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अंतरराष्ट्रीय मित्रता दिवस पर विशेष “किताबों के पन्नों से लेकर अनकही कहानियों तक”

“किताबों के पन्नों से लेकर अनकही कहानियों तक”… वो दोस्त जो हमारी डायरी के हिस्से होते हैं
UmaMehtaTrivedi, freelance writer, Karnataka


​जिंदगी की किताब में कई पन्ने ऐसे होते हैं जो कोरे छूट जाते हैं,लेकिन कुछ पन्नों पर शब्दों की जगह कुछ खास लोगों के हस्ताक्षर होते हैं। अंतरराष्ट्रीय मित्रता दिवस के अवसर पर जब हम अपनी यादों की डायरी पलटते हैं, तो पाते हैं कि हमारे सबसे गहरे दोस्त सिर्फ हमारे साथ नहीं रहे,बल्कि वे हमारी किताबों के मार्जिन, लाइब्रेरी के कोनों और हमारी पर्सनल डायरी के अनकही कहानियों वाले पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गए हैं।
​हमारी जिंदगी का एक दौर ऐसा होता है जब स्कूल या कॉलेज की लाइब्रेरी हमारी दुनिया होती है। परीक्षा के तनाव से घिरे उस माहौल में, जब कोई दोस्त अपनी पसंदीदा किताब का पन्ना हमारी तरफ बढ़ाता है या नोट्स शेयर करते हुए कोने में एक छोटा सा मोटिवेशनल जोक लिख देता है, तो वो सिर्फ कागज का टुकड़ा नहीं रहता,बल्कि एक अटूट रिश्ते की नींव बन जाता है। शेक्सपियर की कविताओं से लेकर उपन्यास के किसी दुखद अंत तक,हमने हर भावना को अपने इन दोस्तों के साथ जिया है।
​इन दोस्तों के साथ हमारी दोस्ती का दायरा सिर्फ कैंटीन की चाय तक सीमित नहीं होता,बल्कि हमारी किताबों की अलमारी तक फैला होता है। किसकी डायरी में किसकी लिखी हुई कोई कविता, पसंदीदा गाना या स्केच छिपा है,यह सिर्फ हम दोनों ही जानते हैं। जब जीवन में कभी हम अकेलेपन या उदासी से घिरे होते हैं, तो सोशल मीडिया के मैसेज नहीं,बल्कि बरसों पुरानी वो डायरी और किताबों के बीच रखे सूखे गुलाब या चॉकलेट के रैपर हमें सबसे ज्यादा सुकून देते हैं। ऐसा लगता है मानो वे पन्ने आज भी हमारे दोस्त की हंसी और उसकी गर्माहट को समेटे हुए हैं।
​सबसे खूबसूरत बात यह है कि ये दोस्त हमारी उन कहानियों के गवाह होते हैं जिन्हें हम दुनिया से छिपाकर रखना चाहते हैं। हमारी डायरी के पहले पन्ने से लेकर आखिरी उम्मीद तक,वे हर बात से वाकिफ होते हैं। वक्त के साथ भले ही हम पन्नों की तरह आगे बढ़ जाएं, नई किताबें और नए शहर हमारी जिंदगी में आ जाएं,लेकिन उन पुरानी किताबों के साथ जुड़ी वो यारी आज भी उतनी ही तरोताजा है।
​सच कहें तो,ये दोस्त हमारी जिंदगी की वो बेहतरीन किताबें हैं जिन्हें हम बार-बार पढ़ना चाहते हैं। वे हमारी लाइब्रेरी की शान हैं और हमारी डायरी की वो अनकही कहानियां हैं जो उम्र के हर पड़ाव पर हमें मुस्कुराने की वजह देती हैं।

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