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लोकार्पण : ‘आधुनिक परिप्रेक्ष अयोध्या’ : पुस्तक

विश्व पुस्तक मेला में डॉ.राहुल की नवीनतम पुस्तक“आधुनिक परिप्रेक्ष्य में अयोध्या” का लोकार्पणसुप्रसिद्ध साहित्यकार एवं समालोचक प्रो करुणाशंकर उपाध्याय, अध्यक्ष, हिन्दी विभाग, मुम्बईविश्वविद्यालय ने किया।उन्होंने कहा कि यह अत्यन्तमहत्वपूर्ण और उपयोगी पुस्तक है।इसमें अयोध्या केइतिहास से संबंधित अनेक ऐसी दुर्लभ जानकारियांदी गई हैं जो जिज्ञासा जागृत करती हैं।इतिहास केपरिप्रेक्ष्य में भारतीय संस्कृति के अध्येता प्रसिद्धविद्वान…

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घटती जी.डी.पी. वाला अर्थशास्त्र

पिछले दिनों भारत की जी. डी. पी. दर 5.8 से घटकर 5 पर आ गयी फिर क्या था कई अर्थशास्त्रीयों के माथे पर शिकन सी आ गयी जबकि विपक्ष इसे मुद्दा बनाकर मोदी सरकार को घेरने मे जुट गया पर असलियत तो समझना होगा । भारत फिलहाल वैसी जटिल स्थिति में नहीं फँसा है जैसा…

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देश में कोरोना वायरस के एक लाख 61 हजार नए मामले, 1733 मरीजों की मौत

देश में कोरोना की तीसरी लहर अब खत्म होने की ओर है। पिछले कुछ दिनों से कोरोना के मामलों में हो रही लगातार गिरावट से इसके संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, मृतकों की संख्या में हो रहा इजाफा टेंशन बढ़ा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना को लेकर अपडेट जारी किया है। इसके अनुसार, देश…

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आसमान पर उड़ें, पर जमीन से जुड़ें : मनमोहन शर्मा ‘शरण’

सर्वप्रथम आप सभी को दशहरा पावन पर्व  की बहुत बहुत बधाई  एवं अनन्त शुभकामनाएं ।  प्रत्येक वर्ष अपने पर्व–त्यौहारों को श्रद्धापूर्वक हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं ।  अच्छी बात है किन्तु ज्यादा जरूरी यह है हमारे लिए कि पर्वों–त्यौहारों को मनाएँ पर उसके महत्त्व–महिमा को समझने का प्रयास करें और अपनी जीवन शैली में आत्मसात…

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क़लम से कलाम के दफ़्तर तक

कविता मल्होत्रा (वरिष्ठ समाजसेवी एवं स्तंभकार -उत्कर्ष मेल) क़लम से कलाम के दफ़्तर तक पहुँचना हर किसी के बस की बात नहीं है।जिस क़लम की बुनियाद में सँस्कृति के बीज फलित होते हैं और मानवतावादी फ़सल का अँकुरण होता है, उस क़लम को ही साहित्यिक समाज में उच्चकोटि  का सम्मान मिलता है। मानव मूल्यों को…

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पराया घर पराये बोल

शमिता के ससुराल मैं कोहराम मचा हुआ था। जो कोई आता सहानुभूति के साथ-साथ दो टूक शब्द ऐसे कह जाता जो कलेजे को अंदर तक चीर जाते। शमिता के आँख के आँसू तो अब जैसे सूख गये थे, बस मूर्तिवत आने-जाने वालों को देखती रहती। कोई कहता” अरे पहाड़ सी जिंदगी पड़ी है कैसे कटेगी”…

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कुछ बेबसी ऐसी भी

          आज पहली बार आभास हुआ कि कुछ विवाहित महिलाएं कितनी वेबस और लाचार होती हैं। चाहे वे नौकरी करने वाली हों या घरेलू  महिलाएं दोनों के ही साथ बहुत सारी पाबन्दियां जुड़ी होती हैं।अभी कल की ही तो बात है मिसेज शर्मा पति के दो शर्ट पैंट लेकर गली गली प्रेस वाले की दुकान…

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तूफान में धराशायी विपक्ष

राजनीतिक सफरनामा : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव एक बहुत बड़ मंत्र मिल गया है राजनीतिक दलों को चुनाव जीतने के लिए ‘‘लाड़ली बहिना’’  । पिछले साल मध्यप्रदेश के चुनावों में इस मंत्र को सिद्ध किया गया, परिणाम बेहतर आए तो अब हर एक चुनावी राज्यों में इस का प्रयोग किया जाने लगा ‘‘आओ बहिना तुम हमे वोट…

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सत्य की खोज : आशा सहाय

दिनांक– बारह दिसम्बर दो हजार तेइस।–नवभारत टाइम्स मे 'द स्पीकिंग ट्री' के अन्तर्गत श्री जे. कृष्णमूर्ति के कुछ विचार पढ़े जिन्होंने मुझे सोचने को प्रेरित करते हुए बहुत हद तक सहमत होने पर विवश किया। उनके विचार सत्य की खोज पर आधारित थे । उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि सत्य की खोज…

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हाउसिंग फॉर ऑल 2022 का लक्ष्य पूरा करने को बने अलग से मंत्रालय : केके खंडेलवाल

-चैलेंजिस फॉर हाउसिंग फॉर ऑल 2022 में बोले हरेरा चेयरमैन-रियल एस्टेट को जनता के हितों का ध्यान रखने की सलाह-अग्रवाल वैश्य समाज की ओर से आयोजित किया गया वेबीनारगुरूग्राम, 12 जुलाई। हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेरिटी अथॉरिटी (हरेरा) के चेयरमैन डा. केके खंडेलवाल ने कहा कि हाउसिंग फॉर ऑल 2022 का लक्ष्य पूरा करने के लिए…

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