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हमारी गुरु- शिष्य परम्परा

क‌ष्ण पक्ष को पार कर पूर्ण चंद्र हमें प्रेरणा देता है पूर्णता की। पंद्रह दिवस की कटाई -छटाई के उपरांत जो पूर्ण रूप उसे पूर्णिमा को मिलता है वह द्योतक है उसकी अविराम साधना का।शायद इसीलिए वर्ष की बारहों पूर्णिमा अपने आप में समृद्ध हैं,किसी ना किसी सांस्कृतिक सौष्ठव से। श्रावणी पूर्णिमा रक्षाबंधन का पर्व…

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राखी का पर्व

राखी  का त्योहार है प्यारा भाई बहन का रिश्ता न्यारा I राखी के धागे में बंधता भाई बहन का प्यार सारा। खुशी चहक चहक के कहती है बयार सुगंधित बहती है। मिष्ठान्न थाली में रख लाती भाई को प्रेम से खिलाती माथे ऊपर तिलक लगाती नारियल भी साथ में लाती। भाई देता है आशीष और…

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न्यूज़ पेपर और वेब पोर्टल में छपना हुआ बेहद आसान

न्यूज़ पेपर और वेब  पोर्टल में छपना हुआ बेहद आसान   जी हाँ दोस्तों, अनुराधा प्रकाशन पिछले १० वर्षों से ‘उत्कर्ष मेल’ राष्ट्रीय पाक्षिक समाचार पत्र प्रकाशित करता आ रहा है जिसका मूल केंद्र बिंदु “आपसी संवाद का सशक्त माध्यम है”   राष्ट्र भाषा के प्रचार प्रसार एवं नवोदित साहित्यकारों को मंच प्रधान करने के उद्देश्य से…

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जीवन का सार

गृहस्थी का दायित्व, कब अवसान देता है, गाड़ी-सा जीवन जिम्मेदारियों की सड़क पर, सरपट दौड़ता है, अहर्निश अविराम। स्व मनोरथ श्रम-भट्ठी में झोंकता है, स्वजनों के काम्यदान के लिए। तब प्रमोद-सरिता अविरल बहती है, परिजनों को भिगोती है अपने सुखदायी मेघपुष्प से। कर्तव्यों की वृत्ति अंततः जीर्ण बना देती है, पराश्रित बना देती है। बस…

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सुनाते रहे

खामियां, खामियां तुम गिनाते रहे। बेवजह ही हमें, तुम सुनाते रहे।। हो हमारी ख़ता, या तुम्हारी ख़ता। हर दफा ही तुम्हें, हम मनाते रहे।। माना आवाज में मेरी जादू नहीं। गीत तेरे लिए फिर भी गाते रहे।। अंधा कानून है, सुनते हम आ रहे। न्याय अंधों से हम क्यों कराते रहे। अपने महबूब को चाँद…

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जन भागिदारी के बिना पर्यावरण संरक्षण असंभव  है

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष (5 जून,) जन भागिदारी के बिना पर्यावरण संरक्षण असंभव  है लाल बिहारी लाल नई दिल्ली । जब इस श्रृष्टि का  निर्माण हुआ तो इसे संचालित करने के लिए जीवों एवं निर्जीवों का एक सामंजस्य  स्थापित करने के लिए जीवों एवं निर्जीवों के बीच एक परस्पर संबंध का रुप प्रकृति ने…

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दिल्ली की डॉ.सरला सिंह स्निग्धा को मिला नेपाल के अंतरराष्ट्रीय हिंदी काव्य रत्न मानद सम्मान

14 सितंबर 2024 को हिंदी दिवस के अवसर पर डॉ सरला सिंह स्निग्धा को “हिंदी काव्य रत्न” मानद सम्मान से सम्मानित किया गया। हिंदी दिवस पर देश-विदेश के 16वर्ष से लेकर 75 वर्ष के वयोवृद्ध रचनाकारों ने हिंदी पर अपने स्वरचित कविता को शेयर किया गया था। “शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन नेपाल,लुम्बिनी द्वारा हिन्दी…

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पौरुष पीड़ा,  .…

      *हाॅं मैं भी इंसान हूॅं* हॉं मैं पुरुष हूॅं मान हूॅं मुझे भीसम्मान हे। पौरूष का मुझमें भी निज अभिमान हे ! कठोरबल पराक्रमशक्ति साहस परिपूर्ण । अहंकार है मुझ में गर्व अपनी में आन हूॅं । कठिन हूॅं जटिल हूॅं मान भर ये शान है। करता मैं निजता में भी पूरा अभिमान हूॅं…

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शनि दोष से मुक्ति और धन-समृद्धि प्राप्ति के लिए विशेष दिन है शनि जयंती : डॉक्टर पवन शर्मा

हिंदू धर्म में शनि जयंती बहुत महत्वपूर्ण त्योहार है, जो हर साल ज्येष्ठ मास की अमावस्या के दिन भक्ति भाव से मनाई जाती हैं।शनि देव के अवतरण दिवस को ही उनकी जयंती के रूप में मनाया जाता हैं।शनि देव अन्य ग्रहों से बहुत अलग हैं, क्योंकि उन्हें शुभ ग्रह नहीं माना जाता है। शनि देव…

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कंजके (कन्या भोज)पर कविता

चलों चलों आज फिर से गुलजार करतें हैं बचपनवो छोले पूड़ी हलवेकी महक ताजाकर कंजक(कन्या) बनगुल्लक भरते हैं फिरपुरानी यादों से …हर पर्व अपनी महक और स्वाद लिए आता है,रह रह कर बचपन की याद दिलाता है,क्या वो दिन थे औरक्या थे जलवे,आहा! वो छोले,पूड़ी और हलवे!चलों आज फिर सेगुलजार करतें हैं बचपनमाँ अंबा की…

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