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जिग्मे सिंगये वांगचुक : भूटान के आधुनिक निर्माण और भारत-भूटान मित्रता के शिल्पकार

भूटान के पूर्व राजा जिग्मे सिंगये वांगचुक (K4) ने अपने दूरदर्शी नेतृत्व से देश को आधुनिकता, लोकतंत्र और सांस्कृतिक संरक्षण के संतुलन पर खड़ा किया। उन्होंने सकल राष्ट्रीय सुख को विकास का मूल दर्शन बनाया और भारत के साथ जलविद्युत कूटनीति के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता की नींव रखी। भारत-भूटान संबंधों को उन्होंने पारस्परिक विश्वास…

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जो इस देश का नागरिक है, उसे राष्ट्रगान गाना चाहिए : शाहनवाज

बिहार के उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने शुक्रवार को यहां कहा कि राष्ट्रगान में किसी को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो इस राष्ट्र का नागरिक है, उसे राष्ट्र से प्रेम करना चाहिए और राष्ट्रगान को निश्चित रूप से गाना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी के सहयोग कार्यक्रम में उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज…

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मासूमियत से मशरूफियत

इस दुनिया में मासूमियत से जब हम- मशरूफियत की और बढ़ते हैं लगता है हर रिश्ते के मायने बदल जाते हैं पहले ज़रा सी चोट लगने पर भी रोते थे अब दिल पे ज़ख्म खा कर भी मुस्कुराते हैं यारो संग उठना बैठना और खाना पीना , जश्न में हंसना नाचना और गाना बजाना अब…

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शिल्पी चड्डा स्मृति सम्मान, 2021-  परिणामों की घोषणा

सविता चड्डा जन सेवा समिति द्वारा प्रत्येक वर्ष 12 दिसंबर को दिए जाने वाले चार पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। शिल्पी चड्डा स्मृति सम्मान :  डॉ. मंजु रूस्तगी, चेन्नई  हीरो में हीरा सम्मान: श्री ओम प्रकाश प्रजापति, ट्रू मीडिया, दिल्ली गीतकारश्री सम्मान :  डॉ. मधु चतुर्वेदी,गजरौला  साहित्यकार सम्मान : श्री राजेंद्र नटखट ,…

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(रिश्तों की हत्या का आधुनिक ट्रेंड) 

नौकरी लगते ही पतियों को छोड़ रही हैं आधुनिक औरतें “रोज़गार मिला, रिश्ते छूटे,जिसने पढ़ाया, वही पराया हो गया” विवाह अब त्याग और समर्पण की बजाय स्वार्थ और स्वतंत्रता की शरण में चला गया है। अनेक मामले सामने आ रहे हैं जहाँ पति ने पत्नी को पढ़ाया, नौकरी लगवाई, पर जैसे ही वह आत्मनिर्भर हुई,…

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कौन सा अभिप्राय लेकर जिन्दगी जीने लगे

सम्पन्न हो तुम देख लो, वो फटे पट सीने लगे।। बहुत जर्जर हो गई थी , मेरे माँ की लूगरी। और कोई भी नही थी , धौत बस्त्र दूसरी ।। दूसरी होती नये परिधान में, वो खिलखिलाती। लोकलज्जा से विवस , डरकर न यूँ ही सहम जाती ।। लाज आखिर लाज है , चैतन्यता की…

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किसान

  अन्न उपजाता है जगत हित   वह जग के लिए वरदान है।   कृषक अपने श्रम से करता   जगतपोषण का अवदान है।    अन्न मोती के लिए किसान     लू के झोंके से भी लड़ता।    गेहूं की बालियों के लिए    सघन शीत लहरों में अड़ता।    क्षुधापूर्ति होता है जग का…

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भारतीय राजनीति में आज भी प्रासांगिक एव अद्वीतीय है महात्मा गांधी (पुण्य तिथि-30 जनवरी पर विशेष)

लाल बिहारी लाल भारत में सत्ता दिल्ली सलतनत से मुगल साम्राज्य फिर मुगल से जब सत्ता अंग्रैजो के हाथ में गई तो पहले अंग्रैजों का व्यापारिक उदेश्य था पर धीरे-धीरे उनका राजनैतिक रुप भी समने नजर आने लगा। और वे अपने इस कुटिल चाल में कामयाब भी हो गये । धीरे –धीरे उनके क्रिया-कलापों के…

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स्वस्ति फाउंडेशन ट्रस्ट छत्तरपुर, नई दिल्ली

स्वतंत्रत भारत की 75 वीं वर्षगांठ और आज़ादी के पावन महोत्सव के उपलक्ष्य में आज 15 अगस्त के दिन छतरपुर फेस वन में स्वस्ति फाउंडेशन ट्रस्ट एनजीओ और यूथ क्लब मेंबर्स छतरपुर की ओर से स्वतंत्रता दिवस समारोह कार्यक्रम को भव्य और विराट तरीके से मनाया गया।इस समारोह के मुख्य अतिथि मेजर जनरल श्री रंजीत…

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मप्र में दोहराएंगे कर्नाटक की जीत, 150 सीट जीतेंगे : राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि पार्टी ने कर्नाटक में जो किया उसे मध्य प्रदेश में दोहराने जा रही है। पार्टी इस साल राज्य में 150 सीटें जीतेगी। उनकी टिप्पणी मध्य प्रदेश पर एक बैठक के बाद आई जिसकी अध्यक्षता कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने की। बैठक में राहुल गांधी, पार्टी महासचिव…

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