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पुस्तक गोष्ठी मंडल, एमिटी विश्वविद्यालय तथा अनुराधा प्रकाशन, दिल्ली द्वारा काव्योत्सव का आयोजन

पुस्तक गोष्ठी मंडल, एमिटी विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा एवं अनुराधा प्रकाशन के सयुंक्त तत्त्वावधान में ‘प्रथम संस्करण: हिंदी पखवाड़ा काव्योत्सव 2022 (14 सितम्बरसे 6 अक्तूबर)’ का समापन समारोह दिनांक 7 अक्तूबर को विश्वविद्यालय के प्रबंधन सभागार में आयोजित किया गया, साथ ही इसे ऑनलाइन ज़ूम, यूट्यूब, वफेसबुक पर प्रसारित किया गया। आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदी…

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सम्पादकीय : मनमोहन शर्मा ‘शरण’

2 अक्टूबर, दो महान विभूतियों की जयंती, एक अहिंसा के पुजारी मोहनदास कर्मचन्द गाँधी जी जिन्हें प्यार से बापू भी कहा जाता है । दूसरी विभूति जिसने शून्य से शिखर तक की यात्र कर विपरीत परिस्थितियें में भी सत्य–साहस और पुरुषार्थ के बल पर कैसे विजय अर्थात् अपने लक्ष्य को साधा जा सकता है, ‘जय–जवान…

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हिंदी लाओ देश बचाओ समारोह 2022

हिंदी लाओ देश बचाओ समारोह 2022 का शुभारंभ प्रातः देशभर के सहित्यकारों व विद्यालयी छात्र-छात्राओं की नगर परिक्रमा से हुआ। हाठों में पट्टिकाएं लिए बेंड बाजों की मधुर ध्वनि के साथ गगनभेदी उद्घोषों से माँ हिंदी का महिमा गान किया गया। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता जनार्दन रॉय विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ बलवंत शांतिलाल जानी, राजकोट,…

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राष्ट्र गौरव को द्विगुणित करता वैदिक और वैज्ञानिक शिक्षा का स्वरूप।

(राष्ट्र निर्माण में वैदिक शिक्षा ,ज्ञान की समीचीन भूमिका) भारत में प्रागैतिहासिक वैदिक तथा सनातनी शिक्षा तथा ज्ञान का स्वरूप बड़ा ही विस्तृत है। भारत को भारतवर्ष भी आदिकाल की सांस्कृतिक शिक्षा और विशाल ज्ञान के भरपूर स्रोतों के कारण ही कहा जाता रहा है। भारत के ऋषि, मुनि, गौतम और अनेक संस्कृत के शिक्षकों…

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पावन शिक्षक दिवस पर समर्पित चंद शब्द-पुष्प:

कृष्णजैसा सारथी जब अर्जुन को मिला, युद्धभूमि में तब गीता का उद्घोष हुआ. तब एकआज्ञाकारी शिष्य सा था कुंतीपुत्र, गुरु के रूप में देवकीनंदनको आना पड़ा. अन्याय,अत्याचार और भयंकर भ्रष्टाचार; जब भी समाज में निर्बाधबढ़ने लगता है. गिरिधारी सा गुरु और पार्थ साविद्यार्थी, काल के कोख सेतबतुरंतपैदा होता है. बिगड़ती हुई व्यवस्था को पटरी परलाना,…

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संविधान संशोधन का क्या फायदा जब कानून बनाने वाले अयोग्य और स्वार्थ से भरे हों।।

समावेशी नेतृत्व का अर्थ बड़ा ही व्यापक और संधर्ष करने वाला होता है,  जो संयम, धैर्य सहनशीलता के साथ सबको समान भावना के साथ समावेश कर आगे बढ़ने को प्रेरित करे।जो खुद की नहीं  अपितु अपने संगठन अपने लोगो के आगे बढाने की सोच रखे वही नेतृत्व कहलाता है। सभी को समान अवसर मिले,  सभी…

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भारत के सांस्कृतिक पुनरूत्थान के विश्वकर्मा हैं नरेन्द्र मोदी

यह सुखद संयोग है कि आज देवशिल्पी भगवान विश्वकर्मा जी व राष्ट्रशिल्पी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का जन्मदिन एक साथ है। पिछले वर्ष प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में अपने संबोधन में कहा था कि हुनरमंद ही आज के युग के विश्वकर्मा हैं। प्रधानमंत्री स्वयं भी इसी दायरे में आते हैं। भगवान विश्वकर्मा ने…

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पंच से पक्षकार

          हरिप्रसाद और रामप्रसाद दोनों सगे भाई थे। उम्र के आखिरी पड़ाव तक दोनों के रिश्ते ठीक-ठाक थे। दोनों ने आपसी सहमति से रामनगर चौराहे वाली अपनी पैतृक जमीन पर दुकान बनाने का सोचा, ताकि उससे जो आय हो उससे उनका जीवन सुचारू रूप से चल सके।       दुकान का काम चल ही रहा था…

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हिंदी भाषा भूषण की मानद उपाधि मिली.. उर्मिला को

छत्तीसगढ की साहित्यकार उर्मिला देवी उर्मि को हिंदी भाषा की अनुपम सेवा के लिए देश की प्रतिष्ठित संस्था.. साहित्य मंडल नाथद्वारा राजस्थान.. द्वारा हिंदी भाषा भूषण की उपाधि से विभूषित किया गया है ।हिंदी पखवाडे के अवसर पर संस्था द्वारा 14 से 16 सितं. 22 तक .. हिंदी लाओ,देश बचाओ.. शीर्षक से आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी…

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संपादक मनमोहन शर्मा ‘शरण
को मिला ‘संपादक रत्न सम्मान’

साहित्य जगत में अपनी अनुपम अनूठी एवं गौरवमयी उपस्थिति दर्ज कराता विश्व विख्यात संस्थान ‘साहित्य मण्डल श्रीनाथद्वारा’ द्वारा 3 दिवसीय आयोजन ‘हिंदी लाओ देश बचाओ’ में देश के विभिन्न क्षेत्रों से पधारे साहित्य प्रेमियों, पत्रकार–संपादक, समाजसेवियों का मिलन हुआ जिसमें उत्कृष्ट साहित्य सृजन हेतु साहित्यकारों को तथा संपादन क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने पर संपादक…

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