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तलाक है या है ये बिदाई

हरफ – हरफ हिसाब लगाकर सब ले गई थी तुम अपना| ये मेरा हुआ, ये तुम्हारा बनता है इतना। फिर भी छोड़ गई देखो सामान कितना| इतना कि हर पल, हर कदम अपने ही घर में ठोकर खाकर गिरता हूँ में| यूंकि तुम याद न आओ इसलिए आँखें मूँदें फिरता हूँ मैं। सिंगार के निशां…

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हर क्षेत्र में विराजमान है, नारी तू ही स्वाभिमान है

आदि काल से ही नारी, शक्ति के रूप में खुद को स्थापित करती रही है। जिसमें माता को आदि शक्ति के रूप में माना जाता है। उन्ही के अलग अलग रूपो का बखान हमें पढने को मिलता है।शिव शक्ति के वगैर अधूरे माने जाते है।उसी तरह हमारे इतिहास और राजा रजवाडो की कहानियों मे भी…

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बातों ही बातों में (लघुकथा)

किस्तूरी आज बहुत चिढी़ हुई थी अपनी पडोसिन कमला  से। उसकी सारी पोलपट्टी खोल दी। वो भी बाल्कनी से। मोहल्ले के सब लोगों ने भी सुन लिया होगा। जब से  लाकडाउन  में थोडी छूट मिली है, सभी अपने घर के बाहर  कुर्सी डालकर चुगलियों का दबा  पिटारा  खोलने लगती हैं। जो उस समय  वहाँ नहीं…

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हैदराबाद के दरिंदों को सख्त से सख्त सजा मिले

डॉक्टर सुधीर सिंह हैदराबाद के दरिंदों  को सख्त से सख्त सजा मिले,‘डा.दिशा’ के परिवार को शीघ्रातिशीघ्र इंसाफ मिले.बलात्कार के गुनाहगारों को फाँसी मिले चोराहे पर,खौल रहा है खून लोगों का दोषियों की बर्बरता पर.हैवानों की हैवानियत पर शर्मसार है आज मानवता,हृदय विदारक घटनाओं  से हतप्रभ  हैं भारत माता.कितनी मजबूर ‘निर्भया’की निर्ममता से हत्या होगी?बेमहफूज बेटियों…

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लघुकथा : हौसलों की उड़ान

बोलते मम्मी से गले लिपट गई। मम्मी की आंखों में खुशी के आंसू निकल पड़े। उन्हें लगा कि आज उनकी मेहनत सफल हो गई। मम्मी (नविता जी) का मन अतीत की स्मृतियों में खो जाता है । अनन्या जब मात्र 10 महीने की थी तभी उसे दिमागी बुखार चढ़ जाता है। उसमे उसका अगर शरीर…

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चांदनी मुस्कराई तुम्हारे लिए,

चांदनी मुस्कराई तुम्हारे लिए, वर्णमाला गुनगुनाई तुम्हारे लिए, तुम्हारे आगमन पर सखें, मेरे हृदय की बधाई तुम्हारे लिए। चांद बन तुम जियो, नेह की नूतन छुवन बन जियो, भावना से भरे इस हृदय में, तुम हमारे नयन में सुमन बन जियो। मेरे परिचय बन तुम जियो, मेरा मुकाम बन तुम जियो, जिंदगी अपनी पूरी सफल…

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समाज के सर्वांगीण निर्माण में हिंदी भाषा एक महत्वपूर्ण टूल

हम सभी बखूबी जानते हैं कि, भारत एक बहु सांस्कृतिक और बहुभाषी देश है, लेकिन एक स्तर ऐसा भी है, जहाँ हम एकता के सूत्र में बंधे हुए है और वह है, भावनात्मक एकता का सूत्र। भारत जैसे बहु सांस्कृतिक और बहुभाषी देश को इस एकता के सूत्र में पिरोने के लिए और सुदृढ़ बनाने…

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२१वीं सदी में विश्व में हिंदी भाषा की स्वीकृति

#hindi #hindibhasha 21वीं सदी में हिंदी भाषा का महत्व और स्वीकृति विश्वभर में बढ़ रहा है। यह भाषा न केवल भारतीय उपमहाद्वीप में, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना रही है। इस लेख में, हम जानेंगे कि कैसे 21वीं सदी में हिंदी भाषा को विश्वस्तरीय स्तर पर स्वीकृति मिल रही है। हिंदी भाषा…

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वीणावादिनी नमोस्तुते

शारदे श्वेताम्बरावीणावादिनी नमोस्तुते शुभ्र मुकुट सरसिजश्वेतासनाविद्यादायिनी नमोस्तुते हस्ते पुस्तक स्फटिक माल्याशुभमति वरदे नमोस्तुते ब्रह्मा श्रीहरि रुद्र वन्दिताज्ञानदायिनी नमोस्तुते हरती तिमिर अज्ञान मूढ़तासृष्टि प्रकाशिनी नमोस्तुते पीत पुष्पमय पुलक वसंतादेवी सरस्वती नमोस्तुते | सीमा धूपरजबलपुर

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छंद- गीतिका : यह समझ

मापनी- 2122 2122 2122 212 पदांत- यह समझ समांत- अहले साँस चलती है समय से तेज पहले यह समझ। चल सके तो वक्‍़त के ही संग बहले यह समझ। पंचतत्‍वों से बना अनमोल है यह तन मिला, ये बचें इनके लिए हर कष्‍ट सहले यह समझ। यह अगर हैं संतुलित तो मानले तू है सुखी,…

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