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भ्रष्टाचार

भ्रष्टाचार हमारे देश में इस तरह सर्वव्यापी बन गया है कि बिना भ्रष्टाचार के हम कोई भी भी सरकारी काम कर सकते है | जहां कहीं भी सरकारी काम होता है | वहां भ्रष्टाचार शुरू हो जाता है | हमारे देश में भ्रष्टाचार बहुत ही खतरनाक समस्या है | भ्रष्टाचार बहुत सी समस्याएं उत्पन्न करता…

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जाति जनगणना की जरूरत का समय

21वीं सदी भारत के जाति प्रश्न को हल करने का सही समय है, अन्यथा हमें न केवल सामाजिक रूप से, बल्कि राजनीतिक और आर्थिक रूप से भी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी और हम विकास  में पिछड़ जायेंगे। जाति जनगणना का अर्थ है भारत की सभी जातियों, मुख्य रूप से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से संबंधित…

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मुसीबतों में मुस्कुराना ही स्वस्थ जीवन का आधार है (विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस विशेष)

प्रतिदिन के तनाव से उपजती और मौत के मुंह में ले जाती गंभीर बीमारियों को देखते हुए यह बात बिल्कुल सही साबित होती है। हर एक मिनट का हिसाब रखती, भागदौड़ भरी वर्तमान जीवनशैली में सबसे बड़ी और लगातार उभरती हुई समस्या है ‘मानसिक तनाव’। हर किसी के जीवन में स्थाई रूप से अपने पैर…

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बिगड़े बोल या सनातन और हिंदुत्व के अपमान कि छूट …!

जातिवादी आलोचकों को आजकल खुली छूट मिली है, आप कटु से कटु बोलिए आप संविधान के दायरे से बाहर है, आप सनातन को टारगेट कीजिये कोई आपका कुछ नहीं बिगाड़ेगा ! इस कड़ी में उदयनीधी स्टालीन, स्वामी प्रसाद मौर्य, इत्यादि के श्रेणी में एक नया नाम जुड़ा मनोज झा का। राज्यसभा में 21 सितंबर 2023 …

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सम्पादकीय : इंडिया / भारत , जी-20 में ‘भार-त’ का चमका सितारा

अभी हाल ही में जी–20 शिखर सम्मेलन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ, जिसकी न सिर्फ मेजबानी अपितु अध्यक्षता भी अपने देश भारत ने की । यह गौरवशाली पल रहे सभी भारतवासियों के लिए । विशेष तौर से इसलिए भी कि भार – त विदेशी मीडिया में और कुछ गिने–चुने देशों ने इसे भारत के लिए बहुत बड़ा…

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‘साहित्य वाग्विभूति सम्मान’ से सम्मानित डॉ.राहुल

साहित्य मंडल संस्था श्रीनाथद्वारा (राजस्थान) ने ‘हिन्दी लाओ:देश बचाओ’ समारोह के अवसर पर सुप्रसिद्ध आलोचक-कवि डॉ.राहुल को “साहित्य वाग्विभूति सम्मान” संस्था के प्रधानमंत्री श्री श्याम प्रकाश देवपुरा ने प्रदान कर अभिनन्दन किया। इसअवसर पर संस्था के अध्यक्ष पं.मदनमोहन शर्मा, प्रख्यात साहित्यकार डॉ.अमरसिंह वधान, प्रो.श्वेक सिंह देरिया,डॉ.रामनिवास मानव,श्रीविनय गोस्वामी, डॉ.जंगबहादुर पांडेय,रांची,श्री विट्ठल पारीक,साहित्य भूषण हरिलाल मिलन…

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तंबाकू धीमा धीमा फैलता जहर

छोटे-छोटे पाउच में बाजार में अंधाधुंध बिकने वाला गुटखा, खैनी, पान मसाला बड़े चाव के साथ खाया जाता है। भारत में तो जिसको देखो, गुटका खाया और सड़क पर थूका। सड़कों पर तो थूकने वाले अपनी बापौती समझते हैं। समझे भी क्यों ना? आखिर गुटका खरीदने के लिए पैसे भी तो खर्च किए हैं। भारतीय…

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(व्यंग्य) मेरी भाषा मेरा देश अभियान की अनसुनी कवर स्टोरी..!

आजकल  भाषा की जंग मची है तो सोचा मै भी बहती गंगा में हाथ धो लूं क्योंकि मेरी भाषा वैसे भी ओवैसी टाईप की है । भारत में जी 20 सम्मेलन और भारत बनाम इंडिया के बीच महासंघर्ष जारी है और इस लड़ाई में सबको एक पक्ष की तरफ से जरूर लड़ना ही होगा ।…

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सरकारी दफ्तरों में हिन्दी का प्रयोग बढ़ाना जरुरी है- –लाल बिहारी लाल

आज भारत में हिन्दी बोलने,लिखने तथा व्यवहारिक प्रयोग करने वालों की संख्या लगभग 70 प्रतिशत है फिर भी आज दुख इस बात का है कि सरकारी दफ्तरों में और न्यायालयों में अंग्रैजी का बोलबाला है । खुशी की बात ये है कि इलाहाबाद न्यायालय के कुछ जज हिदी में केस की सुनवाई के लिए तैयार…

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हिन्दी हमारी धरोहर हैं इस पर हमें गर्व करना चाहिए

हिन्दी दिवस भारत में प्रत्येक वर्ष चौदह सितम्बर को मनाया जाता है। हिन्दी विश्व में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है और अपने आप में एक समर्थ भाषा है। विश्व की एक प्राचीन, समृद्ध तथा महान भाषा होने के साथ ही हिन्दी हमारी राष्ट्रभाषा भी है, अतः इसके प्रति अपना प्रेम और…

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