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तुम फागुन ही फागुन हो

गूंथ लिया सारा बसंत अपने जूड़े में , मौसम कहता है तुम फागुन ही फागुन हो। होटों से लिपट लिपट मखमली हंसी तेरी, दूधिया कपोलों का चुंबन ले जाती है। झील के किनारों को काजल से बांधकर, पनीली सी पलकों में सांझ उतर आती है। महावरी पैरों से मेहंदी रचे हाथों तक, छू छू कर…

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आर्यसमाज के महान वटवृक्ष :स्वामी दयानंद सरस्वती

दयानंद सरस्वती, जिन्हें स्वामी दयानंद सरस्वती के नाम से भी जाना जाता है, एक भारतीय दार्शनिक और समाज सुधारक थे, जिन्हें “आर्य समाज” नामक एक सामाजिक सुधार आंदोलन के संस्थापक के रूप में जाना जाता है। 19वीं सदी का समय सामाजिक, राष्ट्रीय चेतना व पुनर्जागरण की दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण एवं उपादेय काल रहा है।…

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सहयोग

भावना तेज कदमो से चली जा रही थी उसे पता था कि निश्चय आज डांट मिलेगी । स्कूल से घर की दूरी को भावना ने तेज तेज चलते हुए पास बनाने की कोशिश की । पर फिर भी टाइम से नही पहुँच पायी । जब पहुँची तो प्रार्थना     हो चुकी थी । उसने जल्दी से…

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हिंदी की दिव्य-ज्योति से हिंद जगमगाता कहे

डॉक्टर सुधीर सिंह पंजाब से पूर्वांचल,कश्मीर से कन्याकुमारी,विचार-विनिमय का  सरल माध्यम है हिंदी.राष्ट्रभाषा हिंदी  यहां जन-जन की भाषा है,राष्ट्रीयअस्मिता का अनुपम आँचल है हिंदी. हम हमेशा आर्यभाषा हिंदी का सम्मान करें,उसके प्रचार-प्रसार हेतु हम सभी सजग रहें.जनभाषा हिंदी  के संरक्षण,संवर्धन के लिये;130करोड़ हिंदुस्तानी एकजुट रह शपथ लें. बचपन से सभी बच्चों को हिंदी से लगाव…

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राम आरती होने लगी है,

राम आरती होने लगी है,अवधनगरिया सजने लगी है।हो गया मन का काम,बोलो जय जय सीताराम।बोलो जय-जय राधे श्याम राम नाम की जीत हुई है,कोर्ट कचहरी खत्म हुई है।बाहर तंबू से घनश्याम,बोलो जय-जय सीतारामबोलो जय जय राधे श्याम। राज छोड बनवास गए थे,राक्षसों का नाश किए थे,रखते सबका ध्यान,बोलो जय-जय सीताराम,बोलो जय जय राधे श्याम। इस…

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साईकिल

           इलाहाबाद का नैनी इलाका कभी बंजर जमीन था जहां उपज के नाम पर कुछ भी नहीं था लोग  सब्जी तथा फूलों का व्यवसाय करके अपना घर चलाते थे।उन‌ खाली जमीनों पर करीब सत्तर के दशक में कुछ पूंजीपतियों की नजर पड़ी और उन्होंने उसे खरीदकर उनपर अपनी-अपनी फैक्ट्रियां बनानी चालू कर दीं। इससे दो फायदा…

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ठिठौली :  निशा भास्कर 

लट लटकानी डोले गाल पर गुजरिया  जरा सुलझा दो मनमोहन साँवारियाँ।  चुनर हटाए वेणी खोले रे बावरिया। सुध बिसराई राधा बाजे जब बाँसुरियां। लट सुलझाते कान्हा खोई रे मुंदरियां  गुंज माल छिन्न भई भरी रे डगरिया। बाँधी भाव बंधन में हार पहिरावै राधा  सखियन ढूँढें अपने प्यारे की मुंदरियां।  मुदित मलंग कंठ बोली ललिता सखी …

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गुरु दक्षिणा

सुचित्रा बहुत विचलित हो गई थी। उसने इतना अपमान अब तक कभी नही सहा था। भलाई करने का आज के जमाने में यह परिणाम मिलता है, उसे आज महसूस हुआ था। पड़ोस के घर से संयम उसके पास संगीत सीखने आता था। जबसे वह पड़ोस में रहने आया था तभी से उसके पास आ रहा…

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UP Election 2022: अब दिग्गजों ने झोंका पूर्वांचल में दम, महराजगंज-बलिया में पीएम मोदी और आजमगढ़ में मायावती

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के पांचवें चरण के मतदान के पूरा होने के साथ ही राजनीतिक दलों की नजर पूर्वांचल की उन 111 सीटों पर जा टिकी है, जहां छठवें और सातवें चरण में मतदान होना है। इन सीटों पर विजय पताका फहराने के लिए सभी पार्टियों के दिग्गज नेताओं ने मोर्चा संभाल लिया…

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गुरुग्राम में सिंधी संस्कृति का भव्य उत्सव: ‘सुहिणी शाम सिंधियत जे नाम’

गुरुग्राम: श्री झूलेलाल सेवा समिति, गुरुग्राम द्वारा सिंधी संस्कृति, कला और साहित्य को समर्पित एक भव्य सांस्कृतिक संध्या “सुहिणी शाम सिंधियत जे नाम” का आयोजन 5 जुलाई 2025 को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह मनमोहक कार्यक्रम शनिवार शाम 5:00 बजे से रात 8:30 बजे तक अपैरल हाउस, सेक्टर 44, गुरुग्राम में आयोजित किया गया। इस आयोजन…

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