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आयी हैं माँ

हाथी की सवारी पर आयी हैं भवानी करने कल्याण सबकी माता रुद्राणी। चँवर डुलाओ माँ की आरती उतारो अगर कपूर संग घृत दीप जलाओ । चमके मैया के माथे मुकुट स्वर्ण का आओ जी सखी दर्शन माँ के पाओ। ममता की मूरत हैं माँ अम्बे यह मेरी आयी हैं विनती सुनने माता ब्रह्माणी। जीवन जगमग…

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ग़ज़ल

इस नये साल पर दें तुम्हें क्या बधाइयाँ। हर सिम्त हैं चीखें-पुकार, ग़म- रुलाइयाँ। हम जायें किधर इधर कुंआ, उधर खाइयाँ गुमराह हो गयी हैं हमारी अगुआइयाँ। काबिज़ हैं ओहदों पर तंग़ज़हन ताक़तें, हथिया रहीं सम्मान सभी अब मक्कारियाँ। ईमानदारियों की पूछ- परख है कहाँ, मेहनत को भी हासिल नहीं हैं कामयाबियां। माँ,  बहन, बेटियों…

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भारत विकास परिषद सृष्टि शाखा के तत्वाधान में विराट अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित हुआ ‘एक शाम मां के नाम’

पिलखुवा, भारत विकास परिषद सृष्टि शाखा के तत्वधान में एक विराट अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित हुआ कार्यक्रम के संयोजक| वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकार अशोक गोयल रहे| कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकार| डॉ वागीश दिनकर ने की।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान से सोहन लाल शर्मा प्रेम रहे।आज के कार्यक्रम का…

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मेरी माँ

पुनीता शुक्ला अगर तुम न होती न होते हम तुम्हारे वजूद से ही बने हैं हम न होती ये सांसे, न होता ये दिल, न दिल कि ये धड़कन न होते हम अगर तुम न होती ——- अपनी दुवाएं और ये आँचल आँचल में लिप्त हुआ ये प्यार न छोड़ देन इसे कभी, विनती करूँ…

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लौटें एक सार्वभौम संस्कृति की ओर —

यद्यपि  यह एक सार्वभौमिक विषय है , किसी स्थानविशेष से ही सम्बद्ध नही। मानवता के नाम पर कलंक समझी जाने लायक यह समस्या पुरुषों की  सबलता  के आदिकालीन अहंकार से जुड़ी है।  किन्तु आज भी सभ्यता के शिखर पर पहुँचने का दावा करनेवाला यह जगत  महिलाओं के   साथ इस प्रकार के व्यवहारों को अंजाम दे…

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जो लोग लक्ष्य नहीं बनाते हैं,वे लक्ष्य बनाने वाले लोगों के लिए काम करते हैं

यदि आप अपनी योजना को सार्वजनिक कर दें, तो आप सामाजिक दबाव की वजह से उस पर अमल करने के लिए ज़्यादा समर्पित हो जाएँगे। योजना बताती है कि आदर्श परिस्थिति में क्या होना चाहिए। समीक्षा बताती है कि क्या हो रहा है और मनचाहा परिणाम पाने के लिए आपको क्या फेरबदल करना चाहिए। योजना…

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मैं कैसे पढ़ूँ?

       रोहन बड़े ही सहज भाव से पास आकर खड़ा हो गया,“मैम आप कहती तो हैं कि तुमलोग डॉक्टर, इन्जीनियर ,शिक्षक कुछ भी बन सकते हो, परंतु हमारे यहाँ तो दो जून का भोजन भी मुश्किल से बनता है, हमारे माँ-बाप हमें कहाँ से डॉक्टर और इन्जीनियर बनायेंगे? उसमें तो बहुत अधिक पैसे लगते हैं।”…

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कहां चला गया पुलिस के हाथों में लहराने वाला डंडा

संजय सक्सेना,लखनऊ,वरिष्ठ पत्रकार उत्तर प्रदेश की सड़कों पर वर्षों तक एक दृश्य बेहद सामान्य हुआ करता था, जो अब केवल पुरानी यादों या पुलिस थानों की धूल फांकती फाइलों में सिमट कर रह गया है। खाकी वर्दी पहने एक पुलिस कर्मी, जिसके हाथ में एक लंबी, मजबूत और पॉलिश की हुई बेंत की लाठी होती…

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श्री चौरासिया ब्राह्मण समाज समन्वय समिति के व्दारा‌ ‘राष्ट्रीय प्रबुद्ध ब्राह्मण‌ महासम्मेलन‌’ का सफल आयोजन

नयी दिल्ली; श्री चौरासिया ब्राह्मण समाज समन्वय समिति द्वारा आयोजित “राष्ट्रीय प्रबुद्ध ब्राह्मण सम्मेलन” कल यानि 23 मार्च 2025 को एनडीएमसी सभागार, 15 संसद मार्ग, नई दिल्ली में परम पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य ज्योतिष्पीठाधीश्वर अनंत श्री विभूषित स्वामी देवादित्यानंद जी महाराज की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। सर्वाधिक प्रतिष्ठित व्यक्तियों में, द्वापरयुग में श्री द्रोणाचार्य जी व्दारा…

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कमजोर नहीं रहा भारत : राजनाथ

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने चीन को दो टूक शब्दों में संदेश दिया कि भारत को कमजोर समझने की गलती ना करें. उन्होंने पूर्वी लद्दाख को लेकर बने गतिरोध को दूर करने के विषय में कहा कि  चीन से सैन्य और राजनयिक स्तर पर बातचीत चल रही है। भाजपा की ओर से मोदी सरकार के दूसरे…

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