आत्मालाप –
आत्मा चोला बदलती है— “अरेरे. आत्मा तो चोला बदलती है- सब पुण्यात्माओ के लिये लोग-बाग कहते थे/फिर उन्हें जब ‘आत्मा’ कहा था तो—-‘ चोला डालकर —–‘ कहीं सो गये होगे ? अभी तक- चोला बदल नही पाये होगे – अरे रे गले से नया चोला उतरा ही नहीं होगा…!! जानकर गले में अटका कर दिनभर…
