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बातों ही बातों में (लघुकथा)

किस्तूरी आज बहुत चिढी़ हुई थी अपनी पडोसिन कमला  से। उसकी सारी पोलपट्टी खोल दी। वो भी बाल्कनी से। मोहल्ले के सब लोगों ने भी सुन लिया होगा। जब से  लाकडाउन  में थोडी छूट मिली है, सभी अपने घर के बाहर  कुर्सी डालकर चुगलियों का दबा  पिटारा  खोलने लगती हैं। जो उस समय  वहाँ नहीं…

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मायावती ने BJP पर साधा निशाना

बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के एक वर्ष पूरा होने पर कहा कि केंद्र सरकार को अपनी कार्यशैली और नीतियों पर गंभीर चिंतन करते हुए कामकाज की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा, “ऐसे में केन्द्र सरकार को अपनी नीतियों एवं कार्यशैली के बारे में खुले मन से…

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व्यंग्य – कैशलेश होकर ये कहां आ गए हम….

मोबाइल आया घड़ी का ज़माना गया, लैपटॉप आया टेलीविजन का जमाना गया, एंड्राइड फोन आया रेडिओ का जमाना गया और अब तो हद ही हो गई ऑनलाइन पैमेंट आया बेचारे पर्स का जमाना गया। अति मॉडर्न दिखने के चक्कर में युवा वर्ग अपने पास कैश नहीं रखता। जो रखते भी हैं उनके पास खुल्ले पैसे…

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क्या आज भी सुरक्षित नहीं हैं बेटियां ?

लोभी लोगों का डरकर नहीं डटकर सामना करें। कहने को हम सभी 21वीं सदी में जी रहे हैं बावजूद इसके मानवता कहीं किसी दरख़्त के नीचे दबी चली जा रही है । वर्तमान में जब हम आधुनिकता, विकास और स्वतंत्रता की बात करते हैं तो कहीं न कहीं ये सब दलीलें और बातें झूठी प्रतीत…

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कोरोना का कहर सताता

शीर्षक-कोरोना का कहर सताता देखो कोई आता न जाताकोराना का कहर सताता..यूँ शहरों में पसरा सन्नाटाभूल से भी भूला न जाता.. न मिलो किसी से न हाथ मिलाओदूर-दूर रहकर हर राब्ता निभाओये बुरा वक़्त ही तो पहचान कराताअपने और परायों में भेद बताताकोरोना का कहर सताता.. हैण्डशेक के रीति-रिवाज विफल हैकरबद्ध नमन की संस्कृति सफ़ल…

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पितृदिवस पर कनाडा से “मनस्विनी” समूह के सभी सदस्यों के सहयोग से स्वरचित पंक्तियां

न मेरी आंख ही फड़कीन ही हिचकियाँ आईंमगर फिर भी यें लगता हैंकि कोई याद करता हैं….वो ओर कोई नहीं मेरे पापा…पापा की दुलारी,थोड़ी बिगड़ी, थोड़ी प्यारीसुबह जल्दी जगाते हैं पापा,नौ बजे रात मैं बत्ती बुझाते हैसदैव याद में आतेमेरे प्यारे पापाउनकी दिलचस्प बातेंज्ञान से भरी नसीहतेंउनकी किताबों का भंडारअनुशासन में छिपा प्यारमेरे प्यारे पापापापा…

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संपादक व समाजसेवी माधुरी घोष “एशिया अवार्ड” से सम्मानित

बड़ौदा : बड़ौदा की सम्पादक व सोशल एक्टिविस्ट माधुरी घोष को रविवार13 अक्टूबर शाम गुजरात के अहमदाबाद  स्थित ‘रेडक्रॉस सोसायटी’ के कांफ्रेंस हॉल में आयोजित भव्य आयोजन में “अमीर सत्या फाउन्डेशन , हिसार ” द्वारा “एशिया अवार्ड” से सम्मानित किया गया।  यह सम्मान उनको  हिन्दीतर प्रदेश गुजरात से उत्कृष्ठ महिला पत्रिका ‘संगिनी आपकी हमसर’ के…

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(अंबेडकर जयंती विशेष)

“लोकतांत्रिक भारत: हमारा कर्तव्य, हमारी जिम्मेवारी” जनतंत्र की जान: सजग नागरिक और सतत भागीदारी लोकतंत्र केवल अधिकारों का मंच नहीं, बल्कि नागरिकों के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का साझेधार भी है। भारत जैसे विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में नागरिकों की भूमिका केवल वोट देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्हें न्याय, समानता, संवाद, स्वच्छता, कर…

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वरिष्ठ गीतकार एडवोकेट अनिल भारद्वाज सम्मानित

ग्वालियर हनुमान जन्मोत्सव के पावन उपलक्ष में उम्मीदों का आसमान ज्ञान सागर संस्थान ग्वालियर म.प्र.NGO द्वारा अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित हनुमान जन्मोत्सव प्रतियोगिता में ग्वालियर के वरिष्ठ गीतकार अनिल भारद्वाज एडवोकेट को उनकी उत्कृष्ट कृति मेरे हनुमत तेरा शुक्रिया है की बेहतरीन प्रस्तुति के लिए सम्मानित करते हुए प्रथम स्थान प्रदान किया गया। इस…

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पीड़ा : वंदना भार्गव

सबने तुझको ठुकराई है । जब तू पास मेरे आई है ।। आजा तुझको गले लगा कर। पीड़ा आज पुरस्कृत  कर दू।। साथी पाने की चाहत में । घूम रही क्यों सबके पीछे।। तुझसे भाग रहा जग सारा ।  आ तुझमें आकर्षण भर दूं।। अरी तिरस्कत ओ दुखियारी । आजा मेरी राज दुलारी ।। तेरी…

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