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आपकी हो कृपा तो तृप्ति मिले

आपकी हो कृपा तो तृप्ति मिले शरण में आया है ये प्यासा मन चिर प्रतीक्षा पूर्ण नहीं हो रही मन चाहता नहीं दूसरा कोई धन अनवरत साधना का पथ यूँ दिखे जैसे मृग ढूँढें कस्तूरी को वन वन आपकी वो कृपा आज मुझको मिले जिसको खोजे दुनिया का हर जन सार हीन जीवन ये भी…

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साईकिल

           इलाहाबाद का नैनी इलाका कभी बंजर जमीन था जहां उपज के नाम पर कुछ भी नहीं था लोग  सब्जी तथा फूलों का व्यवसाय करके अपना घर चलाते थे।उन‌ खाली जमीनों पर करीब सत्तर के दशक में कुछ पूंजीपतियों की नजर पड़ी और उन्होंने उसे खरीदकर उनपर अपनी-अपनी फैक्ट्रियां बनानी चालू कर दीं। इससे दो फायदा…

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देश के विकास इंजन को पुनर्जीवित करने के लिए नए अवसर पैदा करने होंगे

(वर्तमान स्थिति निवेश को बढ़ावा देने, मौजूदा नौकरियों की रक्षा करने और नई नौकरियां पैदा करने के लिए साहसिक कदम उठाने का अवसर प्रस्तुत करती है।) — डॉo सत्यवान सौरभ, रिसर्च स्कॉलर इन पोलिटिकल साइंस, दिल्ली यूनिवर्सिटी, कवि,स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार, आकाशवाणी एवं टीवी पेनालिस्ट, कोविद-19 महामारी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को बदल दिया है और…

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10 दिसंबर मानव अधिकारों के जागरुकता का दिन

विश्व मानव अधिकार दिवस पर विशेष-10 दिसंबर मानव अधिकारों के जागरुकता का दिनलाल बिहारी लालनई दिल्ली। आज मानवके अधिकारों के संरक्षण का संवैधानिक दर्जापूरी दुनिया प्राप्त है। मानव अधिकारों से अभिप्राय ”मौलिक अधिकारों एवं स्वतंत्रत से है जिसके सभी मानव प्राणी समान रुप से हकदार है। जिसमें स्वतंत्रता, समाजिक ,आर्थिक औऱ राजनैतिक रूप में देना…

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रामपग यात्रा से हो रहा राम के आदर्शो और  संघर्षो कों जानने का प्रयास  ..!

    गाँव शहर में एकदम से प्रभु राम छाए हुए हैं । अधिकांश लोगों के मोबाइल में कॉलिंग ट्यून और कॉलर ट्यून दोनों रामजी के भजनों का लगा हुआ है। हर दो मिनट में कहीं बज जाता है, राम आएंगे आएंगे राम आएंगे। जहां भी चार लोग मिलते, अयोध्या जी की बात छिड़ जाती ।…

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“नशा समाज को खोखला कर देता है और राष्ट्र निर्माण में सबसे बड़ी बाधा है।”

ड्रग्स की समस्या केवल एक विभाग या एजेंसी की जिम्मेदारी नहींहै,बल्कि पूरे समाज,सरकार और नागरिकों का सामूहिक दायित्व,होल ऑफ़ द गवर्नमेंट एप्रोच है- एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र गोंदिया – भारत एक ऐसे युग से गुजर रहा है जहां विकास आधुनिकता और वैश्वीकरण की चुनौतियाँ समानांतर रूप से सामने खड़ी हैं। इनमें सबसे खतरनाक…

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प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः…..

पंकज सीबी मिश्रा  / राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी सदाचारी जीवन की समग्रता ही श्री कृष्ण है। इसलिए हमारे शास्त्रों ने भगवान श्री कृष्ण को सोलह कलाओं से परिपूर्ण बताया। श्री कृष्ण होना जितना कठिन है श्री कृष्ण को समझना उससे भी कहीं अधिक कठिन है। भगवान कृष्ण का जन्म मथुरा में हुआ था,…

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आज के बदलते दौर में गीता के उपदेश कितने आवश्यक

श्रीमद्भागवत गीता के उपदेश महाभारत युद्ध के दौरान योगेश्वर श्रीकृष्ण भगवान ने अर्जुन को दिए थे।18 अध्यायों के 700 श्लोकों में निहित श्रीमद्भगवत गीता ग्रन्थ आज प्रतिदिन पढ़ने की आवश्यकता है।गीता अध्यात्म पथ पर चलना सिखाती है। निष्काम कर्म करने की राह बताती है। आत्मिक शांति चाहिए तो गीता के श्लोक अवश्य पढ़ना चाहिए। बढ़ते…

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साफ-साफ दो टूक

साफ-साफ दो टूक शब्द में कहना सबके मन भाया आज हमारे मोदी जी ने सब बापों  को समझाया टेरर टॉक अब नहीं चलेगा नहीं चलेगा टॉक और ट्रेड केवल बात pok पर होगी किया फैसला सबसे ग्रेट नहीं बहेगा साथ साथ अब खून और पानी सब सुन ले मौत, जिंदगी उन पर छोड़ी जो चुनना…

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वर्ष 2022 संकल्प : क्या करें?… क्या न करें?…

डॉ. नीरू मोहन ‘वागीश्वरी’ वर्ष आते हैं और चले जाते हैं परन्तु अपने साथ बहुत-सी दुखद और सुखद यादों के अनुभव छोड़ जाते हैं; जिनको याद करके मन कभी खुश हो जाता है और कभी दुखी। मुझे लगता है सभी को अपने आने वाले समय का इंतज़ार रहता है मगर वह कैसा बीतेगा इसका एहसास…

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