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गीतकार अनिल भारद्वाज भारत माता अभिनंदन सम्मान 2024 से सम्मानित

साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था, भारत माता अभिनंदन संगठन रजि. इस्लामपुर पश्चिम बंगाल द्वारा दिनांक 23.01.2024 को , मध्य प्रदेश,ग्वालियर के श्रेष्ठ गीतकार एवं वरिष्ठ अभिभाषक अनिल भारद्वाज को भारत माता अभिनंदन सम्मान 2024 से सम्मानित किया गया है।गीतकार अनिल भारद्वाज को हिंदी साहित्य में उल्लेखनीय योगदान और वरिष्ठ हिंदी सेवी साहित्यकार, एवं साहित्य सृजन…

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कैसा धर्म ?

सविता चडढा सुबह के 5 और 6 बजे के बीच का समय था । इस समय तक बहुत कम लोग ही उठ पाते हैं । सुगंधा हर रोज देखती है  मंदिर जाने वाले कुछ लोग ही इस समय उसके घर के नीचे से निकलते हैं । उस दिन गली में शोर सुनकर सुगंधा ने दरवाजा…

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पंजाबी फिल्म मजनू 22 मार्च को होगी रिलीज़, एक और रोमांटिक पोस्टर ने बढ़ाई दर्शकों की धड़कन .!

     पंजाबी फिल्मों की एक खास बात यही होती है कि वे अपनी मिट्टी की खुशबू को कभी नहीं भूलते।चाहे आप किसी पंजाबी फिल्म की शूटिंग अमेरिका, कनाडा या ब्रिटेन में कर लें लेकिन जब तक उसमें पंजाबियत की खुशबू नहीं आ जाती तब तक उस फिल्म के मूल में वो बात नहीं नज़र…

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उपजी नाराजगी औऱ समस्याओं को परे रखे

पति पत्नी में घर के दैनिक कार्य ,नोकझोक आदि का सामना रोजाना होता है।वाट्सअप,फेसबुक आदि पर कई घंटे बिताना।पत्नी का पति को नहाने,चाय, बाजार से सब्जी,बच्चों को स्कूल छोड़ने आदि कई कामों के लिए आवाज लगाना।रोजमर्रा की ड्यूटी बन गई हो।पति का नहाने के समय टॉवेल, चड्डी, बनियान आदि का पत्नी से रोजाना मांगना औऱ…

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कितना प्यार किया है तुमसे,

कितना प्यार किया है तुमसे, जिस दिन बिछड़ोगे, जानोगे। थोड़ा-थोड़ा करके खुद को, सौंप दिया है पूरा तुमको तोड़ो, जोड़ो या बिखरा दो, इससे क्या लेना है हमको। सहज मिलन है, शुक्र खुदा का नहीं मिलेंगे तब मानोगे। जिस दिन बिछड़ोगे, जानोगे।। थोड़ा तोलमोल सीखो तुम, शब्दों के खंजर होते हैं। बार बार दोहराने से…

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सुखद जीवन के लिए सात्विक खान-पान जरूरी :- बोहरा

अब तक 35 परिवारों ने लिया मांसाहार मुक्त होने का सकंल्प बाड़मेर। 27.01.2024 । राजस्व गांव सांसियों का तला को नशामुक्त व मांसाहार सेवन मुक्त बनाने को लकेर इन दिनों अभियान ग्रामोदय के तहत् नशामुक्त व मांसाहार मुक्त परिवार कार्यक्रम जोर-शोर से चलाया जा रहा है । अभियान प्रेरक मुकेश बोहरा अमन के नेतृत्व में…

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मधुबन ही मधुबन हो (श्रंगार गीत)

गूंथ लिया सारा बसंत अपने जूड़े में ,मौसम कहता है तुम फागुन ही फागुन हो। होटों से लिपट लिपट मखमली हंसी तेरी,दूधिया कपोलों का चुंबन ले जाती है।झील के किनारों को काजल से बांधकर,पनीली सी पलकों में सांझ उतर आती है। महावारी पैरों से मेहंदी रचे हाथों तक,छू छू कर कहे हवा चंदन ही चंदन…

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कालचक्र : कुछ सच, कुछ कल्पना

कवि और कविता का सम्बन्ध अन्योन्याश्रित ही माना जाता रहा है। यह किसी विद्वत्जन का कथन तो नहीं पर आज कवि वही है जो कविताओं की रचना करता है तथाकविता भी वही जोअपने रचयिता को कवि की संज्ञा दे सकती है। दोनों एक दूसरे के आधार हैं।आज का कवि अपनी रचनाओं में अपने अन्तर की…

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राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी की पुण्यतिथि

विधा:-दोहा छंद पोरबॅंदर गुजरात में, करमचंद के पूत। राजनीति के चाॅंद थे, भारतवर्ष सपूत॥ मोहनदास जहान में, दो अक्टूबर जन्म। अठारह सौ उनत्रवाॅं, सन था हिन्दू धर्म॥ सत्य अहिंसा पूजते, जपें राम का नाम। आजादी में भूमिका, सत्याग्रह संग्राम॥ भारत में पदवी मिली, राष्ट्रपिता सरनाम। “लक्ष्य”महात्मा का मिला,जीवन में उपनाम॥ जीवन जीया सादगी, रहा मृदुल…

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सबके मन में बसे हैं राम,

सबके मन में बसे हैं राम, जय जय जय जय जय श्री राम| सजी अयोध्या आओ धाम, जय जय जय जय जय श्री राम|| कब आयेगें प्रभु धनु धारी, राह देखते सब नर नारी, करता नही कोई कुछ काम जय जय जय जय जय श्री राम| बेर लिए बैठी है शबरी, उत्सुक है किष्किंधा नगरी,…

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