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आत्मालाप : उल्टे पांव भूत के
देवेन्द्र कुमार पाठक गांव में अब मास्क कोई भी नहीं लगाता.हाँ, वे लोग घर, जेब, बैग-थैले में एक-दो मास्क जरूर रखे रहते हैं, जो कुछ पढ़े-लिखे हैं या फिर वे सयाने जिन्हें शासन-सियासत, आधि-व्याधि, सूखा-बाढ़, अकाल-गिरानी और दुनियादारी की गहरी समझ है. जिनको ऐसे दुर्दिन भुगतने- झेलने के बड़े तल्ख और कड़वे अनुभव हैं….
बंकिमचंद्र के जन्मदिन पर अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन
भारतीय स्वतंत्रता काल में क्रांतिकारियों का प्रेरणास्रोत -‘वंदे मातरम्’- जो 1937 में भारत का राष्ट्रगीत बन गया, जिसके रचयिता बंग्ला भाषा के प्रख्यात उपन्यासकार एवं कवि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के जन्मदिन पर “अंतरराष्ट्रीय साहित्य संगम” (साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था) के तत्वावधान में संस्था के अध्यक्ष श्री देवेंद्र नाथ शुक्ल एवं महासचिव डॉ. मुन्ना लाल प्रसाद के संचालन…
काव्य हिन्दुस्तान अंतरराष्ट्रीय साहित्य समूह का 150 घंटे का ऑनलाइन कार्यक्रम संपन्न
रेखा शर्मा स्नेहा के संयोजन में कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्यप्रदेश के गीतकार डॉ देवेंद्र तोमर ने की। काव्य हिंदुस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर फेसबुक समूह द्वारा आयोजित प्रथम वार्षिक उत्सव हेतु भव्य काव्य सम्मेलन आयोजित किया गया जो दिनाँक-12_62022 जून से दिनाँक-17_6’2022 तक लगातार 24 घंटा रात दिन कार्यक्रम जिसमे 300 कवियों ने काव्य पाठ कर कार्यक्रम…
योग की महत्वता— योग दिवस—– प्रवीण बहल
सारे विश्व में हर व्यक्ति के जीवन में– योग का महत्व बढ़ गया है– अगर हम 50 वर्ष पीछे चले जाएं तो हमें याद होगा कि हर स्कूल में पढ़ाई शुरू होने से पहले पी टी हुआ करती थी– महत्व था शरीर को चुस्त बनाना– आज यह— अध्ययन के विषय में आ गया– जब से…
सम्मान की धज्जियां उड़ाता लूटतंत्र !
खुला समाज कभी खुला नही होता, रैपर में बंद होता है। पैक्डनेस ही ओपन सोसाइटी है , अपनी पॉलिटिक्स है अपना रहन सहन है ।ओपन सोसाइटी में अभिव्यक्ति का खुलापन किसी मुखौटे को लगा कर ही पाया जाता है ताजा उदाहरण विधानसभा में अखिलेश यादव जी है । मुखौटा लगाने और उसे ही वास्तविक चरित्र…
जन भागिदारी के बिना पर्यावरण संरक्षण असंभव है
विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष (5 जून,) जन भागिदारी के बिना पर्यावरण संरक्षण असंभव है लाल बिहारी लाल नई दिल्ली । जब इस श्रृष्टि का निर्माण हुआ तो इसे संचालित करने के लिए जीवों एवं निर्जीवों का एक सामंजस्य स्थापित करने के लिए जीवों एवं निर्जीवों के बीच एक परस्पर संबंध का रुप प्रकृति ने…
तू चल मैं आया ! : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव
राजनीतिक सफरनामा चलो कपिल सिब्बल भी चल दिए दूसरे घर की ओर उन्हें राज्यसभा मेें जो जाना था । कुर्सी चाहिए जहां मिल जाए । नेता तो रमता जोगी बहता पानी जैसा होता है । आज यहां कल कहां उसे खुद ही नहीं मालूम होता । कुर्सी चाहिए, वे बगैर कुर्सी के नहीं रह सकते…
गंतव्य संस्थान द्वारा धीरपुर में निशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन
गंतव्य संस्थान एवं रेजिडेंशियल वेलफेयर सोसायटी धीरपुर के संयुक्त तत्वावधान में आज 27 मई 2022 दिन शुक्रवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक निशुल्क नेत्र जांच शिविर योगराज कालोनी , धीरपुर , दिल्ली 9 पर आयोजित किया गया। जिसमें “सेंटर फॉर साइट ” के अनुभवी डॉक्टर व स्टाफ ने लगभग 69 लोगों…
उपन्यासकार एवं कथाकार गीतांजलि श्री को मिला 2022 का बुकर सम्मान
लाल बिहारी लाल ……………………………………………………………………………………………………….. इस साल का मैन बुकर सम्मान भारतीय लेखिका गीतांजलि श्री का उपन्यास ‘रेत समाधि’ के अंग्रेज़ी अनुवाद ‘टॉम्ब ऑफ़ सैण्ड’ के लिए दिया गया है जिसे डेजी राकवेल ने अंग्रैजी अनुवाद किया है। यह पहली बार है कि किसी भारतीय भाषा के अनुवाद को यह अवॉर्ड मिला है।………………………………………………………………………………………………….. नई दिल्ली। उपन्यासकार एवं कथाकार गितांजली श्री…
