Latest Updates

हिंदी हास्य नाटक : अंगूर तो मीठे थे, का होगा मंचन

पंचानन पाठक हास्य नाटक समारोह में भव्य कल्चरल सोसाइटी पंजीकृत प्रस्तुत हिंदी हास्य नाटक : अंगूर तो मीठे थे लेखक प्रेम भारती,निदेशक संजय अमन पोपली,दिनांक 5 सितंबर,21,शाम 7 बजे अक्षरा प्रेक्षागृह, आरएमएल हॉस्पिटल के साथ,नई दिल्ली। कहानी बच्चूसिंह चौरसिया व सपना पति पत्नी हैं। इनके सामने घर में मुरालीलाल वह नीलम रहते हैं। मुरारीलाल को…

Read More

बलात्कार की व्यापकता

  डॉ. अवधेश कुमार अवधजब से मूलभूत आवश्यकताओं के अभाव में लोगों के मरने की समस्या खत्म हुई है, मानव जनित एक नई समस्या ने आकर समाज को घेर लिया है। मानव द्वारा मानव का बलात्कार। उम्र और लिंग को नजरअंदाज करते हुए बलात्कार। निजी और सार्वजनिक स्थलों पर बलात्कार। दुधमुहे बच्चों से लेकर मरणासन्न तक…

Read More

दर्द घुटनों में पाया गया

अरुण शर्मा साहिबाबादी। ग़ज़ल…….. दर्द घुटनों में पाया गया,फिर भी रिक्शा चलाया गया। मैं फ़क़त रिक्शे वाला रहा,नाम से कब बुलाया गया। मेरा रिक्शा पलटते बचा,जब ये पुल पर चढ़ाया गया। काम रिक्शे का‌ मेहनत का था,फिर भी छोटा बताया गया। आज रिक्शा फंसा जाम में,आज कुछ ना कमाया गया। एक गमछा था मुझ पर…

Read More

लो कर गए प्रवेश नए वर्ष में फिर हम.

लो कर गए प्रवेश नए वर्ष में फिर हम बस देखते रहे गुज़रते पलों को हम l जाता हुआ साल इतिहास लिख गया क्या पाया हमने खोया सब हिसाब लिख गया कुछ हसरतें थीं दिल में जो पूरी न हो सकीं कुछ पल खुशी के साथ मेरे नाम लिख गया लेकर नई आशाएं बढ़ें सबके…

Read More

दंगाइयों की इंटरनेशनल बेइज्जती पर आमादा योगी सरकार !

आपको याद होगा कि दंगो पर एक जनहित याचिका की सुनवाई के  दौरान हाईकोर्ट ने टिप्पणी किया था कि दंगो को कुचलने का हुनर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से सीखें , ये टिप्पणी यूं ही नहीं था ना ही यह मिथ्या है क्योंकि योगी जी ने वो कर दिखाया जिसकी हिम्मत ना केजरीवाल सरकार…

Read More

भगत सिंह

एक बार फिर पुकारा तुमको भगत सिंह फिर आ जाओ। मिली कहां है आजादी फिर से आजादी दिला जाओ।। पल-पल छलता सच यहाँ झूठ की खेती हरी-भरी। रंग केसरिया चुनर भारत मां को फिर से ओढ़ा जाओ।। एक बार फिर पुकारा तुमको भगत सिंह फिर आ जाओ हर राखी पर रोती बहना तुम जैसा कोई…

Read More

हिंदी भाषा की उत्पत्ति एवं विकास एवं अन्य भाषाओँ का प्रभाव (हिंदी दिवस पर विशेष )

डॉ सुशील शर्मा प्रारम्भिक अवस्था में मानव ने अपने भावों-विचारों को अपने अंग संकेतों से प्रषित किया होगा बाद में इसमें जब कठिनाई आने लगी तो सभी मनुष्यों ने सामाजिक समझौते के आधार पर विभिन्न भावों, विचारों और पदार्थों के लिए अनेक ध्वन्यात्मक संकेत निश्चित कर लिए। यह कार्य सभी मनुष्यों ने एकत्र होकर विचार…

Read More

पुस्तक समीक्षा मंज़र गवाह हैं

समीक्षक : मुकेश पोपली दुनिया में अनेक तरह के मंज़र हम देखा करते हैं।  कुछ मंज़र ऐसे होते हैं जो हम कभी भी दुबारा नहीं देखना चाहते।  कुछ ऐसे भी होते हैं जिन्हें हम बार-बार देखना चाहते हैं।  हमारे जीवन में बहुत बार ऐसा भी होता है कि हम विभिन्न परिस्थितियों से गुजरते हुए कुछ…

Read More

करोना का भूचाल

करोना का भूचाल करोना ने मचा दिया देश में भूचाल, अनदेखे साये ने कर दिया बवाल। देश विदेश में कर दिया अफरा तफरी का हाल, त्योहारों के उत्सव में कर दिया आतंक। जनता भय से व्याकुल हैं, सरकार हैं विवश, पुलिस चिकित्सक सभी मिलकर लड़ रहे जंग। इस समस्या का एक मात्र अब यही हैं…

Read More

श्री भटनागर की पुस्तक शिव से संवाद का पद्म भूषण  श्रद्धेय दाजी द्वारा विमोचन

विश्व में विख्यात रामचंद्र मिशन हार्टफुलनेस मेडिटेशन के मार्गदर्शक एवं गुरु पद्म भूषण श्रद्धेय दाजी ने   इंदौर के हार्टफुलनेस मेडिटेशन सेंटर में एक समारोह में श्री अरुण एस भटनागर आई आर एस ,समूह सलाहकार आईआईएसटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स द्वारा लिखित कविताओं का एक उत्कृष्ट संग्रह “शिव से संवाद” का विमोचन किया।  एक गरिमामय कार्यक्रम में …

Read More