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गोकुल ने रंग लगाया

सतरंगी डोली में बैठीहोली आई रे। ऋतु बसंत की ओढ़ चुनरिया होली आई रे। मधुऋतु की आंखों को जब,मौसम ने किया गुलाबी,बासंती बयार ने फागुन,को कर दिया शराबी। झूम-झूम कर फाग सुनाती होली आई रे। हर आंगन में रंग बिछे हैंमन की चूनर गीली,धरती गगन हुए सतरंगे,प्रकृति हुई रंगीली। लगा प्रीति का काजल देखो होली…

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जीवन में बढ़ता हुआ “विकल्प “ सही या ग़लत ?

आधुनिक युग में जीवन में बढ़ता हुआ विकल्प चुनौतियां लेकर आता है ,चुनौतियों को अस्वीकार करना ही जीवन संघर्ष बन जाता है और तब जीवन में विकल्प की कमी हो तब विकल्प ढूँढो ताकि जीवन में एक नए मौके मिलतेरहे ….क्योंकि नए मौके जीवन को नई उम्मीद के साथ जोड़कर जीवन को सफलता की ओर…

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अयोध्या पर फैसला

न्यायालय के फैसले, का सम्यक सत्कार नहीं किसी की जीत ना, हुई किसी की हार राजनीति के खेल में, उलझ गए थे राम आशा है लग जाएगा, उस पर पूर्ण विराम इस न्यायिक प्रक्रिया में, शामिल थे जो लोग अभिनन्दन हर किसी का, जिस जिस का सहयोग पांचों पंचों को करूं, बारंबार प्रणाम दर्ज हुआ…

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केजरीवाल बोले, मीडिया की स्वतंत्रता पर हमला जनता की आवाज दबाने के बराबर

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार (15 फरवरी) को कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और उसकी स्वतंत्रता पर हमला जनता की आवाज दबाने के बराबर है। उनकी यह प्रतिक्रिया आयकर विभाग द्वारा कथित कर अपवंचना की जांच के अंतर्गत दिल्ली और मुंबई में बीबीसी के कार्यालयों तथा दो अन्य संबंधित स्थानों…

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बाबू के सपने का सफल मंचन

महामारी के इस दौर में जहाँ मनोरंजन के साधन के रूप में केवल टीवी ही रह गया था जब सरकार द्वारा रंगमंच के क्षेत्र में कुछ छूट मिली तो दर्शको ने इसे तुरंत स्वीकार किया. गत 29 अगस्त को दिल्ली के अक्षरा सभागार में पंचानन पाठक हास्य नाटक समारोह के अंतर्गत बाबू के सपने का…

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सोनाली सिंघल जी की शुभकामना एवं कविता

अनुराधा प्रकाशन के संपादक श्री मनमोहन शर्मा जी की मैं दिल से सदैव ही अभारी रहूंगी जबसे उनसे जुड़ी हूं उनका व्यवहार हमेशा घर के सदस्यों जैसा ही रहा है, मेरे सुख दुख में वे सदैव ही जुड़े रहें , और अनुराधा प्रकाशन को एक परिवार का रूप से सभी को जोड़े रखा है.. अनेक…

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सावन का भोर

(ग़ज़ल) सावन का ऐसा!भोर होते देखा। घनों काआपसीशोर होते देखा। ब्रह्माण्ड की थी ऐसी जगमगाहट। धरा को सुंदरऔर गोर होते देखा।                   सावन का ऐसा।।।।। पवन के झोंके हिलाए वटों को। बारिश का पानी जोर होते देखा।                    सावन का ऐसा।।।।। फूली चमेली है घर पर जो मेरे। उसकोभी मौजे विभोर होते देखा।                     सावन…

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वाराणसी के लोकप्रिय नेता है दयाशंकर मिश्र दयालु , रहते है सर्वसुलभ !

 वाराणसी को भाजपा का गण कहा जाता है क्योंकि  काशी ने ही मुरली मनोहर जोशी जैसा मजबूत संघ विचारक , सांसद  नेता और महेंद्र नाथ पांडेय जैसा जनप्रिय मंत्री दिया है । वर्तमान राजनीति में वाराणसी में विधानसभा चुनावों में एक जो सबसे चर्चित और लोकप्रिय चेहरा नजर आ रहा वो है राज्य सरकार में…

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विश्व रेडियो दिवस पर विशेष

यशपाल सिंह रेडियो दिवस के इस अवसर पर जब मैं पिछले 50-55 साल का रेडियो का इतिहास याद करता हूं तो बचपन से लेकर आज तक रेडियो के कई दौर याद आते हैं । गांव की चौपाल में रखा एक बड़ा सा रेडियो, हाथ हाथ में घूमता ट्रांजिस्टर, विविध भारती और बिनाका गीतमाला, अमीन सयानी,…

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आओ करे ये सतत प्रतिज्ञा

नारी को सम्मान नहीं तो बताओ क्या दोगे बेटी को घर में मान नहीं तो बतलाओ क्या दोगे एक घर सुधरने से बोलो क्या बदलेगा हर सोच बदलने का प्रण बोलो कब लोगे 🌹☘️ जब तक सारी कायनात ना बदले तो सब बेकार जब तक अर्न्तमन ना स्वीकारे हर तरफ है हार हर तरक्की हर…

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