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।। हिंदी दिवस ।।

हिंदी है मान हमारी, हिंदी है शान हमारी। हिंदी है अभिमान हमारा, तो हिंदी है गौरव हमारा।। इसमें ना कोई ऊच है, और ना ही कोई नीच। इसलिए, तो आज हिंदी है, हम लोगों के बीच।। सबके मन को भाती है और, सब के दिलों पर करती है राज। इसलिए इसको बोलने वाला हर, कोई…

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काल और उसके रहस्य : आशा सहाय

जब कब अब और तब जैसे शब्द निरर्थक हैं अगर इनके साथ काल नहीं जुड़ा हो।पूर्वोक्त शब्दों से हम काल को मापने का दम्भ भरते हैं। वस्तुतः भौतिक दृष्टि से इसे मापना अत्यंत कठिन है। यह अपनी व्यावहारिक सुविधा के लिए करना चाहते हैं ताकि दो घटनाओं के मध्य की स्थिति को हम मस्तिष्क मे…

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(अंबेडकर जयंती विशेष)

“लोकतांत्रिक भारत: हमारा कर्तव्य, हमारी जिम्मेवारी” जनतंत्र की जान: सजग नागरिक और सतत भागीदारी लोकतंत्र केवल अधिकारों का मंच नहीं, बल्कि नागरिकों के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का साझेधार भी है। भारत जैसे विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में नागरिकों की भूमिका केवल वोट देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्हें न्याय, समानता, संवाद, स्वच्छता, कर…

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चुनाव में आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करने वालों पर कड़ी कार्यवाही हो :सिंधिया

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने चुनावों में नेताओं द्वारा आपत्तिजनक उल-जलूल भाषा का प्रयोग किये जाने को गंभीर मुद्दा बताया और मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘‘चुनाव प्रचार में ऐसे शब्दों के प्रयोग की निंदा होनी चाहिए। ऐसे अनेक उदाहरण देखने को मिल रहे हैं, जिसमें राजनीतिक भाषा का स्तर गिरता जा…

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बेटियों पर अत्याचार : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव

बेटियों पर बढ़ती दरिंदगी, आखिर समाज को हो क्या गया है ? यह प्रष्न तो अब स्वाभाविक रूप् से सामने आने लगा है । व्यक्ति इतना दरिंदा भी हो सकता  है ? समाज के इस घिनौने रूप् की कभी कल्पना भी किसी न की होगी । एक के बाद एक घटनायें घटती जा रही हैं…

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मैं जानता हूं

                            मैं जानता हूंँ                        कि बड़े- बड़े चट्टान                       हो जाते हैं मिट्टी- धूल।                     जब मानुष अपनी आलस,                अपनी नाकामी को जाता है भूल।                     मिल जाता है लक्ष्य उसे                  बन जाता जब है वो कलाम।                जब नहीं भीत होता है काँटों से                 बन जाता है मिसाल का नाम।…

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नोसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने किया अनुराधा प्रकाशन की पुस्तकों एवं ‘उत्कर्ष मेल’ का लोकार्पण

नयी दिल्ली ; 19 जून (सोमवार) का दिन अनुराधा प्रकाशन परिवार के लिए प्रभु कृपा बनकर आया .अनुराधा प्रकाशन के संस्थापक एवं संपादक मनमोहन शर्मा ‘शरण’ तथा कमांडर मनोज चौधरी जी का नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार जी के कार्यालय जाना हुआ, इस अवसर पर नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार जी द्वारा कमांडर…

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पहचान : शशि महाजन

आज मेरा पहला उपन्यास छप कर आया है , इसे मैंने पापा को समर्पित किया है , जो हूँ आज उन्हीं की वजह से हूँ। यूँ तो कुछ साल पहले तक मैं उनसे नफरत करता था , उन्हें पापा भी नहीं कहता था , कोशिश करता था कि उनसे बात ही न करनी पड़े ,…

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दुनियादारी

जो खुद से ही अंजान है उसे क्या दुनियादारी समझाई जाए, एहसान जितनों के हैं हम पर चलो उनसे ही यारी निभाई जाए। होगा कभी यूं भी कि वह खुद से दोस्ती कर लेगें बड़े कठिन हैं रास्ते इस मंजिल के चलो खुद को भी समझाया जाए। टूटते, जुड़ते, बिखरते हैं जो शख्स चिंगारियों को…

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जनहित में जो अब जरूरी हो गया है

डॉक्टर सुधीर सिंह जनहित में जोअब जरूरी हो गया है आदमी का आचरण ही बदल गया है, खून का रिश्ता भी  पराया हो गया है। जिनको लोग कल अपना समझते थे, वही छिपकर  आघात  करने लगा है। घर-बाहर जालसाजों  का  जमावड़ा, ईमानदारी  का  मजाक उड़ा  रहा है। चरित्रवान  पर  व्यंग्य-वाण छोड़ कर, खुलेआम उनको  घायल …

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