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अब चंदा मामा दूर के नहीं, अब एक टूर के-मोदी

भारत के महत्वाकांक्षी मिशन चंद्रयान 3 का लैंडर विक्रम सफलतापूर्वक चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरा, और दक्षिण अफ्रीका में मौजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली उस लैंडिंग को देखते हुए कहा, “यह क्षण मुश्किलों के महासागर को पार करने का है, और यह क्षण 140 करोड़ धड़कनों के सामर्थ्य का है…”प्रधानमंत्री ने कहा, “देशवासियों…

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वेकोलि एवं नराकास (का-2) के सयुंक्त तत्वावधान में राजभाषा कार्यशाला का आयोजन

सीएमडी ने किया “नमामि स्वतंत्रता सेनानी” पुस्तक का विमोचन वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (वेकोलि) मुख्यालय तथा नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) कार्यालय-2, नागपुर के सयुंक्त तत्वावधान में 07 जून 2024 को “राजभाषा कार्यशाला” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री जे पी द्विवेदी, निदेशक तकनीकी (संचालन तथा योजना/परियोजना) श्री ए के सिंह तथा…

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नव वर्ष 2024 की बधाई : सम्पादकीय

मनमोहन शर्मा ‘शरण’ नववर्ष 2024 आपके तथा आपके परिवारजनों के लिए, पूरे राष्ट्र के लिए शुभ हो, यही कामना और मेरी प्रभु से प्रार्थना है । कुछ नयापन करने के लिए प्रतिदिन नये उत्साह के साथ अपने कर्म पर जुट जाते हैं और बात जब पूरे वर्ष की हो, नए वर्ष में प्रवेश करने की…

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सोच बदलनी होगी।

गीता—अध्याय3 श्लोक5 न हि कश्चित् क्षणमपि जातु तिष्ठतिकर्मकृत। कार्यते ह्यवशःकर्मसर्वःप्रकृतिजैर्गुणैः।। श्लोक का दूसरा पद द्रष्टव्य है जिसमें इंगित है कि सारा मनुष्य समुदाय प्रकृतिजनित गुणों द्वारा परवश हुआ कर्म करने को बाध्य किया जाता है।इसी सन्दर्भ में एक अन्य श्लोक है– नियतं कुरु कर्म त्वम कर्म ज्यायो ह्यकर्मनः। शरीर यात्रापि च ते न प्रसिद्धयेदकर्मणः।।–श्लोक-8 –तू…

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भावों को उकेरती हूँ मैं कवयित्री हूँ

युवा कवयित्री सरिता त्रिपाठी जी के फेसबुक पटल पर मैं कवयित्री हूँ शीर्षक पर आधारित काव्य गोष्ठी के चार एपिसोड का आयोजन सफल हुआ। जिसमे दिए हुए शीर्षक पर सभी प्रतिभाग करने वाली कवयित्रियों ने स्वरचित रचनाओं का अपनी वाणी में लाजबाब प्रस्तुति देकर सभी दर्शको का मन मोह लिया। एक ही शीर्षक पर जब…

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“एहसास चाँद के” काव्यसंग्रह  की समीक्षा

समीक्षक:- कमल कांत शर्माएहसासों  को जीवन की सफलता के मामले में  एक बड़ा मानक माना गया है, और जब अपनें दूर जाकर रहने लगते है तो इन एहसासों को सहेजने, संभालने की और भी ज्यादा  आवश्यकता  महसूस की जाती है।  मधुर रिश्तों के लिए सबसे जरूरी होता है, आपसी सामंजस्य और समर्पण का भाव, और जब…

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दोहा : सास ससुर ससुराल है,

सास ससुर ससुराल है,साला सलहज दूर। आवत जावत मुह पिटे,नैन देखि मजबूर।। ननद मिताई बांध के, चलते रिस्ते नात। टूटी डोरी सांस की, झूठी सारी बात।। पाहुन घड़ी बिताय के, निकले अपने धाम। ठहरे जो पहरे पहर,बिगड़े सारे काम।। भोगे अपने भोग सब,अपने करमे हार। जीती -जाती जिंदगी,कर ली कैसे?क्षार।। साढू के घर जाइये,हाथ रहे…

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मैं “कंगना ” हूं सुन लो लोगों,

(सुनीता जायसवाल फैजाबाद उत्तर प्रदेश) अबला समझने की भूल ना करनाआऊंगी कलाई में “हथकड़ी” बनकरजेवर समझने की भूल ना करना! झुक गई हूं मैं जरा सा क्योंकि,मैं अदब की परवरिश हूँमेरी झुकी पीठ को तुम ,पायदान समझने की भूल ना करना! गिरेबान खाली नहीं तुम्हारा ,दुनिया भर की करतूतों से ,मेरे पाक दामन पर तुम,उंगली…

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डिज़ीज़ फ़्री इँडिया

कविता मल्होत्रा शक्ति, पावर, सत्ता का, आजकल हर तरफ बोलबाला है एक दूजे से आगे निकलने की होड़, हर मन का निवाला है ✍️ ये पश्चिमी सभ्यता के गहन प्रभाव का ही परिणाम है, कि आजकल समाज में विशिष्ट दिवस मनाने का प्रचलन है, जो तथाकथित आधुनिकता की देन है।कभी मातृ दिवस कभी पितृ दिवस…

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बनें रब का सेवादार

कविता मल्होत्रा (संरक्षक, स्तंभकार) “माता-पिता केवल शब्द नहीं ये जीवन का हैं सार ईश्वरीय श्रवण कुमार वही जो सृष्टि का सेवादार” शिक्षा के क्षेत्र में अनेक प्रकार की संभावनाएँ होती हैं जो किसी भी व्यक्ति के अस्तित्व को तराश कर एक सुघड़ आकार देतीं हैं।हर व्यक्ति की पसंद अलग होती है।अपनी पसंद के अनुसार हर…

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