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देश में कोरोना की दूसरी लहर, नहीं संभले तो बरपेगा कहर

नई दिल्‍ली : देश में कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर लगातार बढ़ रही है। केंद्र सरकार पहले ही राज्‍यों को इस बारे में आगाह कर चुकी है कि यदि  समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति विस्‍फोटक हो सकती है। 31 मार्च को बीते 24 घंटों में कोरोना वारयस संक्रमण के जो नए…

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बाबू जी की स्मृति में.. (कविता-6)

बाबू जी की याद बहुत ही आती हैं            स्मृतियों की विपुल राशि संग लाती है… बचपन की धुंधली तश्वीरें जुड़ करके जीवन की आपा-धापी से मुड़ करके नयनों से चुपचाप उतर कर अन्तस् में लगता जैसे पास मुझे वह बुलाती है….          बाबू जी की याद बहुत ही आती है          स्मृतियों की विपुल…

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आइए जलते हैं

आइए जलते हैं दीपक की तरह। आइए जलते हैं अगरबत्ती-धूप की तरह। आइए जलते हैं धूप में तपती धरती की तरह। आइए जलते हैं सूरज सरीखे तारों की तरह। आइए जलते हैं अपने ही अग्नाशय की तरह। आइए जलते हैं रोटियों की तरह और चूल्हे की तरह। आइए जलते हैं पक रहे धान की तरह।…

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सम्पादकीय : अहम को त्यागकर ही एकता संभव है

            31 अक्टूबर सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की जयंती को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाया जाता है । महान स्वतंत्रता  सेनानी भारत के पहले उप–प्रधानमंत्री एवं पहले गृहमंत्री सरदार पटेल जी की अनेक अन्य विशेषताओं में से जो सबसे प्रमुख रही कि उन्होंने भारतीय रियासतों को भारतीय संघ में मिलाने में अहम…

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खुद से खुद के सँवाद की लिपि को गढ़ा जाए

नववर्ष की ढेरों शुभकामनाओं के साथ एक नया प्रण लिखें समूची मानवता के उत्थान हेतु बिताया हर एक क्षण लिखें —- समय का महाकुँभ अपनी गति से निर्बाध चलता रहता है और हर साल अपने साथ अनेक खट्टी मीठी सँवेदनाएँ और  जीवन रूपी महासागर में आए मानसिक प्रदूषण की लहरों का कुछ कचरा भी अपने…

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एक झूठ

               एक प्रसिद्ध पत्रिका में लिखी हुई समस्या उसे अपने एक परिचित की समस्या सी लगी। थोड़ा सा और पता करने पर उसे महसूस हुआ कि यह कहानी तो शायद उसी परिचित व्यक्ति की ही है । उनकी पत्नी उन्हें छोड़कर अपने मायके में रह रहीं थीं । वे उनके ही पड़ोस में रहने वाले…

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गीत और ग़ज़ल को ऑक्सीजन देने वाला वट वृक्ष चला गया

सज्जनता, विनम्रता, सरलता और बड़प्पन सिखाना है तो डॉ. कुंअर बेचैन से सीखें। इतना बड़ा मुकाम हासिल करने के बाद भी कोई अहम नहीं पला। गीत के शलाका पुरुष और ग़ज़ल के उस्ताद डॉ. कुंअर बेचैन अति विशिष्ट श्रेणी में आते थे। वे अत्यंत विद्वान और सतत् विचारशील थे। मैंने, उनके कवि सम्मेलनों के उनके…

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“भव्य रंग महोत्सव -1 का सफल आयोजन

27 मार्च 2021 -शनिवार ” विश्व रंग मंच दिवस” के अवसर पर शादी पुर – रंजीत नगर,नई दिल्ली के “सफ़दर स्टूडियो” में “भव्य कल्चरल सोसाइटी” के सौजन्य से” भव्य रंग महोत्सव-१” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ हर्षित के मधुर स्वरों में गिटार के साथ गणेश वंदना के साथ किया गया। उसके बाद तीन…

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  क्रिकेटमय हो चुका है भारत

कुशलेन्द्र श्रीवास्तव भारत में चुनाव और क्र्रिकेट का बुखार चढा है । बहुप्रतीक्षित विश्वकप क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन भारत में हो रहा है । वैसे भी भारत में क्र्रिकेट सबसे लोकप्रिय खेल है ही तो जब विश्वकप हो रहा हो तो फिर आम आदमी को तो इस खेल से जुड़ना ही है सो जुड़ चुका…

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तुझसे इश्क इजहार करेंगे

मिलन प्रिये जब तुमसे होगा, दिल की हम तुम बात करेंगे। नयनों से हम नयन मिलाकर, तुझसे इश्क इजहार करेंगे।। इक दूजे का हाथ थाम हम, अपनी दिल की बात करेंगे। अपने दिलों के तरंग मिला, तुझसे इश्क इजहार करेंगे।। बाहों  में  बाहें  डाले  हम, प्रेम मिलन की बात करेंगे। इक  दूजे  को ले  बाहों …

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