हे माई अब तो कर दो बेड़ा पार
कुशलेन्द्र श्रीवास्तव माई विराज गई हैं, चेत्र नवरात्र प्रारंभ हो गए हैं । माई तो कष्टों को हरने वाली हैं, माई तो शत्रुओं का संहार करने वाली हैं । अभी तो मार्च ही निकला है पर देखो धरती कितनी तपने लगी है अभी से, माई से गुहार लगायेगें अब, हमने तो अपने पार्यावरण को…
