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राष्ट्र गौरव को द्विगुणित करता वैदिक और वैज्ञानिक शिक्षा का स्वरूप।

(राष्ट्र निर्माण में वैदिक शिक्षा ,ज्ञान की समीचीन भूमिका) भारत में प्रागैतिहासिक वैदिक तथा सनातनी शिक्षा तथा ज्ञान का स्वरूप बड़ा ही विस्तृत है। भारत को भारतवर्ष भी आदिकाल की सांस्कृतिक शिक्षा और विशाल ज्ञान के भरपूर स्रोतों के कारण ही कहा जाता रहा है। भारत के ऋषि, मुनि, गौतम और अनेक संस्कृत के शिक्षकों…

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सब निपट गए…… !

राजनीतिक सफरनामा                               सब निपट गए…… !                                                                                                    कुशलेन्द्र श्रीवास्तव चुनाव निपट गए मतलब सब कुछ निपट गया । नियमानुसार चुनाव भी में भी कुछ लोग निपट गए और कुछ लोग निपटते-नपटते रह गए । जो बच गया उसने गहरी सांस ली पर जो निपट गए वे कई दिनों तक तो घर से ही नहीं…

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हम आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रहे हैं : अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार (15 अक्टूबर ) को हरियाणा के गुरुग्राम के मानेसर में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के 35वें स्थापना दिवस पर अपने संबोधन में कहा कि आतंकवाद सबसे बड़ा अभिशाप और विकास के रास्ते में बड़ी बाधा है। सरकार आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर अडिग है और…

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ट्रंप का तमाशा ना बनाओ साधो (व्यंग्य)

आठ दस रंग रोगन दीवारों को देखते हुए जब आप भारत के चमकते केसरिया तोरणद्वार में प्रवेश करते हैं, आप इसे एक पार्क समझ कर तफरीह करने घुसते हैं।  बगल में किसी खलियर आदमी (अरविंद केजरीवाल ) की कभी दिल्ली भी आइए की रिक्वेस्ट होती है जो आपको चाटुकार किंग जैसे किसी वाहियात खेल में…

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बुलडोज़र की सार्थकता

कविता मल्होत्रा (स्थायी स्तंभकार एवं संरक्षक उत्कर्ष मेल) आजकल अवैध क़ब्ज़ों को लक्षित करते हुए बुलडोज़र पर चर्चा आम है अनश्वर प्रेम को नज़रअंदाज़ करती नश्वर सत्ता का ही तो ये परिणाम है रक्त मास से बनी मानव देह की ज़रूरतें उतनी बड़ी नहीं हैं जितनी बड़ी उसकी अधिग्रहण की चाहतें हैं। मानव जीवन का…

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मानसिक रोगी हो रहे हैं लोग।

लॉक डाउन खुलने की प्रक्रिया निरंतर जारी है। ऐसा लगता है कि जनजीवन सामान्य हो गया है। सड़कों पर दौड़ती हुई गाड़ियाँ  पब्लिक ट्राँसपोर्ट से लेकर प्राइवेट दुपहिए चौपहिए वाहनोऔर छोटे, मध्यम कोटि के शहरों,  ग्रामीण और अर्ध शहरी क्षेत्रों में  पैदल चलनेवाले लोगों की बढ़ती हुई भीड़भाड़  देख कर ऐसा लगता है कि लोग…

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परियों की नन्ही शहजादी

परीलोक से परियों की नन्ही शहजादी आई,नन्हे हाथों के नन्हे पंखों से उड़ कर आई। उससे बातें करते रहना,कितना अच्छा लगता,जी भर कर देखें उसको पर,कभी नहीं जी भरता। इंद्रलोक की सबसे सुंदर सूरत लेकर आई।घर के मधुबन की क्यारी में ज्यों बसंत ऋतु आई।परीलोक से परियों की नन्ही शहजादी आई। सुंदर हीरे मोती सी…

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पावन शिक्षक दिवस पर समर्पित चंद शब्द-पुष्प:

कृष्णजैसा सारथी जब अर्जुन को मिला, युद्धभूमि में तब गीता का उद्घोष हुआ. तब एकआज्ञाकारी शिष्य सा था कुंतीपुत्र, गुरु के रूप में देवकीनंदनको आना पड़ा. अन्याय,अत्याचार और भयंकर भ्रष्टाचार; जब भी समाज में निर्बाधबढ़ने लगता है. गिरिधारी सा गुरु और पार्थ साविद्यार्थी, काल के कोख सेतबतुरंतपैदा होता है. बिगड़ती हुई व्यवस्था को पटरी परलाना,…

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गंतव्य संस्थान के सदस्यों  की टीम द्वारा निराश्रित वरिष्ठ नागरिकों को कंबल व खाद्यान्न  सहयोग

गंतव्य संस्थान के सदस्यों  की टीम निराश्रित वरिष्ठ नागरिकों को कंबल व खाद्यान्न  सहयोग  अभियान के अंतर्गत आज  माता रामबेटी वृद्धाश्रम , मुकरबा चौक , करनाल बाईपास  दिल्ली पहुची जहां सभी ने बुजुर्गों को कम्बल ओढा कर व फल आदि देकर सम्मानित किया साथ ही करीब एक महीने का राशन व फल भी आश्रम के…

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“हिंदी ज्ञान ‘अ’ से ‘ज्ञ’ तक”

मैं वाणी भारती, मैं विश्व लेखनी भारतीय,वर्णों की गुथी माला की अनुपम पाठशाला हूँ। अलंकारों से सुसज्जित, आनंदित सुभाष हूँ।इंदु रश्मि पूनम, ईख की मिठास हूँ।उर मेरे हरि निवास, ऊर्जस्विता प्रभास हूँ।ऋद्धि सिद्धि का वास, एकाग्रता विश्वास हूँ।ऐश्वर्यता से भरी, ओजस्विता सुहास हूँ।और लेखनी अनुपम सी, अंतरिक्ष आकाश हूँ। कवयित्री हूँ महान, खगोल का सम्पूर्ण…

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