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राष्ट्र, समाज और संघ: शताब्दी की नयी दृष्टि

संघ की शताब्दी यात्रा का उद्देश्य केवल संगठन विस्तार नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों में संतुलन, संस्कार और एकता लाना है। डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि भारत अखंड है और हिन्दू राष्ट्र की भावना जीवन और संस्कृति में निहित है। संघ का कार्य निःस्वार्थ सेवा, शिक्षा में संस्कार और सामाजिक उत्थान पर केंद्रित…

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नकाब में सफेदपोश  : देते है भगवान को धोखा, इंसा को क्या छोड़ेंगे..!

पंकज सीबी मिश्रा, राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी मंदिरों और स्कूलों में आया धन जनता का धन होता है। यह भगवान और माँ सरस्वती के नाम पर श्रद्धाभाव से अर्पित किया जाता है, हलांकि ईश्वर तो बस श्रद्धाभाव से पत्रं पुष्पं फलं तोयं के ही आकांक्षी हैं  लेकिन विद्या का मंदिर कही कही तो…

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डीपफेक और 2024 का चुनावी रण

हमने लगता है कि डीपफेक का जन्म 21 वीं सदी में हुआ है, इंटरनेट के आने के बाद, जबकि इसकी जड़ें बड़ी गहरी हैं, जिसका जिक्र मैं बाद में करूँगा। विश्व की सबसे बड़ी पार्टी ने जब अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उम्मीदवारों की नसीहत दी कि डीपफेक…

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राहुल मिसाईल का भी परीक्षण कर रहा पाकिस्तान ! (व्यंग्य लेख)

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और पूरी कांग्रेस टीम मे  सबसे प्रतिभाशाली नेता राहुल गांधी हमेशा सुर्खियां बटोर ही लेते है । इस बार तो राहुल गांधी ने जैसे कमाल ही कर दिया ,उन्होंने कश्मीर के ऊपर नकारात्मक टिप्पणी करके पाकिस्तान को यू एन मे राहुल मिसाईल लांच करने का अवसर दे दिया और तो और …

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राजभाषा हिंदी अपनी सब हिंदी में बोलो जी

राजभाषा हिंदी अपनी सब हिंदी में बोलो जी।  राष्ट्रभाषा शीघ्र बनेगी जय हिंदी की बोलो जी। बेटी है संस्कृत की हिंदी सभी भाषाऐं बहने हैं,  सबका है सम्मान धरा पर भेद दिलों के खोलो जी। मां की बिंदी जैसी हिंदी सुंदर सरल सुहानी है,  वैज्ञानिकता खरी कसौटी चाहे जैसे तौलो जी। हिंदुस्तान नाम हिंदी से…

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ये लाल टोपी वाले तेरा नाम तो बता !

राजनीतिक सफरनामा   कुशलेन्द्र श्रीवास्तव अब उत्तर प्रदेश की राजनीति ‘टोपियों’’ पर जाकर उलझ गई है । राजनीति को तो किसी न किसी बिन्दु पर जाकर उलझना ही था सो वह टोपी पर उलझ गई । वैसे तो राजनीति को उलझने के लिए विकास नाम की चादर मिली हुई है पर यह चादर फट चुकी…

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इंडो नेपाल हास्य कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन

कल दिनांक 23 नवंबर 2019 को साहित्य कला विकास मंच दिल्ली द्वारा आयोजित कार्यक्रम में इंडो नेपाल हास्य कवि सम्मेलन का भव्य कार्यक्रम दिल्ली के दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थित मालवीय स्मृति भवन में किया गया । कार्यक्रम का उद्देश्य दोनों देशों के बरसों से चले आ रहे सांस्कृतिक संबंधों में और प्रगाढ़ता लाना…

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उम्र का तकाज़ा है पर ज़िन्दा हैं अरमान अभी

“उम्र का तकाज़ा” है कि छोड़ दूँ तमाम सुखों की ख़्वाहिशें करना और साथ बढ़ती उम्र के बढ़ती ज़िम्मेदारियों के बोझ तले दब पिस कर फ़ना कर दूँ हस्ती अपनी किसी भी आम इंसान की मानिंद… लेकिन ऐसा होगा क्या? मुमकिन तो नहीं सब की मर्ज़ी हो जो वही मर्ज़ी हो मेरी भी कैसे ख़त्म…

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चेहरा उसका शगुफ़्ता सा गुलाब लगे है…

चेहरा उसका शगुफ़्ता सा गुलाब लगे है उजली शब का वो मुनव्वर माहताब लगे है l जब भी देखा है उसे तारीकियों से लड़ते वो फ़लक पर इक चमकता आफताब लगे है l क्या करें तारीफ़ हम उस जल्व ए जाना की सिर से पाँ तक जो ग़ज़ल की इक क़िताब लगे है l सब…

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लघुकथा: “चार बजे की माँ”

(लेखिका: डॉ. प्रियंका सौरभ) सुबह के चार बजे थे। बाहर अभी भी अंधेरा पसरा था, मगर प्रियंका की नींद खुल चुकी थी। अलार्म बजने से पहले ही उसकी आँखें खुल गई थीं — जैसे उसकी जिम्मेदारियाँ अलार्म से भी पहले जाग जाती हों। बिस्तर छोड़ते ही ठंडी ज़मीन पर पैर रखते हुए एक ही ख्याल…

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