सच्चा है एक प्यार तुम्हारा
सच्चा है एक प्यार तुम्हारा। बाकी तो सब यहाँ झूठ हैं।। फैला हिय दीपक उजियारा। बाकी तो सब भृम रूप हैं।। इत उत ढूंढे कण कण में। पल्लवित तेरा ही स्वरूप है।। मूढ़ मन को समझ न आये। गूढ़ तेरा हर मन रूप हैं।। नैनो में दर्शन की चाह । तू नैनो में ही समाया…
