धीमा फैलता जहर
छोटे-छोटे पाउच में बाजार में अंधाधुंध बिकने वाला गुटखा, खैनी, पान मसाला बड़े चाव के साथ खाया जाता है। भारत में तो जिसको देखो, गुटका खाया और सड़क पर थूका। सड़कों पर तो थूकने वाले अपनी बापौती समझते हैं। समझे भी क्यों ना? आखिर गुटका खरीदने के लिए पैसे भी तो खर्च किए हैं। भारतीय…
(व्यंग्य) मेरी भाषा मेरा देश अभियान की अनसुनी कवर स्टोरी..!
आजकल भाषा की जंग मची है तो सोचा मै भी बहती गंगा में हाथ धो लूं क्योंकि मेरी भाषा वैसे भी ओवैसी टाईप की है । भारत में जी 20 सम्मेलन और भारत बनाम इंडिया के बीच महासंघर्ष जारी है और इस लड़ाई में सबको एक पक्ष की तरफ से जरूर लड़ना ही होगा ।…
राजभाषा हिंदी अपनी सब हिंदी में बोलो जी
राजभाषा हिंदी अपनी सब हिंदी में बोलो जी। राष्ट्रभाषा शीघ्र बनेगी जय हिंदी की बोलो जी। बेटी है संस्कृत की हिंदी सभी भाषाऐं बहने हैं, सबका है सम्मान धरा पर भेद दिलों के खोलो जी। मां की बिंदी जैसी हिंदी सुंदर सरल सुहानी है, वैज्ञानिकता खरी कसौटी चाहे जैसे तौलो जी। हिंदुस्तान नाम हिंदी से…
हिंदी दिवस पर एक गीत
हिदी बोलें पढ़ें ,लिखें सब हिंदी को अपनाएँ – डॉ.गंगा प्रसाद शर्मा ‘गुणशेखर’ संस्कृत है वटवृक्ष राष्टृ की फैली सरल जटाएँ असमी,उड़िया, गुजराती औ मलयालम भाषाएँ तमिल,तेलगू,कन्नड़, बांग्ला सुंदर-सी शाखाएँ सब में मधु घोला है सारी अमृत ही बरसाएँ इनको छोड़ पराई माई कैसे गले लगाएँ. अपनी भाषा पढ़ेँ,लिखेँ औ उसको ही सरसाएँ।। जहाँ किसी…
