व्यंग्य : शठम् शाठयं समाचरेत्….
पंकज सीबी मिश्रा /राजनीतिक विश्लषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी जी हां ! प्रस्तुत व्यंग्य शुद्ध मवेशी संस्कृति को इंगित करता एक आंखे खोलने वाला आलेख है जिसे पढ़कर कुछ ठौर और धिंढोर के आंखो में सूजन आ सकती है । कल किसी दिशा से आवाज़ आई- ‘ वोट चोर, गद्दी छोड़। वोट चोर ने इस…
