Latest Updates

दोहों के मनके

अपना अपना ज्ञान है,सब जग रहा बखान। माने खुद को ही बड़ा,दें न किसी को मान।। देखो सजा बजार है , दुनिया में सब ओर। अपना अपना ज्ञान वे , बेच रहे पुरजोर ।।  ज्ञानी सब बनते फिरें , सच से होकर दूर।  अपना अपना ज्ञान ले, फिरते मद में चूर ।।  राम और रहमान…

Read More

योग और अध्यात्म

आओ, योग करें  हम  और   करें     आत्म- मन्थन, योग   हमारे   लिए आज  है   कितना      उपयोगी? इसका है अभिप्राय पुरुष-प्रकृति की विवेचना और पुरुष- तत्व   का   आसन- रूप  में    विश्लेषण  है। गीता में भी कहा कृष्ण ने पुरुष-प्रकृति विश्लेषण है, अन्य वक्ता  भी  इसको   इसी अर्थ  मैं   हैं    मानते। इसके  होते   पन्द्रह  प्रकार  जो  अति महत्वपूर्ण …

Read More

सिद्ध बहुत तन की गुफा  (दोहे)

साधे तो सधता सभी, योग बड़ा विज्ञान | मन की इच्छा पूर्ण हो, आ जाये संज्ञान || मन की आंखें खोल तो, देख जगह संसार | वरना सब कुछ सो रहा, जो तेरा अधिकार || सांसों में है भेद सब, सब सांसों का सार | भार समर्पित भाव यह, जीवन का आधार || योग चेतन…

Read More

आओ मिलकर करेंगे योग

आओ मिलकर करेंगे योग, मिट जाएंगे सारे रोग । सारी दुनिया जिसे करेगी , आया ऐसा शुभ संयोग ।। आओ मिलकर करेंगे योग … चुस्ती फुर्ती मुस्कान रहेगी योग करोगे जीवन में , नहीं बुढ़ापा कभी आएगा काया होगी यौवन में । निडर निर्भीक बनेगा यारों कभी न होगा वह डरपोक । आओ मिलकर करेंगे……।।…

Read More

‘योग और अध्यात्म”‘

‘योग और अध्यात्म”‘ ________ क्या देता संसार है हमको लोभ बताता है कीमत स्वयं की क्या है हमको योग बताता। सांसारिक दुखों से ना अस्तित्व बिगड़ता है बेशकीमती कितने तुम अध्यात्म बताता है। क्यों शालीनता है शब्दों में योग बताता है क्यों सभ्य भिखारी जितना राजा योग बताता है। क्यों  शिष्टाचार है उत्तर में अध्यात्म…

Read More

आपकी हो कृपा तो तृप्ति मिले

आपकी हो कृपा तो तृप्ति मिले शरण में आया है ये प्यासा मन चिर प्रतीक्षा पूर्ण नहीं हो रही मन चाहता नहीं दूसरा कोई धन अनवरत साधना का पथ यूँ दिखे जैसे मृग ढूँढें कस्तूरी को वन वन आपकी वो कृपा आज मुझको मिले जिसको खोजे दुनिया का हर जन सार हीन जीवन ये भी…

Read More

योग पर दोहे

योग जगत का सार है,सदगुण लिए हजार। इसकी महिमा  से सदा,सुख पावत संसार।। योग  सनातन   है  महा ,दूर  करे  सब रोग। जिससे पाते सुख सदा,जीवनमें सब लोग।। योग  अंग  जागृत  करी , लाता  रंग भरपूर। चमके  तेज  ललाट पर,मिले खुशी का नूर।। जीवन की हर जीत में ,योग  निराला जान। स्वस्थ निरोग जीवन में ,है…

Read More

चिंता का सबब बनता गिरता हुआ रुपया 

-सत्यवान ‘सौरभ’ रुपये के मूल्यह्रास का मतलब है कि डॉलर के मुकाबले रुपया कम मूल्यवान हो गया है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 77.44 के सर्वकालिक निचले स्तर पर आ गया। सख्त वैश्विक मौद्रिक नीति, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और जोखिम से बचने, और उच्च चालू खाता घाटे से भारतीय रुपये के लिए गिरावट…

Read More

नया सवेरा

         स्टेशन से निकल कर जैसे ही रामू थोड़ा आगे बढ़ा की तेज बारिश चालू हो गयी । पीछे से आ रहे जुगनू ने बिना सोचे समझे अपनी छतरी उसके सिर पर भी कर दी।रामू ने चौंककर उसकी ओर देखा और जुगनू की आँखों में पता नही क्या नजर आया दोनों ही हँसकर साथ साथ…

Read More

तितली

बस पीछे पीछे दौड़ा जाता पंखों को पकड़ने रंग विरंगे; कटिले वृंत-कुंजों में जाता कोशिश के पाँव रहते नंगे। पीली पंखों वाली तितली हाथों में पीले रंग भुरकती; पंख फड़फड़ा सूंड हिला उड़ भागने खूब मचलती। नीली,बैगनी,गुलाब रंग की जैसे परीलोक से थी आई; लाख कोशिश कर हारा मैं सदा रही वह भागती-पराई। कितनी भूखी…

Read More