Special Article
जीत उसकी …हार किसकी…. ?
मनमोहन शर्मा ‘शरण’ जब भारत में कोरोना महामारी का पहला मरीज संक्रमित पाया गया तब हमने चैकसी बरतनी शुरू कर दी थी, ऐसा हमें बताया गया । धीरे धीरे संख्या 50 / 100 तक पहुँची तब तक हम ‘जनता कर्फ्यू’ तथा लॉकडाउन की प्रक्रिया प्रारंभ कर चुके थे । जब पहले लॉकडाउन की घोषणा की…
समस्याएँ –लाँकडाउन में मजदूरों की।
अभी कुछदिनों पूर्व तक प्रथम लॉकडाउन के दौरान देश में अचानक बढ़ती कोरोना संक्रमण की संख्या के लिए देशवासियों , नेताओं ,पत्रकारों मीडिया और अन्य उन सभीसामान्य लोगों के द्वारा जो लॉक डाउन के पश्चात देश को कोरोना मुक्त होजाने का स्वप्न देख रहेथे,उन तबलीगी जमातियों को अत्यधिक कड़वाहट से भर कर दोषी ठहराने लगेथे…
कोरोना भगवान की जय ?
यशपाल सिंह प्राचीन कथा है कि एक था हिरणाकश्यप। शक्तिशाली था । राजा था। अमर होना चाहता था, जैसे कोई भी राजा होना चाहेगा । ईश्वर की स्तुति की। ईश्वर प्रकट हुए मगर उन्होंने कहा कि अमरता को छोड़कर कुछ भी मांग लो। लेकिन वह तो अमर होना चाहता था। इसलिए उसने अपने मरने की…
आँसू जो तेज़ाब बन गये
प्रवासी नहीं,ये भारतवासी हैं,सैंकड़ों हजारों किलोमीटर दूर पैदल चलने को मजबूर हैं,इन्हीं को आप राष्ट्र निर्माता कहते हैं,भाग्य विधाता कहते हैं,यही तो आपके मतदाता हैं, जिन्होंने आप को सत्ता तक पहुंचाया है, यही हैं वो,जिनके बारे में संविधान की प्रस्तावना में लिखा है-“हम भारत के लोग”जिन गाँवो को ये लोग लौट रहे हैं, वे सालों…
मुसाफिर हूँ यारों
लगातार मजदूरों के पलायन की बातें सुन सुनकर और टीवी, व्हाट्सएप जैसे बहुत से माध्यमों के द्वारा बड़ी ही दुखदाई फोटो देख-देख कर मन बहुत ज्यादा व्यथित हो रहा था।सोच रहा था क्यों ना कुछ मजदूरों के पास जाकर उनकी स्थिति को जाना जाए। मन के कोतुहल को मिटाने के लिए मैंने इन लोगो…
बच्चों तुम तक़दीर हो कल के हिंदुस्तान की : कविता मल्होत्रा
इस बार गर्मी की छुट्टियों से पहले ही स्कूल बँद हो गए, और बढ़ी हुई छुट्टियों के साथ ही बच्चों का नानी-दादी के घर पर जाना बँद हो गया, दोस्तों के साथ बाहर खेलना-कूदना सब बँद हो गया।असमँजस की स्थिति में सभी बच्चे व्याकुल होकर लॉकडाऊन के ख़त्म होने का इँतज़ार कर रहे हैं। पूछे…
कोरोना महामारी-रियल एस्टेट क्षेत्र में सुधार के लिए एक अवसर
(सोनल सिन्हा फाउंडर – MyBhkFlat) इन दिनों पूरा विश्व कोरोना के संकट से जूझ रहा है। सच तो यह है कि विकसित और विकाशशील दोनों ही तरह के देश इसके शिकार हैं। यह किसी भी देश के लिए हरेक मुद्दे पर एक बहुत बड़ी परेशानी का सबब बन चुका है। आज दुनिया के तमाम अर्थशास्त्री…
सोनाली सिंघल जी की शुभकामना एवं कविता
अनुराधा प्रकाशन के संपादक श्री मनमोहन शर्मा जी की मैं दिल से सदैव ही अभारी रहूंगी जबसे उनसे जुड़ी हूं उनका व्यवहार हमेशा घर के सदस्यों जैसा ही रहा है, मेरे सुख दुख में वे सदैव ही जुड़े रहें , और अनुराधा प्रकाशन को एक परिवार का रूप से सभी को जोड़े रखा है.. अनेक…
इस्लामिक कट्टरपंथियों को खुला पत्र !
बकैती करते ये इस्लामिक कट्टरपंथी जब तक भारत से रुखसत नहीं हो जाते , तब तक सच मानिए ये तेरे टुकड़े होंगे का नारा भारत माता के सीने पर घाव करता रहेगा । अभी हाल ही में एक और बकैत दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष ज़फरुल इस्लाम खान ने कुछ दिन पहले ट्वीट किया था…
‘क्या चाइना को समय दिखाएगा आईना’ ? (सम्पादकीय)
(मनमोहन शर्मा ‘शरण’) चाइना के वुहान से फैला ‘कोरोना’ वायरस पूरे विश्व के लिए प्रकोप बन गया है जिससे लगातार 180 देश पीड़ित हो चुके हैं । अमेरिका सहित कई अन्य देशों ने शीधा चाइना की ओर इशारा भी किया है और आगाह भी कर दिया है कि यदि इसमें चीन की सोची समझी साजिश…
