Special Article
व्यंग्य – कैशलेश होकर ये कहां आ गए हम….
मोबाइल आया घड़ी का ज़माना गया, लैपटॉप आया टेलीविजन का जमाना गया, एंड्राइड फोन आया रेडिओ का जमाना गया और अब तो हद ही हो गई ऑनलाइन पैमेंट आया बेचारे पर्स का जमाना गया। अति मॉडर्न दिखने के चक्कर में युवा वर्ग अपने पास कैश नहीं रखता। जो रखते भी हैं उनके पास खुल्ले पैसे…
समुद्र की गहराई में ध्यान
कुशलेन्द्र श्रीवास्तव अब पष्चिम बंगाल के संदेषखाली को भारत के लोग जानने ही लगे हैं, सारी दुनिया के जागरूक लोग भी जानने लगे हैं । जिस तरह से वहां के लोगों के साथ और वहां की महिलाओं के साथ अत्याचार किए गए उसका घिनौना रूप् सामने आ गया है । सत्ता के मद में चूर…
Saga of a lost battle
ज़माने ने मारे जवाँ कैसे-कैसे इतिहास गवाह है कि हम जब भी बाहरी आक्रान्ताओं से हारे तो उसका कारण न तो हमारे सैनिकों में शौर्य की कमी थी न गिनती की। हारे तो सिर्फ अपने आंतरिक विवादों और आपसी दुश्मनी के कारण। इतिहास के पन्ने खंगालिए जनाब और उनसे सबक सीखिए। इतिहास में दो भूलें…
श्री भटनागर की पुस्तक शिव से संवाद का पद्म भूषण श्रद्धेय दाजी द्वारा विमोचन
विश्व में विख्यात रामचंद्र मिशन हार्टफुलनेस मेडिटेशन के मार्गदर्शक एवं गुरु पद्म भूषण श्रद्धेय दाजी ने इंदौर के हार्टफुलनेस मेडिटेशन सेंटर में एक समारोह में श्री अरुण एस भटनागर आई आर एस ,समूह सलाहकार आईआईएसटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स द्वारा लिखित कविताओं का एक उत्कृष्ट संग्रह “शिव से संवाद” का विमोचन किया। एक गरिमामय कार्यक्रम में …
World leader of Heartfulness Meditation Trust Revered Daaji Unveils “Shiv se Samvad” – A Poetic Journey in search of ultimate reality
Revered Daaji, the esteemed spiritual luminary and global guide of Heartfulness, proudly launched “Shiv se Samvad,” an exquisite collection of poems penned by Shri Arun S Bhatnagar (Group Advisor- IIST Group of Institutes). The book launch event held amidst an aura of reverence and anticipation at Heartfulness Meditation Centre in Indore, marked the debut of…
(21 फरवरी) अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मातृभाषा संवर्धन का दिन
लाल बिहारी लाल +++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++यूनेस्को ने नवंबर 1999 में सभी लोगों, समुदायों, क्षेत्र व देशों की मातृभाषा को संरक्षण प्रदान करने के लिए 21 फरवरी का दिन अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा के लिए समर्पित किया।++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++सामाजिक और वौधिक विकास में भाषा का अहम योगदान होता है। किसी भी राष्ट्र के निर्माण में मातृभाषा को नकारा नहीं जा सकता है।…
बस एक चुप सी लगी है
दिनेश कपूर Alan Cambell और Johnson, काफी हद तक माउंटबैटन के अबुल फजल थे। हालांकि उतने करीब नहीं थे कि उसके गुसल की भी खबर लिखते। press attaché थे और अपने अंग्रेज आका की मीटिंग्स और appointments की में की गई गुफ्तगू के बारे में नोट्स लिखते और उसे दिखाते। एक तो ये dual लेखक…
दिल्ली की कीलों वाली सड़के
कुशलेन्द्र श्रीवास्तवफरवरी महिना तो प्यार बांटने का महिना होता है । लोग एक दूसरे को गुलाब का फूल देते हैं पर दिल्ली की सड़कों को कीलों से पाट दिया गया । किसान आन्दोलन का भया । सरकार ने भी और सारे देष की जनता ने भी किसानों के वे आन्दोलन देखे हैं जिसके होने मात्र…
कैसा धर्म ?
सविता चडढा सुबह के 5 और 6 बजे के बीच का समय था । इस समय तक बहुत कम लोग ही उठ पाते हैं । सुगंधा हर रोज देखती है मंदिर जाने वाले कुछ लोग ही इस समय उसके घर के नीचे से निकलते हैं । उस दिन गली में शोर सुनकर सुगंधा ने दरवाजा…
Placement Tips for Freshers in India
Rohit Pandey Head- Training & Placement GNIOT Group of Institutions Greater Noida The placement landscape for freshers in India can differ depending on several factors, including your academic background, skills, chosen field, and current economic conditions. However, there are generally good opportunities available for talented and motivated individuals. Here’s an overview: Sectors with high demand…
