बातों ही बातों में (लघुकथा)
किस्तूरी आज बहुत चिढी़ हुई थी अपनी पडोसिन कमला से। उसकी सारी पोलपट्टी खोल दी। वो भी बाल्कनी से। मोहल्ले के सब लोगों ने भी सुन लिया होगा। जब से लाकडाउन में थोडी छूट मिली है, सभी अपने घर के बाहर कुर्सी डालकर चुगलियों का दबा पिटारा खोलने लगती हैं। जो उस समय वहाँ नहीं…
