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रब की रज़ा में राज़ी रहना आ जाए तो हर पल विशेष है

क़ुदरत के करिश्मों पे स्वामित्व जताता राख का अवशेष है ईश्वर की रज़ा में राज़ी रहना आ जाए तो हर पल विशेष है ✍️ आज हर तरफ अशाँति और अफ़रा तफ़री का माहौल है, क्यूँकि हर कोई अस्थायी संपत्ति और संबंधों पर अपना स्वामित्व जता कर खुद को महान साबित करने पर तुला है।महानता तो…

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“परदे में रहने दो, परदा न हटाओ……।” – मनमोहन शर्मा ‘शरण’ (सम्पादकीय)

बात फिल्मों की करें या उसमें प्रस्तुत संगीत-गीत की वे सब भी हमारे ही बीच से हमारे लिए सृजित होते हैं। फिर एकाएक गीत बनता है- “परदे में रहने दो, परदा न उठाओ परदा जो उठ गया तो भेद खुल जायेगा।” बात आजकल राजनीति की जोर-शोर से हो रही है। पिक्चर साफ हो चुकी है…

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कैसे वाजिब है 70-90 घंटे काम करना?

लंबे कार्य घंटों का महिमामंडन नहीं किया जाना चाहिए; इसके बजाय, टिकाऊ और कुशल कार्य अनुसूचियों पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए जो उत्पादकता और कर्मचारी कल्याण दोनों को बढ़ावा दें। संतुलित और प्रेरित कार्यबल बनाने के लिए समान वेतन संरचना और वास्तविक समावेशिता आवश्यक है। प्रणालीगत असमानताओं को पहचानना और उनका समाधान करना एक…

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मन-मन्दिर में

तब बचपन में घर के आँगन में बने मन्दिर में, मन्दिर के सामने रखे तुलसी के बिरवे को जल चढ़ाते हुए तुम्हारा ख्याल आता था                      ‘  मोहन ‘ तुम्हारा हँसना मुरली बजाना यमुना-तट पर गोपियों को रिझाना रिसियाना, अकुलाना और बुलाना कितना मधुमय लगता था तुम्ही मेरे कृष्णा हो, राधेय हो ज्ञेय-अज्ञेय हो, तुम्हीं…

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कोविड-19 टर्मिनॉलजी

(सारिका पंकज ) 1. हर्ड इम्युनिटी क्या है? 2.फिजिकल डिस्टेंसिंग से क्या अभिप्राय हैं? 3.क्या होता है इन्क्यूबेशन पीरियड? 4.पेशेंट 31 का अर्थ 5.आइसोलेशन तथा क्वारंटीन की परिभाषा 6.क्वारंटीन और आइसोलेशन में अंतर 7 आरटी-पीसीआर टेस्ट 8.ऐंटीबॉडी टेस्ट 9. लॉकडाउन की परिभाषा और कानूनी आधार  10. यूपीएससी प्रीलिम्स प्रैक्टिस क्वेश्चन हर्ड इम्युनिटी क्या है?- हर्ड…

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बजट

बजट के माध्यम से बढेगी गरीबों,मजदूरों, किसानो और महिलाओ की शक्ति सभी क्षेत्रों में योजनाओं से होगी वृद्धि राष्ट्र की बढेगी आर्थिक समृद्धि । अमीरो की हाय-हाय गरीबों का सौभाग्य अतिरिक्त टैक्स चार प्रतिशत गरीबों के लिए लाएगा अनेक वित्तीय उपहार। टेक्स स्लैब में बदलाव नहीं पाँच लाख आमदनी वालो को टैक्स देने का अधिकार…

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कभी मौन भी : पूनम पाठक

कभी मौन भी हो सकता है बेअसरभले स्वर अनोखा भाषा अलगमौन रहकर भी देखा है कभीक्योंकि इसकी प्रज्ञा प्रखरआंखों की भी जुबां होती हैफिर भी मौनी पर होता प्रहारकब तक मौन रह सकता है कोईभला आधुनिक दुनिया मेंपल-पल सहता रहे कष्टमहसूस ना हो किसी को तनिकआखिर कब तक ऐसा करे कोईमौन रहने पर दिल टूटता…

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तब कविता कुछ कहती है

व्यथा से मन की उर्वर भूमि में भावो का रोपण होताकरुणा संग सींचा जाता शब्दों सेतब कविता कहती है। वेदना के स्वर पत्थरों पर गुजर कर पिघला देतेरस की धारा बहती कलम चलती तब कविता कहती है। हृदय की टीस आंसुओं से ना निकल कर कलम सेकरुणावर्षा होती धरा के आंचल तब कविता कहती हैं।…

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15 अगस्त 1947, स्वतंत्रता दिवस का इतिहास : कर्नल सारंग थत्ते (सेवा निवृत्त)

हमारी आज़ादी की लड़ाई में 9 अगस्त 1942 का दिन बेहद महत्वपूर्ण था जब गाँधीजी ने भारत छोड़ो आंदोलन की घोषणा की थी. यह वह समय था जब दूसरा विश्व युद्ध अपनी चरम सीमा पर था. अमेरिका को हार का ख़तरा नज़र आ रहा था, इसलिए राष्ट्रपति रूज़वेल्ट ने कर्नल जॉनसन को भारत भेजा था…

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धुंध में लिपटी राजधानी

– राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित”   शिक्षक एवम साहित्यकार   दीपावली के तीन दिनों बाद हमारे देश की राजधानी दिल्ली धुंध के काले आवरण से ढँक चुकी थी।दिल्ली में पिछले कुछ वर्षों से प्रदूषण की दर बढ़ती जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 1600 बड़े  शहरों में दिल्ली प्रदूषण में सबसे आगे हैं। भारत…

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