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स्वतंत्रता दिवस

.{कविता मल्होत्रा, संरक्षक, स्थायी स्तंभकार} स्वतंत्रता दिवस की सभी को हार्दिक बधाई रक्षा सूत्र अपने विचारों पर बांधें न हो जग हंसाई सावन की फुहार अपने साथ अनगिनत त्योहारों का पैग़ाम लेकर आई है।सदियों से बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बाँधती आईं हैं।परस्पर सुरक्षा की ये मन्नतें दोनों ओर से चलतीं हैं…

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अंतरराष्ट्रीय साहित्य संगम” की ओर से प्रेमचंद जयंती

 भारतीय जनमानस का चितेरा लोक कथाकार प्रेमचंद की जयंती के अवसर पर “अंतरराष्ट्रीय साहित्य संगम” (साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था) के तत्वावधान में संस्था के अध्यक्ष श्री देवेन्द्रनाथ शुक्ल की अध्यक्षता एवं संस्थापक एवं महासचिव डॉ. मुन्ना लाल प्रसाद के संचालन में उनकी विभिन्न रचनाओं पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया। सबसे पहले सिंगापुर से उपस्थित…

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पथ के हो राही

पथ के हो राही तुम हो पथिक थक के न हारो  थोड़ा  भी तनिक थोड़ा धीरज धर   बढ़ते जाना एक दूजे का   मनोबल बढ़ाना, आएंगी  बाधाएं हजार साहस को तुम   बनाना आधार, टेड़ी मेड़ी    होगी डगर चलते जाना    तुम हो निडर, आएगी जो भी     है रुकावट वो तो होगी   बस क्षणिक… पथ के हो राही…

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श्रावण सोमवार में करें राशि अनुसार शिव जी का पूजन होंगे अत्‍यंत प्रसन्‍न

श्रावण सोमवार में श‍िवजी की पूजा का व‍िशेष महत्‍व माना गया है।परन्तु आप अपनी राश‍ि के अनुसार भगवान उमामहेश्वर जी की पूजा करें तो श‍िवजी अत्‍यंत प्रसन्‍न होते हैं। आचार्य धीरज द्विवेदी “याज्ञिक” बताया क‍ि श्रावण मास में राश‍ि अनुसार भगवान शिव जी की पूजा से मनोवांछित सभी कामनाओं की पूर्ति होती है।तो आइए जानते…

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अपने होने का आनंद- आत्म निरीक्षण 

सुख-दुःख का संबंध मन और शरीर से होता है, जबकि आनंद का संबंध अंतरात्मा से होता है। आनंद अगर मिल जाए तो व्यक्ति उसे छोड़ना नहीं चाहेगा। प्रश्न यह है कि आनंद की प्राप्ति कैसे हो? इसके लिए हमें स्वयं से प्रेम करना और दूसरों में प्रेम बांटना होगा। ईश्वर द्वारा निर्मित जीवों के प्रति…

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सही कदम

        घर के बाहर बारिश की झड़ी लगी हुई थी और अन्दर सीमा और रमेश चाय के साथ पकौड़े खाने का आनंद ले रहे थे । बारिश में ज्यादातर लोग चाय पकौड़े का आनंद लेते हैं। बातें करते करते सीमा को अपना बचपन याद आने लगा । कैसे वह बारिश में बाहर भाग जाती थी…

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आत्मालाप : उल्टे पांव भूत के

           देवेन्द्र कुमार पाठक गांव में अब मास्क कोई भी नहीं लगाता.हाँ, वे लोग घर, जेब, बैग-थैले में एक-दो मास्क जरूर रखे रहते हैं, जो कुछ पढ़े-लिखे हैं या फिर वे सयाने जिन्हें शासन-सियासत, आधि-व्याधि, सूखा-बाढ़, अकाल-गिरानी  और दुनियादारी की गहरी समझ है. जिनको ऐसे दुर्दिन भुगतने- झेलने के बड़े तल्ख और कड़वे अनुभव हैं….

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बंकिमचंद्र के जन्मदिन पर अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन

भारतीय स्वतंत्रता काल में क्रांतिकारियों का प्रेरणास्रोत -‘वंदे मातरम्’- जो 1937 में भारत का राष्ट्रगीत बन गया, जिसके रचयिता बंग्ला भाषा के प्रख्यात उपन्यासकार एवं कवि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के जन्मदिन पर “अंतरराष्ट्रीय साहित्य संगम” (साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था) के तत्वावधान में संस्था के अध्यक्ष श्री देवेंद्र नाथ शुक्ल एवं महासचिव डॉ. मुन्ना लाल प्रसाद के संचालन…

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काव्य हिन्दुस्तान अंतरराष्ट्रीय साहित्य समूह का 150 घंटे का ऑनलाइन कार्यक्रम संपन्न

रेखा शर्मा स्नेहा के संयोजन में कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्यप्रदेश के गीतकार डॉ देवेंद्र तोमर ने की। काव्य हिंदुस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर फेसबुक समूह द्वारा आयोजित प्रथम वार्षिक उत्सव हेतु भव्य काव्य सम्मेलन आयोजित किया गया जो दिनाँक-12_62022 जून से दिनाँक-17_6’2022 तक लगातार 24 घंटा रात दिन कार्यक्रम जिसमे 300 कवियों ने काव्य पाठ कर कार्यक्रम…

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योग की महत्वता— योग दिवस—– प्रवीण बहल

सारे विश्व में हर व्यक्ति के जीवन में– योग का महत्व बढ़ गया है– अगर हम 50 वर्ष पीछे चले जाएं तो हमें याद होगा कि हर स्कूल में पढ़ाई शुरू होने से पहले पी टी हुआ करती थी– महत्व था शरीर को चुस्त बनाना– आज यह— अध्ययन के विषय में आ गया– जब से…

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