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तंबाकू निषेध दृढ़ इच्छाशक्ति का होना आवश्यक 

तंबाकू सेवन से जन्मे अनेक रोगों से बचने हेतु सलाह दी जाना चाहिए।एक जानकारी के मुताबिक बढ़ती लत कारण मुख कैंसर के मरीजों की संख्या लाखों के लगभग है |घातक रसायन निकोटिन तंबाकू में पाया जाता है| स्वैच्छिक संगठन एवं सामाजिक संस्था तंबाकू निषेध दिवस (३१-मई ) पर अपना राग अलापते शायद थक सी गई…

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अद्यतन इतिहास से गवाही मांगता सनातन धर्म..!

एक सम्प्रदाय चौदह सौ वर्ष में अठावन देशों में दूसरा दो हजार वर्षो में पिचासी देशों में फेल हो गया लेकिन सत्य,अहिंसा,वसुधैव कुटुम्ब कम,सर्वधर्म समभाव,नारी तू नारायणी और सबका साथ सबका विकास की बात करने वाला सनातन जो असल धर्म है फैलने की बात तो दूर दुनिया नहीं तो कम से कम भारत के ही…

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 रावण सावधान ! : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव

राजनीतिक सफरनामा फिर रावण को मारने की तैयारी है । नवरात्रि में विराजी माॅ दुर्गा के प्रति अगाध श्रद्धा और भक्ति ने सारे देश को धार्मिक कर दिया है । माॅ दुर्गा हमें शक्ति दें, माॅ दुर्गा हमारे जीवन में आए विषाद को हर लें । शक्ति की उपासना का यह महापर्व रावण के पुतले…

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रेशमा   :  डॉ सरला सिंह स्निग्धा

   रेशमा एक बहुत ही सीधी-सादी लड़की थी । जहां उसके साथ की लड़कियां फ़ैशन ,टीवी और मोबाइल में लगी रहती थी वहीं वह उम्र से पहले ही बड़ी हो चुकी थी। रेशमा का पिता शराबी था वह दर्जी का काम किया करता था परन्तु सारी की सारी कमाई अय्याशी और शराब पर लुटा दिया…

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सम्पादकीय : मनमोहन शर्मा ‘शरण’

2 अक्टूबर, दो महान विभूतियों की जयंती, एक अहिंसा के पुजारी मोहनदास कर्मचन्द गाँधी जी जिन्हें प्यार से बापू भी कहा जाता है । दूसरी विभूति जिसने शून्य से शिखर तक की यात्र कर विपरीत परिस्थितियें में भी सत्य–साहस और पुरुषार्थ के बल पर कैसे विजय अर्थात् अपने लक्ष्य को साधा जा सकता है, ‘जय–जवान…

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हिंदी लाओ देश बचाओ समारोह 2022

हिंदी लाओ देश बचाओ समारोह 2022 का शुभारंभ प्रातः देशभर के सहित्यकारों व विद्यालयी छात्र-छात्राओं की नगर परिक्रमा से हुआ। हाठों में पट्टिकाएं लिए बेंड बाजों की मधुर ध्वनि के साथ गगनभेदी उद्घोषों से माँ हिंदी का महिमा गान किया गया। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता जनार्दन रॉय विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ बलवंत शांतिलाल जानी, राजकोट,…

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सात फेरे

सात फेरे (नमस्कार प्रिय पाठकों (मित्रों) मेरे द्वारा लिखी यह कहानी पूरी तरह काल्पनिक हैं । किसी भी व्यक्ति का नाम या कहानी का कोई क़िस्सा सयोंग ही होगा। कहानी के शीर्षक के आधार पर जो सात वचन मैंने लिए हैं वो वास्तविक हैं । कहानी का उद्देश्य समाज में महिलाओं की स्थिति को दर्शाना…

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राष्ट्र गौरव को द्विगुणित करता वैदिक और वैज्ञानिक शिक्षा का स्वरूप।

(राष्ट्र निर्माण में वैदिक शिक्षा ,ज्ञान की समीचीन भूमिका) भारत में प्रागैतिहासिक वैदिक तथा सनातनी शिक्षा तथा ज्ञान का स्वरूप बड़ा ही विस्तृत है। भारत को भारतवर्ष भी आदिकाल की सांस्कृतिक शिक्षा और विशाल ज्ञान के भरपूर स्रोतों के कारण ही कहा जाता रहा है। भारत के ऋषि, मुनि, गौतम और अनेक संस्कृत के शिक्षकों…

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गायों की हो रही है दुर्दशा

भारतीय संस्कृति में जिस गाय को ‘मां’ की संज्ञा दी गई है, उसका ऐसा हश्र लम्पी बीमारी से पहले कभी नहीं हुआ। गायों की दुर्दशा को लेकर अब सिर्फ जिनके घर गाय है वो ही चिंतित हैं।  क्या गाय बचाने की जिम्मेवारी सिर्फ पशुपालन विभाग की ही बनती है, बाकी समाज केवल तमाशा देखे। आज…

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राष्ट्रभाषा  हिंदी के आगे आज भी नतमस्तक है समाज ..!

हिंदी दिवस के अवसर पर हिंदी भाषा की सार्थकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अधिकतर  कालजई रचनाएं हिंदी भाषा में ही उद्धृत है । हिंदी हमारी राजभाषा है अर्थात राज्य के कामकाज में इस्तेमाल की जाने वाली भाषा है। अंग्रेजों से स्वतंत्र होने के बाद भारत ने 14 सितंबर 1953…

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