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ठंड के रंग बेढंग

लो फिर शीत ऋतु आ गई  लो फिर शीत ऋतु आ गई।  छाया सा है कोहरा कोहरा  अंधियारा सा पसरा पसरा  धुंधली सी धुंध छा गई।  लो फिर शीत ऋतु आ गई । शाखों पर पंछी सहमें सहमे  कोतूहल से बहमें बहमें  क्यों दिन में रात आ गई।  लो फिर सी ऋतु आ गई है।…

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कुछ बेबसी ऐसी भी

          आज पहली बार आभास हुआ कि कुछ विवाहित महिलाएं कितनी वेबस और लाचार होती हैं। चाहे वे नौकरी करने वाली हों या घरेलू  महिलाएं दोनों के ही साथ बहुत सारी पाबन्दियां जुड़ी होती हैं।अभी कल की ही तो बात है मिसेज शर्मा पति के दो शर्ट पैंट लेकर गली गली प्रेस वाले की दुकान…

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गीतकार अनिल भारद्वाज नेपाल संस्था द्वारा मानद उपाधि सम्मानित

मार्च 8, लुंबिनी,नेपाल की सु-विख्यात साहित्यिक संस्था ” शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउन्डेशन नेपाल ” द्वारा नेपाल राष्ट में ,अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित “अंतरराष्ट्रीय महिला शक्ति कविता प्रतियोगिता २०२४ ” में शामिल चार देशों नेपाल, भारत, यू एस तथा तंजानिया के रचनाकारों में से मध्य प्रदेश ग्वालियर के वरिष्ठ गीतकार व हिंदी…

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नवरात्रि

नवरात्रि वर्ष में दो बार आती हैं।बसंतिक नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि। हमारा हिंदू कैलेंडर व नव वर्ष की शुरुआत नवरात्रि से होती है। चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को नवरात्रि प्रारंभ होती हैं जो हिंदू नव वर्ष का पहला दिन भी होता है। इस दिन सनातन धर्म के लोग नव वर्ष बड़े ही उत्साह…

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दिल्ली की डॉ.सरला सिंह स्निग्धा को मिला नेपाल के अंतरराष्ट्रीय हिंदी काव्य रत्न मानद सम्मान

14 सितंबर 2024 को हिंदी दिवस के अवसर पर डॉ सरला सिंह स्निग्धा को “हिंदी काव्य रत्न” मानद सम्मान से सम्मानित किया गया। हिंदी दिवस पर देश-विदेश के 16वर्ष से लेकर 75 वर्ष के वयोवृद्ध रचनाकारों ने हिंदी पर अपने स्वरचित कविता को शेयर किया गया था। “शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन नेपाल,लुम्बिनी द्वारा हिन्दी…

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बातों से कब बात बनी है….(सम्पादकीय) मनमोहन शर्मा ‘शरण’

अगस्त माह में अनेक त्यौहार–पर्व हैं जिनके द्वारा सांस्कृतिक, संस्कारिक, आ/यात्मिक एवं राष्ट्रीय मूल्यों को समझने का अवसर मिलता है ।रक्षा–बंधन, जहां भाई–बहन के प्यार–विश्वास और संकल्प की खुश्बू आती है तो वहीं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आ/यात्मिक चिंतन का महापर्व आएगा जिसमें जीवन जीने की कला हम जानते हैं । 15 अगस्त राष्ट्रीय चिंतन एवं देशभक्ति…

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भारत – हमारा गर्व : सीमा तंवर

भारत  एक  शानदार  देश  रहा  है  जिस  पर  हमे  सदा  गर्व  रहेगा  दुनिया  ने  इस  बहुमूल्य  हीरे  को  कई  बार  परखा  भी  और  हर  बार  जी  भर कर  इसके  खजाने  से  अपनी  झोली  भर  ली . बड़े  ही  दुःख  की  बात  है  की  एक  आम  भारतीय  ही  कुछ  ज़हरीले  लोगो  की  साजिश  के  कारन  अपने …

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तुम कहाँ नही हो ?

चलो ढूढ़ कर, दिखाओ मेरे एहसासो में तुम कहाँ नही होकोई ऐसी जगह बताओ जहा तुम नही हो थक जाओगे मन की नगरी चलते चलतेमान लोगे हार जो पाओगे हर जगह खुद कोचलो ढूढ़ कर दिखाओ मेरे एहसासो में तुम कहाँ नही हो ऐसे हीं तो तुम तब हार गए थे जब कररहे थे मेरी…

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पहलगाम की गोलियाँ: धर्म पर नहीं, मानवता पर चली थीं— प्रियंका सौरभ

कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुआ आतंकी हमला सिर्फ एक गोलीबारी नहीं थी—यह एक ऐसा खौफनाक संदेश था जिसमें गोलियों ने धर्म की पहचान पूछकर चलना शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो आतंकियों ने पहले पर्यटकों से उनका धर्म पूछा, फिर उन्हें जबरन कलमा पढ़ने के लिए कहा, और इंकार करने पर गोली…

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