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कनाडा दिवस पर अनूठी पहल ‘संस्मरण-ए-संवाद’ का आयोजन

मनस्विनी वैंकूवर कनाडा की प्रणेता शिखा पोरवाल व अस्मिता लॉरेंस ने बताया कि कनाडा दिवस पर एक अनूठी पहल करने जा रहे हैं.. “संस्मरण-ए-संवाद”आपकी मेरी कहानी अप्रवासी भारतीयों की आप बीती अपनीजुबानीइस कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि हैं-आदरणीय साहित्यकार मनमोहन शर्मा “शरण”जी सम्पादक /प्रकाशक (अनुराधा प्रकाशन) भारत से ,आदरणीय नूतन ठाकुर जी वैंकूवर कनाडा से ,…

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केजरीवाल बोले, मीडिया की स्वतंत्रता पर हमला जनता की आवाज दबाने के बराबर

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार (15 फरवरी) को कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और उसकी स्वतंत्रता पर हमला जनता की आवाज दबाने के बराबर है। उनकी यह प्रतिक्रिया आयकर विभाग द्वारा कथित कर अपवंचना की जांच के अंतर्गत दिल्ली और मुंबई में बीबीसी के कार्यालयों तथा दो अन्य संबंधित स्थानों…

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आजादी के सही मायने, संसद में हंगामा करने वालों से समझिए.

पंकज सीबी मिश्रा, राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी             स्वतंत्रता दिवस हर वर्ष मनाते है और प्रतिवर्ष एक नई स्वतंत्रता खुद के लिए जोड़ लेते है। इस वर्ष भी एक स्वतंत्रता हमने बड़ी सरलता से प्राप्त कर ली और वह है संसद में हंगामा करना और सिटिंग चेयर पर्सन को अपमानित करना। इस प्रकार…

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कब तक बचोगो पाकिस्तान……: कुशलेन्द्र श्रीवास्तव

                                                                                                                 राजनीतिक सफरनामा बच गया पाकिस्तान, लगता है उसकी किस्तम ही अच्छी थी, वरना अब तक तो वहां तिरंगा लहरा रहा होता । हम तो पूरी तरह तैयार भी थे आम लोगों ने भी मानसिकता बना ली थी कि रोज-रोज की झंझट से अच्छा है कि एक बार में ही निपटा लो । हम भारतवासी…

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कमी अपनी परवरिश में

मालती ने आज पूरा घर फिर सर पर उठा रखा था। ससुर जी के खत्म हो जाने के पश्चात यह अब आम बात हो गई थी। मालती की सास दयावती खून का घूंट भरकर रह जाती। मालती अपनी छोटी बहन को पढ़ाई करने के लिए अपने साथ रहना चाहती थी लेकिन घर पर जगह उपलब्ध…

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किंकर्तव्यमूढ़ समाज के चारों तरफ क्यों जमी है धुंध.!

पंकज सीबी मिश्रा, राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी हम वही देखते है जो हमें दिखाया जाता है जबकि वास्तविक चित्र अब भी धुंधला है और धूर्त नेता इस चित्र के आगे कुंडली मार बैठे है। आपको समाज का सबसे निकृष्ट व्यक्ति साबित करने में इन्हे केवल दो मिनट लगता है जबकि इनका वीआईपी कल्चर…

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बारीश कि बूंदें

मनीषा गुप्ता ‘मिशा’ छ्त पर पड़ती बारिश की बूंदे आज  जैसे  फिर राज को अतीत कि तरफ़ खींच रही थी। एक एक बुदं राज के दिल पर नश्तर कि तरह चुभ रही थी । बरसो जिन बुदों से पीछा  छुड़ा कर वो भाग रहा था आज वक्त  ने फिर उसको उसी जगह आने को मजबुर…

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नही है कोई रक्षक तेरा ऐ भारत की नारी

नही है कोई रक्षक तेरा ऐ भारत की नारी। करनी होगी तुझ को खुद ही अब अपनी रखवारि। वन कालका या बन चंडी कौइ भी रूप अपना। हाथों मे हथिआर लेकर, तू दैत्य संहार कर डाल। कोई नही आयेगा आगे,कभी तुझ को बचाने। पर आ जायेगें कैई राक्षस ,तुमको जिन्दा जलाने । बंद कर दे…

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सच बोलना सख्त मना है

यह रोशनी जिसे तुम अंधेरे के खिलाफ  ‘जागृति’ कह रहे हो वक्त के पिछडेपन को दूर करने की रीत है          भीतर का अंधेरा           अभी डरा रहा है            रह-रहकर उजाले मे            उभरती परछाइयां …            खुली हुई लाशे बन जाती हैं            गाती गांधी का गीत हैं            देखो,            सूरज  का…

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गरीब-मजदूर पर बड़ी चोट पड़ी : मन की बात (पीएम)

मन की बात: देश में जानलेवा कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘मन की बात’ की. पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के मुकाबले भारत में कोरोना वायरस कम फैला है. हमें अभी और सावधानी बरतनी होगी. उन्होंने कहा कि दो गज की दूरी का नियम हो, मुंह पर मास्क…

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