हिन्दी और नागरी लिपि
हिन्दी का परचम लहराएं! नागरी लिपि का मान बढ़ाएं!! हम हिन्दी दिवस- मनाते हैं भारत में प्रतिवर्ष, उत्साहित-उल्लसित हो कहते हिन्दी है निज भाषा, यही एकता सूत्र , यही है राष्ट्रीयता की पहचान, करें इसे मजबूत, इसी से होगा सबका उत्कर्ष, हम सब का कर्तव्य यही कि राष्ट्र- भाव से भरकर एक राग से…
डॉ अरुणा पाठक आभा को मिला साहित्य गौरव पुरस्कार
डॉ अरुणा पाठक आभा को मिला साहित्य गौरव पुरस्कार सुरेंद्र शर्मा जी के द्वारा सम्मान । विंध्य प्रदेश रीवा से डॉ अरुणा पाठक को सुरेंद्र शर्मा के द्वारा दिल्ली में हिंदी भवन मैं आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया गया टू मीडिया के संपादक आदरणीय ओम प्रजापति जी के और साथ में बेंगलुरु से पधारे हुए…
कितनी कड़वी हैं सच्चाइयाँ
कितनी कड़वी हैं सच्चाइयाँ गिर रहीं नीचे ऊँचाइयाँ कोयलों के बाइक कंठस्वर चढ़ी नीलाम अमराइयाँ बद हुये मौसमों के चलन हुयीं गुमराह पुरवाइयाँ दिन ढले घर में अहसास के स्यापा करती हैं तनहाइयाँ आदमी कद में बकमतर हुआ बढ़ गयीं उसकी परछाइयाँ गिरना तय है जिधर जायेंगे उधर खंदक इधर खाइयाँ होश आयेगा ‘महरूम’ जब…
शहीद भगत सिंह
(27 सितम्बर, 1907 से 23 मार्च, 1931) प्रारंभिक जीवन :- भगत सिंह का जन्म पंजाब के नवांशहर जिले के खटकर कलां गाँव के एक सिख परिवार में 27 सितम्बर, 1907 को हुआ था। उनकी याद में अब इस जिले का नाम बदल कर शहीद भगत सिंह नगर रख दिया गया है। वह सरदार किशन सिंह…
.गीत सम्राट भाई पंकज शर्मा जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई
.संस्कारित युवा , राष्ट्रिय कवि, वरिष्ठ साहित्यकार योग्य पत्रकार भाई पंकज शर्मा जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाये………………………….सकल मनोरथ सिद्ध तुम्हारे ,…………..आपकी सभी मनोकामना पूर्ण हों . ……….यही शुभकामना है …………..अनुराधा प्रकाशन एवं ‘उत्कर्ष मेल’ राष्ट्रिय पाक्षिक पत्र परिवार आपको बधाई, शुभकामना एवं अभिनन्दन करता मही ………………सादर ……………..मनमोहन शर्मा ‘शरण’ (संस्थापक :…
श्री चौरासिया ब्राह्मण शिक्षा समिति ने हर्षोल्लास से मनाया स्वतंत्रता दिवस का 75 वां अमृत महोत्सव
अखिल भारतवर्षीय श्री चौरासिया ब्राह्मण महासभा (पंजीकृत) से संबद्ध श्री चौरासिया ब्राह्मण शिक्षा समिति ने HUDA द्वारा 99 वर्ष की लीज पर संस्कृत एंव वोकेशनल शैक्षणिक संस्थान हेतु मिले Educational Plot No:- 1044-A, सैक्टर – 15, पार्ट – II, गुरूग्राम पर निर्मित शिक्षा समिति भवन पर स्वतंत्रता दिवस का 75 वां अमृत महोत्सव बड़ी धूमधाम…
महोत्सव के बाद अमृत बनाये रखने की चुनौती
रोजगार विहीन विकास किसी भी अर्थव्यवस्था के लिए सुरक्षित दांव नहीं है। बेरोजगारी न केवल हमारे मानव संसाधनों के इष्टतम उपयोग की अनुमति देती है बल्कि सामाजिक कलह और विभाजनकारी राजनीति के लिए प्रजनन स्थल भी बनाती है। शिक्षा, स्किलिंग, युवा उद्यमियों और नवप्रवर्तन कर्ताओं को उपयुक्त रोजगार और सहायता, शिक्षा और रोजगार के लिए…
हैं नमन उनकों जो इस देश की खातिर जिए …!
आजादी का अमृत वर्ष और अब 75वे स्वतंत्रता दिवस पर देश को आह्लादित करने वाला लोकतंत्र निश्चित ही भारत के गौरवशाली इतिहास को उकेरे पर परतंत्रता के विरुद्ध निरंतर एक हजार वर्षों तक सशस्त्र संघर्ष करने के फलस्वरूप अंततः हमारा अखंड भारतवर्ष दो भागों में विभाजित होकर ‘स्वतंत्र’ हो गया। गुलामी की जंजीरों को तोड़…
महात्मा गांधी आजादी के 75 साल बाद भी प्रासंगिक है
लाल बिहारी लाल मुगल साम्राज्य से जब सत्ता अंग्रैजो के हाथ में गई तो पहले अंग्रैजों का व्यापारिक उदेश्य था पर धीरे-धीरे उनका राजनैतिक रुप भी सामने नजर आने लगा। और वे अपने इस कुटिल चाल में कामयाब भी हो गये । धीरे–धीरे उनके क्रिया-कलापों के प्रति जनमानस में असंतोष की भावना पनपने लगी इसी…
