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रोजगार संकट :भारत के आईटी क्षेत्र में छंटनी की लहर

कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव से भारत के सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग में गहरे संरचनात्मक परिवर्तन, पर क्या तैयार है देश का श्रमबल? भारत के आईटी क्षेत्र में हाल की छँटनियाँ कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित स्वचालन के दौर की अनिवार्य वास्तविकता हैं। यह केवल रोजगार संकट नहीं, बल्कि कौशल और तकनीक के पुनर्संतुलन की प्रक्रिया है। सरकार,…

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ग़ज़ल : वो  कभी   मिलते   नहीं    हैं

वो  कभी   मिलते   नहीं    हैं पर    हमें    भूले    नहीं    हैं छू   हमें   महसूस   भी   कर देख   हम   सपने    नहीं   हैं कल    इमारत    भी    बनेंगे हम  फ़क़त  नक़्शे   नहीं   हैं इब्तिदा    हमसे     हुई    थी और   हम   पहले   नहीं    हैं क्या  कहा   है    आपने   जो हम  अभी   समझे   नहीं   हैं                        विज्ञान  व्रत

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जीएसटी की वार्षिक रिटर्न भरने की सीमा बढाई

v नई दिल्ली: सरकार ने गुरुवार वार्षिक रिटर्न (जीएसटीआर-9) व रिकंसिलिएशन स्टेटमेंट (जीएसटीआर-9सी) भरने की समय सीमा को बढ़ा दिया। अब वार्षिक र्टिन व रिकंसिलिएशन स्टेटमेंट वित्त वर्ष 2017-18 के लिए 31 दिसंबर 2019 तक व वित्त वर्ष 2018-19 के लिए 31 मार्च 2020 तक भरा जा सकेगा। केंद्र ने साथ ही इन फार्मो को…

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श्यामा

माता-पिता बहुत देखभाल करने के बाद अपनी बेटी का रिश्ता कहीं पर करते हैं। किसी के भी माथे पर यह नहीं लिखा होता कि वह कैसा इंसान है। ऐसे ही श्यामा के मां बाप भी अपनी बेटी के लिए कोई एक अच्छा सा रिश्ता तलाश रहे थे।“अरे भाई कोई अच्छा रिश्ता हो तो बताओ, श्यामा…

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बच्चों, किशोरों में बढ़ती स्क्रीन टाइम की समस्या से पूरा विश्व परेशान है।

विजय गर्ग स्वीडन ने स्कूलों में स्क्रीन को बैन कर दिया। अब वहां किताबों की वापसी हो रही है। बच्चे सिर्फ किताबों से ही पढ़ेंगे। स्वीडन ने सुधारा, बाकी देश कब सुधारेंगे, वक्त बताएगा। अपने देश में तो अधिकांश दल अपने-अपने घोषणा पत्रों में बच्चों को लैपटाप और मोबाइल देने की बातें करते हैं। नौ…

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हिन्दी

    हिन्दी हिन्दुस्तान की भाषा     इसकी तो शान निराली है।     होड़ नहीं कर सकता कोई     अमृत की मानों प्याली है।     अजर अमर  इसकी रचनाएँ     रामचरित सा ग्रंथ यहाँ है ।     प्रेमचंद की रचनाएँ देखो     प्रियवर हैं वे जहाँ जहाँ हैं।     फिल्में इसकी मोहित करतीं     मिलती सर्वाधिक…

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लघुकथा : मरहम

लेखिका : डोली शाह आज श्रेया म्यूजियम जाने के लिए बिल्कुल तैयार बैठी थी, लेकिन  मेरे दफ्तर से आने में थोड़ी विलंबता के कारण जाना ना हो पाया । वह नाराज  होकर  आराम करने बिस्तर पर चली गई । कुछ ही समय पश्चात सुरेश  पानी पीने फ्रिज तक पहुंचा, श्रेया ने फौरन बोतल लेते हुए…

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मुखर राजनीति के महानायकों के लायक नहीं माहौल !

बिहार राजनीति में उठापटक ,बीते दस तारीख की देर रात्रि तब समाप्त हो गया जब बिहार विधानसभा चुनाव के सभी दो सौ तैतालिस सीटों के परिणाम जारी कर दिए गए । भाजपा, जदयू ,हम और वी आई पी की संयुक्त गठबंधन वाली एन डी ए ने एक सौ पच्चीस सीटों पर कब्ज़ा करके बिहार विधानसभा…

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आजादी के सही मायने, संसद में हंगामा करने वालों से समझिए.

पंकज सीबी मिश्रा, राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी             स्वतंत्रता दिवस हर वर्ष मनाते है और प्रतिवर्ष एक नई स्वतंत्रता खुद के लिए जोड़ लेते है। इस वर्ष भी एक स्वतंत्रता हमने बड़ी सरलता से प्राप्त कर ली और वह है संसद में हंगामा करना और सिटिंग चेयर पर्सन को अपमानित करना। इस प्रकार…

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कैसे भूलूं तुझे ए मां

छुटपन में आता न था खाना न ही चलना और बैठना पैदा हुए तो एहसास न था जीने का आगाज न था तूने ही संभाला था तूने ही संवारा था बड़े होने की व्यथा बड़ी सज़ा  बड़ी कड़ी थी दुःख की तपती धूप थी तब तुम ही तो छांव  शीत थी लिखी थी किस्मत रब…

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