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अनुभव

वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती सविता चडढा की कलम से उनका नाम डी डी त्रिपाठी अर्थात धर्म ध्वज त्रिपाठी था। वे रायबरेली के विश्वविद्यालय में प्रोफेसर थे । पता नहीं कहीं उन्होंने मेरी एक  कहानी किसी पत्रिका में पढ़ी थी और उन्होंने उस पर प्रतिक्रिया स्वरुप अपना पत्र मुझे लिखा था । कहानी उन्हें पसंद आई थी…

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बाबू के सपने का सफल मंचन

महामारी के इस दौर में जहाँ मनोरंजन के साधन के रूप में केवल टीवी ही रह गया था जब सरकार द्वारा रंगमंच के क्षेत्र में कुछ छूट मिली तो दर्शको ने इसे तुरंत स्वीकार किया. गत 29 अगस्त को दिल्ली के अक्षरा सभागार में पंचानन पाठक हास्य नाटक समारोह के अंतर्गत बाबू के सपने का…

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बुर्खा और घूँघट प्रथा —-एक सामाजिक बुराई

कभी तो देखे अपनी माँ को, जो बुर्खा मुख पर ओढ़े थी , कभी बोलती बिना जुबां के, माँ कब तू मुख खोलेगी ! क्या मेरी जवानी और बुढ़ापा तेरी तरह ही गुजरेगा , जो तेरे था साथ हुआ, क्या वो सब मुझपर बीतेगा ! कैसे गर्मी धूप में भी तू, सर ढक कर के…

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इतनी लम्बी उम्र मिली है , पर जीने का वक़्त नहीं – जय प्रकाश भाटिया

उम्र की सच्चाई इतनी लम्बी उम्र मिली है , पर जीने का वक़्त नहीं, रिश्तों की भरमार है पर रिश्तों का अस्तित्व नहीं , चेहरे पे मुस्कान सभी के, दिल में क्या है स्पष्ट नहीं, झूठी तारीफों के पुल पर , सच्चाई का वक्तव्य नहीं, जेब की दौलत लुटवाओ तो, यारों की है लाइन लगी,…

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मानवता को प्रणाम : मनमोहन शर्मा ‘शरण’

भारत में कोरोना विस्फोट चरम पर है, 3–80 लाख के लगभग मामले एक दिन में आना अपने में भयावह है किन्तु साथ ही ठीक होने वालों की संख्या भी 2–97 लाख के लगभग है, जो बाकी देशों की तुलना में संतोषजनक है । इस बार कोरोना की सूनामी युवाओं को अ/िाक चपेट में ले रही…

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जी हाँ, दिल्ली जीत गई

मनमोहन शर्मा ‘शरण’ (संपादक -उत्कर्ष मेल) चुनाव आते हैं, चले जाते हैं । एक्जिट पोल हो–हल्ला और परिणाम के बाद शांत होकर कहीं मंथन, कहीं चिंतन होता और जिंदगी अपनी वही रफ्तार पकड़ लेती है । विभिन्न राज्यों में चुनाव होते हैं किन्तु उनकी जीत–हार के मायने पार्टी–क्षेत्र् की जनता तक सीमित होते है ।…

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(कारगिल युद्ध 26 जुलाई ) विजय दिवस

कर्नल सारंग थत्ते ( सेवा निवृत्त )            26 जुलाई :  हर वर्ष इस दिन पूरे देश में विजय दिवस मनाया जाता है. यह युद्ध हम पर थोपा गया था और यह पाकिस्तान की सोची समझी साजिश थी, जब एक तरफ हम बस डिप्लोमसी में व्यस्त थे तब जनरल मुशर्रफ अपने युद्ध के नक्शे पर…

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जनक जिला (विधार्थी भाग) : सनैटाइजिंग

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) नांगल राया के विद्यार्थी तंत्र द्वार *नांगल के सभी मकानों को सनेटाइज किया गया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता दिन रात अपने क्षेत्र में सनिटाइजिंग का काम कर रहे है। इस मुश्किल घड़ी में संघ के कार्यकर्ता CORONA WARRIORS बन समाज की सेवा में लगे है।

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गांधार की मचलती हवाएं -DR KAMINI KAMAYANI

प्रत्यंचा गांधार की मचलती हवाएं और /थिरकते इन्द्रधनुषी सपनों पर, अचानक वज्रपात करते/ हे / पितामह (भीष्म) तुझे तनिक भी हिचक न हुई । अपने जनक के अरमानों के लिए स्वयं की इच्छाओं का चिता जलाने वाला एक सामान्य अबला नारी के लिए क्यों इतना निर्मम, नि:क्षत्र हो गया ? युद्ध में जीती/पराजित /नरेश की…

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ऋतुराज

आए है ऋतुराजनंदन,करो अभिनंदन खिले खिले सब लगेंगे, होगा वन्दन।। प्रकृति नित रसपान करेगी, नये नये चोला गढेगी बढ जाएँगी सुन्दरता जब, यह परवान चढेगी  ।। नव सृजित फल आएँगे, सुन्दर बाग दिखेंगे बच्चो की टोली होगी, कोयल की बोली सुनेंगे। बसंत की हर बात निराली, झूमे मन मतवाली पवन भी होती मस्त मौला खूब…

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