“गर्मी की छुट्टियों का अनोखा उपहार”
लक्ष्मी कानोडिया सूरज तप रहा था, स्कूल की घंटियाँ शांत हो चुकी थीं, और बच्चों की गर्मियों की छुट्टियाँ शुरू हो गई थीं। पर इस बार, राघव, सिया, कबीर, और जोया ने तय किया कि वे अपनी छुट्टियाँ केवल खेल-कूद और मस्ती में नहीं बिताएँगे, बल्कि कुछ ऐसा करेंगे जिससे समाज को भी फायदा हो।…
