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नौकरी ही नहीं तो शिक्षक पात्रता परीक्षा के नाम पर ठगी क्यों ?

(   हरियाणा के मुख्यमंत्री का विधान सभा में जवाब कि प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों की अब जरूरत नहीं कितना शातिराना है सोचिये? जब प्रदेश में शिक्षकों की जरूरत ही नहीं तो फिर क्यों पिछले दस सालों से शिक्षक पात्रता के नाम पर बार-बार बेरोजगार युवाओं की जेब काटी जाती रही इनको तो सब पता ही…

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“मौसम खुशमिजाज है।”

बसंत यानि उल्लास। प्रेम और प्यार का आभास। ज़िन्दगी के लिए अति आवश्यक तत्व। गतिमान रहने के लिए एक आवश्यक बल। बसंत प्रतिवर्ष आता है। बीते वर्षों की कुछ यादें ताजा कर जाता है। फिर से मिठास भर जाता है। जीवन को महका जाता है। हर तरफ बिखरा हुआ रंग। रंग बिरंगे फूल खिले हुए।…

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हम पूरे समर्पण के साथ सेवारत हैं : PM मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने 73वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ऐतिहासिक लालकिले के प्राचीर से राष्ट्र को सम्बोधित करते हुए कहा, देशवासियों ने जो काम दिया, हम उसे पूरा कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि सत्तर साल में अनुच्छेद 370 को हटाया नहीं गया, लेकिन उनकी सरकार ने 70 दिन के भीतर उसे समाप्त कर दिया।…

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पिता (कविता-10)

इस संसार में आकर ,हमनें पिता को शीश नवाया हैं। हमारे रूप को देखकर ,पिता ने अपने रूप को हममें देखा हैं।। जब हम हँसते मुस्कराते हैं ,पिता ने हममें अपनी मुस्कान को पाया हैं। जब हम व्याकुल दुखी होते हैं, पिता ने भी हमारे सभी दुखो को समेटा हैं।। माता ने पिता को पाकर…

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सास गयी ससुराल गया

        जिस तरह मां के न रहने पर बचपन चला जाता है , ठीक उसी तरह सास के जाने पर भी एक बहू का रूप खत्म हो जाता है और बाकी लोग केवल पट्टीदार की भूमिका में रह जाते हैं। वह लाड़-प्यार ,डांट डपट सभी केवल याद बनकर रह जाते हैं जो जीवन भर एक…

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कविता क्या है

कविता क्या है शब्दों के अथाह समंदर से चुनकर पिरोई गई शब्दों की माला। जब कवि के ह्रदय में प्रज्वलित होती है ज्वाला तन मन यूँ सुलगे जैसे पी आया हो हाला तब बनती है शब्दों की माला । कविता क्या है शब्दों के फूलों से सजाया गया शब्दों का गुलदस्ता । जब कवि के…

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शिव का सावन

शिव शंकर भोले भंडारी , तेरी महिमा ही बड़ी निराली, मस्तक पर है त्रिनेत्र, कहते इनको त्रिपुरारी । विषधर नीलकंठ में शोभा पाते, हिमकर जटा में सजाते, गले में मुण्ड माल है पहनते, कैलास में ये वास करते । सावन माह है अति पावन , शक्ति ने किया शिव वरण, शक्ति शंकर को है अति…

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नववर्ष की बधाई

v नये नये उमंग हैं नये नये तरंग नववर्ष की नवकिरण में हर तरफ लाये उमंग ही उमंग। अम्बर से आई किरण लेकर प्रकाश की लालिमा पीछे छुट गया काली रात और उसकी काली कलिमा। बीत गये एक वर्ष खट्टे मीठे अनुभव लाएगी आशा का संदेश ऐसा सोचे हर मानव। बनी रहे आचार विचार ऐसा…

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शिक्षा वही जो राष्ट्र का गौरव बढ़ाए

शिक्षा ही तो इंसान को संस्कार दे चरित्रवान बना जीवन के पथ पर आगे बढ़ने को प्रेरित करती है। शिक्षा राष्ट्र निर्माण का आधार है,तो शिक्षक ही कर्णधार।शिक्षक ऐसा चाहिये,जैसे हो माटी कुम्हार,ठोक ठोक कर घट गढ़े, करा दे बेड़ा पार। बच्चे की पहली गुरु माँ पिता दिखाये स्कूल की  राह!शिक्षक उसे इन्सान बनाये,कमियों को…

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पथ के हो राही

पथ के हो राही तुम हो पथिक थक के न हारो  थोड़ा  भी तनिक थोड़ा धीरज धर   बढ़ते जाना एक दूजे का   मनोबल बढ़ाना, आएंगी  बाधाएं हजार साहस को तुम   बनाना आधार, टेड़ी मेड़ी    होगी डगर चलते जाना    तुम हो निडर, आएगी जो भी     है रुकावट वो तो होगी   बस क्षणिक… पथ के हो राही…

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