मैं नारी हूँ
मैं नारी हूँ गर्व करूँ, या खुद से ही डर जाऊँ मैं। डर के साये में मैं जीती, क्या खुद ही मर जाऊँ मैं।। बेटी हो जाए घर में, उसे बोझ समझ के पाला है। खुशियाँ जब आती घर में, हो जाए एक लाला है।। क्या किस्मत पाई नारी,बचपन से ही हीन हुई। देख के…
मैं नारी हूँ गर्व करूँ, या खुद से ही डर जाऊँ मैं। डर के साये में मैं जीती, क्या खुद ही मर जाऊँ मैं।। बेटी हो जाए घर में, उसे बोझ समझ के पाला है। खुशियाँ जब आती घर में, हो जाए एक लाला है।। क्या किस्मत पाई नारी,बचपन से ही हीन हुई। देख के…
रूह की गर्त पर एक नकाब लपेटे हूँ। टूटे सपनो में अब भी आश समेटे हूँ।। दुखों की कड़कड़ाती धूप बहुत है। खुशी की सर्द हवा की उम्मीद समेटे हूँ।। क्यूँ हुआ तू किनारे , सोचता है क्यूँ भला। देख पीपल के नीचे रखे भगवान का नजारा, टूट जाये अगर भगवान की मूरत का कोना,…
नही है कोई रक्षक तेरा ऐ भारत की नारी। करनी होगी तुझ को खुद ही अब अपनी रखवारि। वन कालका या बन चंडी कौइ भी रूप अपना। हाथों मे हथिआर लेकर, तू दैत्य संहार कर डाल। कोई नही आयेगा आगे,कभी तुझ को बचाने। पर आ जायेगें कैई राक्षस ,तुमको जिन्दा जलाने । बंद कर दे…
सुबह जैसे ही टी वी खोलते ही लोगों ने हैदराबाद के चारों बलात्कारियों के एन्काउन्टर में मारे जाने का समाचार सुना,तो पूरे देश में खुशी व उल्लास का वातावरण छा गया। ऐसे वीभत्स कांड के इतनी जल्दी पटाक्षेप ने जन मानस में आशा का संचार कर दिया। 16 दिसम्बर को निर्भया कांड को सात साल…
पहले आम जनमानस को सस्ते काल दर और सस्ती इंटरनेट सेवाओं की लत लगाई फिर धीरे- धीरे दरो को महंगा करते गए और आज हालात ये हो गए है कि आम जनता खुद को ठगा महसूस कर रही । विगत दो साल से जिस तरह टेलीकॉम कम्पनियों ने जनता को लूटा है वो आक्रोश पैदा…
” लगेगी आग तो आएंगे घर कई जद में, यहां पे सिर्फ हमारा मकान थोड़ी है “ आज में जिस विषय पर लिख रहा हूँ उस विषय पर बशीर बद्र साहब की यह पंक्तियां एकदम सटीक बैठती नजर आती हैं माफ करना आज में जो लिख रहा हूँ वो शायद आपको बुरा लग सकता है?…
एम०के० साहित्य अकादमी पंचकुला (रजि०) एवं माइंड वेदा इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में हरियाणा उर्दू अकादमी पंचकुला के सहयोग से डॉ मनोज कुमार गुप्ता की स्मृति में 15वें वार्षिक राष्ट्रीय अधिवेशन 2019 के अंतर्गत कवि सम्मेलन एवं मुशायरा तथा अवार्ड व सम्मान समारोह का आयोजन दिनांक 14 दिसंबर 2019 ( दिन शनिवार ) को दोपहर…
गाँधी –पटेल के सपनों का भारत, फिर से सोने की चिड़िया कहलायेगा अपना भारत, 5 ट्रिलियन इकोनॉमी होगी यहां की, सभी देशवासियों को घर नसीब होगा । विदेश में जमा धन लौट आएगा भारत में । प्रत्येक नौजवान नौकरी/ रोजगार पर होगा । देश में भी काला धन बाहर आ जाएगा और देश नं 1…
डॉक्टर सुधीर सिंह हैदराबाद के दरिंदों को सख्त से सख्त सजा मिले,‘डा.दिशा’ के परिवार को शीघ्रातिशीघ्र इंसाफ मिले.बलात्कार के गुनाहगारों को फाँसी मिले चोराहे पर,खौल रहा है खून लोगों का दोषियों की बर्बरता पर.हैवानों की हैवानियत पर शर्मसार है आज मानवता,हृदय विदारक घटनाओं से हतप्रभ हैं भारत माता.कितनी मजबूर ‘निर्भया’की निर्ममता से हत्या होगी?बेमहफूज बेटियों…
लाल बिहारी लाल गुदरी के लाल देशरत्न डा.राजेन्द्र प्रसाद का जन्म 3 दिसम्बर 1884 को बिहार के तत्कालिन सारण जिला (अब सीवान)के जीरादेई गांव में एक कायस्थ परिवार में हुआ था। इनके पिता महादेव सहाय हथुआ रियासत के दीवन थे। अपने पाँच भाई-बहनों में वे सबसे छोटे थे इसलिए पूरे परिवार में सबके लाडले थे।…