दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट ने 5 राज्यों से पूछा- क्या कदम उठाए
सुप्रीम कोर्ट ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) द्वारा कई उपचारात्मक कदम उठाए जाने के बावजूद राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण बरकरार रहने पर विचार करते हुए मंगलवार को दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान सरकारों से इस पर काबू पाने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए हलफनामे दाखिल करने का…
लोक आस्था का महा पर्व-छठ व्रत
लाल बिहारी लाल छठ मईया की महिमा,जाने सकल जहान। “लाल पावे” जे पूजे, सदा करी कल्याण।। (लाल बिहारी लाल) सृष्टी की देवी प्रकृति नें खुद को 6 बागों में बांट रखा है। इनके छठे अंश को मातृदेवी के रुप में पूजा जाता है। ये ब्रम्हा की मानस पुत्री हैं। छठ व्रत यानी इनकी…
कमजोर नहीं रहा भारत : राजनाथ
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने चीन को दो टूक शब्दों में संदेश दिया कि भारत को कमजोर समझने की गलती ना करें. उन्होंने पूर्वी लद्दाख को लेकर बने गतिरोध को दूर करने के विषय में कहा कि चीन से सैन्य और राजनयिक स्तर पर बातचीत चल रही है। भाजपा की ओर से मोदी सरकार के दूसरे…
सरकारी दफ्तरों में हिन्दी का प्रयोग बढ़ाना जरुरी है- –लाल बिहारी लाल
आज भारत में हिन्दी बोलने,लिखने तथा व्यवहारिक प्रयोग करने वालों की संख्या लगभग 70 प्रतिशत है फिर भी आज दुख इस बात का है कि सरकारी दफ्तरों में और न्यायालयों में अंग्रैजी का बोलबाला है । खुशी की बात ये है कि इलाहाबाद न्यायालय के कुछ जज हिदी में केस की सुनवाई के लिए तैयार…
पावन गणतंत्र
पावन यह गणतंत्र हमारा, कर्तव्यों को भी निभाते हैं।.. मिलकर आओ जग में हम, भारत को श्रेष्ठ बनाते हैं।…. जब आजादी की अलख जगी, वीरों ने प्राण गवाये थे। पावन मातृभूमि की रक्षा को, वे बलिदानी कहलाये थे।। मातृभूमि की चरण धूलि हम, सदा ही शीश लगाते हैं। पावन यह…
ऐसे करें हिंदी भाषा के पेपर की तैयारी
डॉ. नीरू मोहन ‘ वागीश्वरी नई दिल्ली : सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं नज़दीक हैं । 10 वीं एवं 12 वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए यह समय बहुत कीमती होता है उन्हें इस समय को बहुत ही सावधानी से खर्च करना चाहिए । 10 वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए यह स्थिति तनावग्रस्त होती है ।…
राष्ट्र-गीत : पहरुये ! सावधान रहना…
घर में सेंध लगाने की वे फिर करते तैयारी, पहरुये ! सावधान रहना। पश्चिम सीमा पर खतरा है,पूरब में मत डोल, अभी रात बाकी है कितनी धीरे- धीरे बोल, कल जो हाल हुआ हम सबका,उसका दुख है भारी, पहरुये ! सावधान रहना। तुमने कितने धोखे खाए विश्वासों में पड़कर, ये व्यापारी नहीं, न…
