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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस-एक परिचय
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की अधिकारिक तौर पर यु0एन0{सन्युक्त राष्ट्र}ने 1975 में मान्यता दी थी.वैसे दर्जा मिल चुका था.1913 1910 में कफेगन के सम्मेलन में इसे अंतरराष्ट्रीय का में प्रथम विश्व युद्ध की पूर्व संध्या पर रुसी महिलाओं द्वारा 8 मार्च को यह दिवस मनाया गया.इसी समय यूरोप ओर उतरी अमेरिका में हुए श्रमिक आंदोलन से…
‘बुरा न मानो होली है : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव
बुरा न मानो होली है ……अब तो कोई बुरा मानता भी नहीं है और न ही कोई रंग से भय खात है, वैसे कोई किसी को रंग लगाता भी नहीं है, सारे चेहरे स्याह रंग में यूं ही रंगे हुए हैं । राजनीति के मैदान में रंगों का त्यौहार तो चलता ही रहता है, वो…
यूक्रेन युद्ध के तीन साल और हाल फिलहाल
तीन साल पहले, रूस ने यूक्रेन के खिलाफ एक भाईचारे वाला ‘विशेष सैन्य अभियान’ शुरू किया, जिसने 1945 के बाद से सबसे खूनी यूरोपीय युद्ध को जन्म दिया। रूस की लाल रेखाओं की याद दिलाने के लिए योजनाबद्ध संघर्ष एक भीषण युद्ध में बदल गया। यूक्रेन जो एक लचीला और पश्चिमी समर्थन से लैस देश…
शबरी से द्रौपदी मुर्मू तक का सफर (महिला दिवस विशेष)
भारतीय संस्कृति स्त्री शक्ति के प्रति अपनी श्रद्धा के लिए विश्व स्तर पर प्रसिद्ध है। शक्ति को इस पूजा के एक मूलभूत पहलू के रूप में मनाया जाता है। प्राचीन ग्रंथ मनुस्मृति में कहा गया है, “जहाँ भी महिलाओं का सम्मान किया जाता है, वहाँ देवता मौजूद होते हैं,” जो समाज में महिलाओं के सम्मान…
आखिर क्यों लोग वोट देने क्यों नहीं निकल रहे?
क्या नागरिक कथित राजनीतिक तानाशाही से उत्पीड़ित महसूस कर रहे हैं और ब्रिटिश राज की याद कर रहे हैं? क्या लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण चुनावी प्रक्रिया में रुचि कम हो रही है? ये ज्वलंत प्रश्न समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उठाए जा रहे हैं, जो चुनावों में मतदाताओं की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट से उजागर…
सार्थक भागीदारी के बिना कैसे हल होंगे आधी दुनिया के मसले
(अगर आधी आबादी से होते हुए भी महिलाएँ इस आबादी की कहानियाँ नहीं कहेंगी, तो कौन कहेगा? केवल महिला दिवस पर ही नहीं, हर रोज़ महिलाओं को लड़ाई लड़नी पड़ेगी इस बदलाव के लिए, अपने हक़ों के लिए। छोटी शुरुआत ही सही, लेकिन शुरुआत सबको करनी पड़ेगी। ये संघर्ष का सफ़र अंतहीन है। महिलाओं के…
लाडला मुख्यमंत्री बोलकर राज्य और राजनीति छीन लेती है भाजपा
पंकज सीबी मिश्रा, राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी आपको याद होगा कभी शिवराज सिंह लाडला मुख्यमंत्री हुआ करते थे, उन्हें मध्य प्रदेश की राजनीति छोड़नी पड़ी, वसुंधरा राजे लाडली मुख्यमंत्री हुआ करती थी, उनकी जगह एक नए चेहरे को बिठा दिया गया , कभी एकनाथ शिंदे लाडले मुख्यमंत्री हुआ करते थे और पॉवर में…
भाषायी सम्पदा से परिपूर्ण भारतीय भाषाएँ
डॉ. ज्योत्स्ना शर्मा भाषायी सम्पदा से परिपूर्ण भारतीय भाषाएँ हर काल और परिस्थिति में समृद्ध हैं। भारत के महान संतों, भक्ति कालीन कवियों, लोक-गायकों, मनीषी विद्वानों ने सभी भारतीय भाषाओं में ऐसा अद्भुत साहित्य सृजन किया जिसमें जगत कल्याण की भावना ने शब्द को ब्रह्म सिद्ध किया और आध्यात्मिक चेतना के स्तर तक पहुंचा दिया।…
जीवन में बढ़ता हुआ “विकल्प “ सही या ग़लत ?
आधुनिक युग में जीवन में बढ़ता हुआ विकल्प चुनौतियां लेकर आता है ,चुनौतियों को अस्वीकार करना ही जीवन संघर्ष बन जाता है और तब जीवन में विकल्प की कमी हो तब विकल्प ढूँढो ताकि जीवन में एक नए मौके मिलतेरहे ….क्योंकि नए मौके जीवन को नई उम्मीद के साथ जोड़कर जीवन को सफलता की ओर…
लोककला के नाम पर अश्लीलता का तड़का
लोककला के नाम पर अश्लीलता का तड़का अश्लीलता फैलाने वाले कलाकारों पर लगे बैन, ग़लत दृश्य दिखाना, अश्लील नाटकों-गीतों का मंचन समाज से खिलवाड़। एक ओर जहाँ कई लोग संस्कृति को प्रमोट करने के लिए अपना करियर, अपनी मेहनत और अपना सब कुछ दांव पर लगा रहे हैं तो कोई हमारी संस्कृति को इस तरह…
