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वर्ष 2022 संकल्प : क्या करें?… क्या न करें?…

डॉ. नीरू मोहन ‘वागीश्वरी’ वर्ष आते हैं और चले जाते हैं परन्तु अपने साथ बहुत-सी दुखद और सुखद यादों के अनुभव छोड़ जाते हैं; जिनको याद करके मन कभी खुश हो जाता है और कभी दुखी। मुझे लगता है सभी को अपने आने वाले समय का इंतज़ार रहता है मगर वह कैसा बीतेगा इसका एहसास…

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नयी ऊर्जा की ओर : आशा सहाय

वर्ष 2021 गुजर चुका है।समस्याओं और उपलब्धियों से यह लर्षभरा रहा ,ऐसा कहने में हमें संकोच नहीं होता. इसलिए कि समस्याओं ने राष्ट्र को अगर परेशान किया तो उनके समाधान भी देश ने ढूँढ लिए । कोरोना से जूझने के लिए टीकाकरण अभियान ने सामान्य जनता को सामान्य जीवनशैली की ओर उन्मुख कर दिया।यद्यपि इतनी…

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विश्व कीर्तिमान हेतु भारतरत्न काव्य अनुष्ठान में किया 301 कवियों ने कविता पाठ

गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होगा गाजियाबाद,अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर साहित्य एवं संस्कृति के लिए समर्पित संस्थान के द्वारा 21 नवम्बर को ऑनलाइन कविता का महाकुम्भ आयोजित किया जिसमें भारत सहित विश्व के बीस देशों के रचनाकारों ने डुबकी लगाई।इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के संयोजक एवं संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष डॉ राजीव कुमार पाण्डेय ने…

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गोल्डन बुक ऑफ रिकार्ड द्वारा अनुमोदित कार्यक्रम में शिखा पोरवाल वैनकुंवर कनाड़ा से भाग लेंगी

आयोजक डॉ राजीव पाण्डेय कवि जी ने बताया कि“भारत रत्न काव्य महोत्सव”हिंदी साहित्य का अकल्पनीय ऑनलाइन आयोजन किया हैं।देश विदेश के 300 रचनाकारों की वाणी से गुंजायमान होगी भारत रत्न प्राप्त महापुरुषों की गाथा।21 नवम्बर 2021 प्रातः 10 बजे से रात 10 बजे तक।अंतर्राष्ट्रीय शब्द सृजन के फेसबुक पेज पर लाइव रहेगा। सभी विद्वजनों का…

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हे प्रभु ! इन्हें क्षमा करना

कुश्लेन्द्र श्रीवास्तव (स्थाई स्तंभकार) अब इससे अधिक तो कुछ कहा ही नहीं जा सकता कि ‘‘हे प्रभु ! इन्हें क्षमा करना..ये नहीं जानते कि वो क्या कह रहे हैं । जैसे आम ‘‘बौरा’’ जाता है वैसे ही ‘‘खास’’ भी बौरा ही जाते हैं । कंगना भी खास होते ही बौरा गई लगने लगीं हैं ।…

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लोक आस्था का महा पर्व-छठ व्रत

             लाल बिहारी लाल         छठ मईया की महिमा,जाने सकल जहान। “लाल पावे” जे  पूजे, सदा करी कल्याण।।                                         (लाल बिहारी लाल) सृष्टी की देवी प्रकृति नें खुद को 6 बागों में बांट रखा है। इनके छठे अंश को मातृदेवी के रुप में पूजा जाता है। ये ब्रम्हा की मानस पुत्री हैं। छठ व्रत यानी इनकी…

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उम्मीद: नन्हे दीपों के उजियारे से

                                                                                                             कुशलेन्द्र श्रीवास्तव तिमिर के नाश का पर्व दीपोत्सव द्वार पर दस्तक दे रहा है । हमें अमावश्या की गहन काली रात को नन्हें दीपों का उजियारा कर प्रकाशवान करना है । प्रकाश ही तो हमारे पथ को आलौकिक करता है । पर अंधियारा इतना फेल चुका है कि नन्हे-नन्हे दीपों का प्रकाश हमारा मार्ग…

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अनशन

   “कमली खाना खा ले बेटा ,जिद नहीं करते । देख ले खाना नहीं खायेगी तो कमजोर हो जायेगी।”  “ठीक है माँ मैं खाना खा लूँगी पर तू भी मेरा एडमिशन करा दे ।”  “नहीं बेटा तेरे पिताजी नहीं मान रहे हैं , कोई अच्छा रिश्ता मिल रहा है ,वे उसे छोड़ना नहीं चाहते हैं…

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बाज़ार

अंजू और नीना हफ़्ते भर का सामान लेने बाजार में चक्कर लगा रही हैं । दोनों पुरानी सहेलियां हैं इस लिए एक बेफ़िक्री सी दोनों पर छाई हुई है । बेफ़िक्री और संग – संग मौज मज़ा भले हो मगर सौदा लेने में दोनों की ओर से अभ्यस्त सतर्कता बरती जा रही है । अभी…

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अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था स्व. हरविंदर सिंह लबाना जी की स्मृति में कवि सम्मेलन का आयोजन

४ अक्टूबर २९२१, को “अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था” दिल्ली के तत्वावधान में समूह की राष्ट्रीय अध्यक्षा आ० Madhu Madhubala Labana जी द्वारा, स्व. हरविंदर सिंह लबाना जी की स्मृति में और आ० राकेश शम्स (एटा) जी की अध्यक्षता में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें “आदित्य साहित्य साधना संस्था” के संस्थापक, प्रसिद्ध कवि और व्यंग्यकार…

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