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“जीवन का समीकरण”

“ये ज़िन्दगी भी तो एक रक्कशा है साहेब अगर आप सफल हो, सारे खूबसूरत जलवे दिखाती है। पर अगर आप गोते लगाते हो, असफलता के गर्त में, तो फिर ये आपसे नजरें चुराती है।” सपने देखना अच्छी बात है। उन्हें पूरे करने के लिए कोशिश करना और भी अच्छी बात है। परन्तु सारी कोशिशों के…

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मसखरे

मसखरे हो चले हों लोग जहाँ के मसखरेपन में ही हो जब सिंहासन और मजाक में ही उड़ा दी जाती हों जहाँ लोगों की समस्याएं दोनों तरफ से नहीं हो किसी को भी जन-पीड़ा से कोई सरोकार की जाती हों जब मीठी-मीठी बातें दोनों छोर से और पिटवाई जाती हों उन्हीं से तालियाँ और नचाया…

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यूं तो जरा भी देर न लगी

भावनाओं को कविता का रूप दिया, लेकिन आज क्यों शब्द भी थम से गए, जब से प्रभु श्री राम का नाम लिया। कितनी पवित्र होगी वो स्याही, जो लिखेगी मेरे प्रभु श्री राम का नाम, उस कागज में भी जान आ जाएगी, जिसमें रघुवर के होंगे गुणगान। राम नाम जपता ये जग सारा, पर राम…

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यूँ तो बहुत सी चीज़ें अच्छी लगती हैं,

यूँ तो बहुत सी चीज़ें अच्छी लगती हैं, उसे अच्छा लगते रहने को बरक़रार रखने के लिए भी, बहुत सी चीजों का साथ चाहिए जैसे- मौसम का साथ,मिज़ाज का साथ,साथियों का साथ,माहौल , तालुक्कात,रवायत और दिल में ढेर सारा प्यार और जज़्बा……… आसान तो नहीं सब कुछ पा लेना आसान बनाना पड़ता है कभी अन्दाज़…

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काम के वक्त मोबाइल से दूरी है जरूरी

 डॉ. नन्दकिशोर साह (स्वतंत्र पत्रकार) कई बार आप सोचते होंगे कि आज आपने दिनभर ऑफिस में काम किया उसके बावजूद काम पूरा कैसे नहीं हुआ? आज आपने दिन भर पढ़ाई की लेकिन फिर भी अध्याय खत्म क्यों नहीं हुआ? इसकी वजह यह है कि हमने सिर्फ दिखावे के लिए पढ़ाई या वह काम किया। हमारा…

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धंधा है सब : मुर्ख को गद्दी और चालाक को हड्डी

पंकज सीबी मिश्रा / राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी जीवन में अंतस आनंद के निमित्त दो चीजों को कभी व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए प्रथम  के कण को और द्वितीय आनंद के क्षण को। यथावादी कहते है आधुनिक समय में प्रेमत्व का कोई मोल नहीं अपितु अपनत्व के मॉल ही मॉल है जहाँ पैसे…

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रुबरू की प्रस्तुति
एक आवाज़ मोहब्बत की-लालेश्वरी
(संगीतमय नाटक)

लेखन और निर्देशन – काजल सूरीसाहित्य कला परिषदद्वारा आयोजितभारतेंदु नाट्य उत्सव 2023 में 24 मार्च 2023 को 14वीं सदी में हुई कश्मीर की आदि कवियत्री ललेश्वरी पर केंद्रित संगीतमय नाटक “एक आवाज़ मोहब्बत की “ललेश्वरी ” का मंचन रूबरू द्वारा एलटीजी सभागार मंडी हाउस में किया गया ! इस नाटक का चयन वर्ष 2022 के…

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भारतीय राजनीति में आज भी प्रासांगिक एव अद्वीतीय है महात्मा गांधी (पुण्य तिथि-30 जनवरी पर विशेष)

लाल बिहारी लाल भारत में सत्ता दिल्ली सलतनत से मुगल साम्राज्य फिर मुगल से जब सत्ता अंग्रैजो के हाथ में गई तो पहले अंग्रैजों का व्यापारिक उदेश्य था पर धीरे-धीरे उनका राजनैतिक रुप भी समने नजर आने लगा। और वे अपने इस कुटिल चाल में कामयाब भी हो गये । धीरे –धीरे उनके क्रिया-कलापों के…

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World leader of Heartfulness Meditation Trust Revered Daaji Unveils “Shiv se Samvad” – A Poetic Journey in search of ultimate reality

Revered Daaji, the esteemed spiritual luminary and global guide of Heartfulness, proudly launched “Shiv se Samvad,” an exquisite collection of poems penned by Shri Arun S Bhatnagar (Group Advisor- IIST Group of Institutes). The book launch event held amidst an aura of reverence and anticipation at Heartfulness Meditation Centre in Indore, marked the debut of…

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