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“वात्सल्य” ट्रस्ट को मिला “राष्ट्र गौरव सम्मान”

रविवार 19 जून की भोर “वात्सल्य” ट्रस्ट के बच्चों के लिए एक ऐतिहासिक रूप लेकर आई।गुलाबी नगरी जयपुर से भव्या फ़ाऊंडेशन और भव्या इंटरनेशनल के तत्वावधान में होने वाले अंतर्राष्ट्रीय मैत्री सम्मलेन में प्रतिभागिता का निमंत्रण देने वाली सबकी प्रिय डॉ. निशा माथुर जी ने वात्सल्य के बच्चों को इँटरनेशनल मंच प्रदान किया। भव्या फ़ाऊंडेशन…

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राष्ट्रभक्ति का प्रतीक ‘‘वंदे मातरम्’’

राजनीतिक सफरनामा : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव चुनाव के पहले पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद और राम मंदिर की तनातनी देखने को मिलने लगी है । उत्तर प्रदेश की एक बाबरी मस्जिद की जंग शदियों तक चली अब दूसरी बाबरी मस्जिद की जंग प्रारंभ हो गई है । राजनीति अपनी जगह है पर देश का सांप्रदायिक सद्भाव…

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जिन खोजा तिन पाईया ,गहरे पानी पैठ!

होम मिनिस्ट्री से उम्मीदे बढ़ गयी है । एकाएक गडकरी चचा की दस बरिश पुरानी दो पहिया प्रदूषण सर्टिफिकेट पाकर ऑक्सिजन उगलने लगी किन्तु यकीन मानिए कल तक उसमे से काला धुँआ निकलते देखा गया था । देश  में एक ग्रहनाशक यज्ञ कराने पर गंभीरता से विचार होना चाहिए काहे से  कि आजकल पूरा भारत…

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राष्ट्रीय युवा दिवस के बहाने –युवाओं से आह्वान

भारत वर्ष प्राचीन काल से ही ऋषि-महात्माओं, साधु-संतों, विचारकों और दार्शनिकों का उद्गम व संपोषण स्थल रहा है। नालंदा व तक्षशिला के विश्वविद्यालय इस उक्ति के प्रमाण हैं कि हम भारतीय संस्कृति के साथ ही वैश्विक विचारधाराओं को भी समाहित करने में सक्षम रहे हैं। भारतीय संस्कृति और भारतीय दर्शन की इस समृद्ध परंपरा में एक नाम आता…

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तांटक छन्द

दुख में दीनानाथ हमेशा, साथ खड़े हो जाते हैं। होते वही सहायक सबके, काम सभी के आते हैं। आता है जो जीव शरण में,भवसागर तर जाता है। दयासिंधु के धाम सहज ही, मानव वह जा पाता है। जपले हरि का नाम सखी री, माया एक झमेला है। चारदिनों का जीवन खाली, बस इतना ही खेला…

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चमत्कार और अंधविश्वास का फेर

                                                                          कुशलेन्द्र श्रीवास्तव  धीरेन्द्र शस्त्री और फिल्म पठान चर्चाओं में आ गई । जो चर्चाओं में आ जाता है वह फेमस हो जाता है । किसी के भी प्रसिद्ध होने के लिए यह सबसे आसान तरीका होता है । पूरी मीडिया धीरेन्द्र शास्त्री के हर क्रियाकलाप को दिखाने लगी । धीरेन्द्र शास्त्री अपनी हुकार से…

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ब्रह्म और महासून्यता शून्य से परे एक आध्यात्मिक दृष्टि

Nothingness*हमारी संस्कृति में ‘शून्यता’ शब्द बहुत बार गलत समझा और व्याख्यायित किया गया है। गणितीय शून्य केवल संख्या है एक अंक जो मात्रा की अनुपस्थिति दर्शाता है। वहीं सन्यता/सून्यता (Sunnata) का अर्थ है सब कुछ का अभाव -न कोई गुण, न कोई वस्तु, न कोई पहचान। मेरी पुस्तक और शोध इसी फर्क को स्पष्ट करने…

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बातों ही बातों में (लघुकथा)

किस्तूरी आज बहुत चिढी़ हुई थी अपनी पडोसिन कमला  से। उसकी सारी पोलपट्टी खोल दी। वो भी बाल्कनी से। मोहल्ले के सब लोगों ने भी सुन लिया होगा। जब से  लाकडाउन  में थोडी छूट मिली है, सभी अपने घर के बाहर  कुर्सी डालकर चुगलियों का दबा  पिटारा  खोलने लगती हैं। जो उस समय  वहाँ नहीं…

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हमारा जीवन हमारे कर्मों की आधारशिला है

This is the Universal  Truth. यह एक सार्वभौमिक सत्य है हम जो ब्रह्मांड को देते हैं वही लौटकर हमारे पास आता हैl हम जो बोते हैं हमें वहीं काटना पड़ता है lआज की इन परिस्थितियों में संत कबीर के दोहे एकदम सटीक प्रतीत हो रहे हैं …..   “करता था सो क्यों किया अब कर…

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यूं तो जरा भी देर न लगी

भावनाओं को कविता का रूप दिया, लेकिन आज क्यों शब्द भी थम से गए, जब से प्रभु श्री राम का नाम लिया। कितनी पवित्र होगी वो स्याही, जो लिखेगी मेरे प्रभु श्री राम का नाम, उस कागज में भी जान आ जाएगी, जिसमें रघुवर के होंगे गुणगान। राम नाम जपता ये जग सारा, पर राम…

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