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मातृभूमि

देखो मदान्ध हो ड्रैगन ने, फिर हमको ललकारा है। स्वर्गादपि गरीयसी इस मातृभूमि, का कण कण हमको प्यारा है।। आत्मनिर्भर हो भारत अपना , अखंड राष्ट्र का नारा है । चीनियों का बहिष्कार हो , राष्ट्र धर्म हमारा है ।। मानसरोवर का खौलता जल , हिम बना धधकता अँगारा है । बच्चे- बच्चे का अंग…

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दुनिया को भारत से बहुत उम्मीदें हैं : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि विश्व की भारत से बहुत उम्मीदें हैं और उनकी सरकार देश को ‘महानता’ के उस रास्ते पर ले जाएगी जहां वह पूरी दुनिया के लिए फायदेमंद साबित होगा। मोदी सरकार पार्ट-2 में तमिलनाडु के पहले दौरे पर आए मोदी ने एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के…

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दर्द घुटनों में पाया गया

अरुण शर्मा साहिबाबादी। ग़ज़ल…….. दर्द घुटनों में पाया गया,फिर भी रिक्शा चलाया गया। मैं फ़क़त रिक्शे वाला रहा,नाम से कब बुलाया गया। मेरा रिक्शा पलटते बचा,जब ये पुल पर चढ़ाया गया। काम रिक्शे का‌ मेहनत का था,फिर भी छोटा बताया गया। आज रिक्शा फंसा जाम में,आज कुछ ना कमाया गया। एक गमछा था मुझ पर…

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मतदान का त्योहार

भारत के लोकतंत्र को मजबूत कीजिए, इतनी सी गुजारिश है मतदान कीजिए। मतदाता जागरूकता अभियान है जारी, मतदाता हो मतदान में भी भाग लीजिए। मतदान केंद्र कर रहा प्रतीक्षा आपकी, अपने मताधिकार का उपयोग कीजिए। भारत के संविधान ने अधिकार दिया है, मतदान का त्योहार है मतदान कीजिए। भारत का प्रजातंत्र विश्व भर में श्रेष्ठ…

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होइए वहीं जो राम रचि राखा !

” राम ही जाने ,राम की लीला ” यह महज एक सोच ,एक भाव नहीं अपितु पूर्ण सत्यता है । “जाकी रही भावना जैसी प्रभु मूरत देखी तिन्ह तैसी”  का परम भाव भी जागृत हुआ, लोगो ने 5 अगस्त को अयोध्या में जो हलचल ,जो त्योहार देखा उसमें निश्चित ही उन्हे रामराज्य नजर आया होगा…

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सहयोग की भावना आध्यात्मिक वरदान है

डॉक्टर सुधीर सिंह एक-दूसरे की हिफाजत में सब सजग रहें,सहायता करने में हम  हमेशा ही आगे रहें.संकट से तब कोई  इंसान नहीं घबड़ायेगा,विपत्ति का सामना सब मिलकर करते रहें.सहयोग व्यक्ति  को  शक्ति प्रदान करता है,उत्साह व उमंग का सृजन  करता रहता है. व्यक्ति का व्यक्तित्व संवरता है सहयोग से,सद्भावना राष्ट्र को  सदा एकजुट रखता है.सहयोग…

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आईए! राम!

आईए! राम!अयोध्या में आपका स्वागत है।वैसे, मंदिरों-महलों की आपको जरूरत नहीं;लेकिन, श्रद्धा का भाव लेकर आईए! आप ही खुद प्रकाश हो,दीपकों की आपको जरूरत क्या;मगर, ज्ञान का प्रकाश लेकर आईए! आप सर्वव्यापी हो,आप जय-जयकार नहीं चाहते;मगर, गुणों की जय-जयकार लेकर आईए! जो सबकी भूख मिटाते हैं,उनको पकवानों से क्या लेना-देना;लेकिन, आदर्श के पकवान लेकर आईए!…

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व्यंग्य : हथकंडो के हाथ पकड़े रखिए .!

       पंकज सीबी मिश्रा, राजनीतिक विश्लेषक / पत्रकार जौनपुर यूपी रूस ज़ब सीरिया के मुंह में सरिया घुसाए देश भर को शांति का पाठ पढ़ा रहा था वहीं दूसरी तरफ बांग्लादेश आ बैल मुझे मार की तर्ज पर खुद का ही उड़ता तीर अपने ऊपर लें लिया है। श्रीलंका की ज़ब लंका लगी थी तब…

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कभी निष्फल नहीं हो सकता हमारा दूसरों को प्यार सम्मान अथवा महत्त्व देना

कुछ समय पहले की बात है कि एक हिंदी फिल्म देख रहा था। फिल्म और मुख्य पात्र का नाम है मिली। मिली एक मॉल के फूड जंक्शन में काम करती है। एक दिन गलती से मिली रेस्टोरेंट के फ्रीजर रूम में बंद हो जाती है। फ्रीजर रूम की सरदी के कारण उसकी हालत बहुत खराब…

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सच बोलना सख्त मना है

यह रोशनी जिसे तुम अंधेरे के खिलाफ  ‘जागृति’ कह रहे हो वक्त के पिछडेपन को दूर करने की रीत है          भीतर का अंधेरा           अभी डरा रहा है            रह-रहकर उजाले मे            उभरती परछाइयां …            खुली हुई लाशे बन जाती हैं            गाती गांधी का गीत हैं            देखो,            सूरज  का…

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