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श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में हिंदी दिवस 2021 का आयोजन

श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स अर्थशास्त्र और वाणिज्य में अध्ययन करने के लिए एशिया के सर्वश्रेष्ठ कॉलेजों में से एक है। इस महाविद्यालय से निकली अनेक विभूतियों ने देश का नाम रोशन किया है। कॉलेज की सबसे पुरानी सभाओं में से एक हिंदी साहित्य सभा एक पंजीकृत एवम् प्रतिष्ठित सभा है, जो कि 1928 से…

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गणेश चतुर्थी पर श्री गणेश करें

श्रीमती कविता मल्होत्रा (संरक्षक-स्तंभकार-उत्कर्ष मेल) गणेश चतुर्थी पर श्री गणेश करें चिंतन ही जीवन का उद्देश्य करें ✍️ बुद्धि समृद्धि और सौभाग्य प्राप्त करने के लिए मनुष्य उम्र भर एक प्रतियोगी की तरह अनेक रास्तों से गुज़रता है।अधिकतर रास्ते स्वार्थ सिद्धि की बुनाई से गुँथे होते हैं इसलिए गंतव्य पर न पहुँच कर बहुत से…

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“मिल जाओ मोहन”

एक छोटे से गांव में मोहन अपनी मां के साथ रहता था। एक छोटा सा खेत था उनके पास। उसमें फसल उगाकर मां मोहन की परवरिश कर रही थी। मोहन एक होनहार छात्र था। कक्षा में हमेशा प्रथम आता।मेहनत से पढ़ाई करता। जो समय बचता उसमें मां की काम में सहायता कर देता। पिता का…

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मानव उत्थान के संकल्प से बेहतर कोई विकल्प नहीं

कविता मल्होत्रा किसी भी देश की संस्कृति मन्नतों के धागों की आस्था पर नहीं बल्कि मानवीय उत्थान के संकल्पों पर चल कर ही दिव्यता की ओर अग्रसर होती है। ✍️ बांधे इस बार आशीष का धागा रहे न कोई भी मानव मन अभागा ✍️ लगभग दो वर्ष से समूचा विश्व महामारी के विध्वंसक परिणामों की…

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आंकड़ों के खेल ने बढ़ा दीं मुश्किलें

राजनीतिक सफरनामा — कुशलेन्द्र श्रीवास्तव जब आंकड़ों का पौधा लहलहाता है तो धरातल दिखाई देना बंद हो जाता है । सरकार के सारे काम आंकड़ों के इर्दगिर्द ही घूमते हैं । यही तो कारण है कि संसद में स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने बता दिया कि हाल ही में सम्पन्न हुए कोरोनाकाल में किसी की भी…

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स्वतंत्र् है अपनी धरा, मन में बहती गंग है

सम्पादकीय, मनमोहन शर्मा ‘शरण’ सर्वप्रथम आप सभी को स्वतंत्र्ता दिवस की हार्दिक बधाई एवं अनन्त शुभकामनाएँ ।इस बार विशेष इसलिए भी है कि 15 अगस्त 2021 को हम 75वाँ स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं जो अमृत महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है ।आज हम एक पड़ाव पर पहुँचे हैं जहां हमें 7 दशक…

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भारत की एकता शांति समृद्धि और विकास का संकल्प हो

कविता मल्होत्रा (संरक्षक , स्तंभकार, उत्कर्ष मेल) भारत की आज़ादी का जश्न मनाने के लिए राष्ट्रीय ध्वज फहरा देने भर से किसी भी भारतवासी का अपने राष्ट्र के प्रति दायित्व पूरा नहीं हो जाता।भारत की एकता, शांति, समृद्धि और विकास का प्रतीक तिरंगा फहराना कोई रस्म नहीं बल्कि अपने देश के प्रति रक्षात्मक प्रवृत्ति का…

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 कनाडा दिवस पर  संस्मरण – ए – संवाद का सफल आयोजन

वैकुंवर कनाडा से “मनस्विनी” किचन से कलम तक ग्रुप का एक और सफल आयोजन सम्पन्न हुआ।वैकुंवर कनाडा में शिखा पोरवाल व अस्मिता लॉरेंस ने    एक अनूठी शाम   ‘संस्मरण – ए – संवाद’ (आपकी मेरी कहानी]   अप्रवासी भारतीयों की   आपबीती अपनी जुबानीकार्यक्रम का मनस्विनी तथा अनुराधा प्रकाशन के पटल पर लाइव दिखाया गयाकार्यक्रम शनिवार 3 जुलाई  की शाम (कनाडा में) , (भारत में 4 जुलाई प्रातः) को खुशनुमा व यादगार माहौल में सम्पन्न किया गया .कार्यक्रम के तीन विशिष्ठ अतिथि थें। 1 नूतन ठाकुर जी –  स्पाइस रेडियो 1200 AM ,2 मनमोहन  शरण शर्मा जी – लेखक, प्रकाशक, पत्रकार व संपादक , अनुराधा प्रकाशन3 राकेश तिवारी जी –  टोरेंटो कनाडा में कवि, पत्रकार, संपादक और प्रकाशक।वैंकूवर में  अन्य सामुदायिक भागीदारों के साथ मिलकर किया। मनस्विनी की महिला सदस्यों ने भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया जैसे नरिंदरजी, मधुजी, दीपाजी , विजया जी, सुचित्रा जी व रेशमा जी ।किसी ने  सुन्दर कविता सुनाकर तो किसी ने अपने संस्मरण सुनाकर संमा बांध दिया। कसा हुआ  मंच संचालन अस्मिता  व शिखा पोरवाल  ने किया। कुल मिलाकर एक बेहतरीन शाम बीती अपनों से दूर  पर  अपनों के बीच। “मनस्विनी” ग्रुप की कोशिश…

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बातों से बात नहीं बनती साहब!

सम्पादकीय (मनमोहन शर्मा ‘शरण’) पूरे विश्व में मानव जाति पर कोरोना बहुत बड़े संकट के रूप में छाया हुआ है । भारत की बात करें तो दूसरी लहर में क्या–क्या घटित हो गया यह किसी से छिपा नहीं है । दूसरी लहर में युवाओं पर कहर टूटा और संख्या गिनती से परे है । कुछ…

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हर रूह प्रेम की प्यासी है

कविता मल्होत्रा (संरक्षक एवं स्तंभकार – उत्कर्ष मेल) उधार की मिली सब साँसें,हर धड़कन मुक्ति की अभिलाषी है अपनी संवेदनाओं को साग़र कर दें, हर रूह प्रेम की प्यासी है ✍️ अति हर चीज़ की बुरी होती है, बचपन से सुनते आए हैं।मानव जाति से किस तरह के गुनाहों की अति हुई है जिनके परिणाम…

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