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आज के दिन ही उगा था हिंदी मीडिया का सूरज

(हिंदी पत्रकारिता की दो शताब्दी का सफर) 19 वीं सदी के कलकत्ता की चहल-पहल भरी गलियों में, घोड़ों की गाड़ियों के शोर और ताज़ी चाय की खुशबू के बीच, एक शांत क्रांति आकार ले रही थी। 30 मई, 1826 को उदंत मार्तंड नामक एक मामूली साप्ताहिक का प्रकाशन शुरू हुआ था-जिसका अर्थ है “उगता हुआ…

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आनंद से भरा प्याला पीने को मिलता है

खोजना है तो सिर्फ आनंद की खोज कर, संसार में स्वयं को आडंबर से अलग रख। झूठी प्रतिष्ठा  के पीछे  नहीं  भाग अधिक, बहुत कुछ करना है पास में है थोड़ा वक्त। लोग उलझायेंगे  किन्तु रहना है सावधान, धैर्यऔर विवेक से मंजिल तक पहुंचना है। आदमी के लिए कोई  काम असंभव नहीं, दृढ़-संकल्प  के  साथ…

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गंतव्य संस्थान द्वारा 78 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तुलसी के पौधे वितरित किए गए।

स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर गंतव्य संस्थान द्वारा तुलसी के पौधे वितरित किए गए इस अवसर पर रोहिणी , पीतमपुरा , बुराड़ी , निरंकारी कालोनी व धीरपुर में करीब एक हजार पौधों को वितरित किया गया ।उल्लेखनीय है कि जन जागृति मिशन द्वारा रामदास कुटी धीरपुर में राष्ट्रीय ध्वजारोहण का कार्यक्रम भी आयोजित किया…

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क्या रुस लगायेगा चीन की आक्रामकता पर लगाम

कोरोना वायरस के कारण विश्व वयापार में जो खलबली मची है उसे कोई नकार नही सकता। वुहान शहर से निकला ये वायरस चीन के लिए सरदर्द बन चुका हैं। पूरा विश्व चीन को इसका जिम्मेदार ठहरा रहा है और महाशक्ति अमेरिका चीन को घेरने का  हर संभव प्रयास कर रहा है। जहां विश्व के ज्यादातर…

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मैं जानता हूं

                            मैं जानता हूंँ                        कि बड़े- बड़े चट्टान                       हो जाते हैं मिट्टी- धूल।                     जब मानुष अपनी आलस,                अपनी नाकामी को जाता है भूल।                     मिल जाता है लक्ष्य उसे                  बन जाता जब है वो कलाम।                जब नहीं भीत होता है काँटों से                 बन जाता है मिसाल का नाम।…

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उजालो की चमक में ,चमचमाना जानते हैं सब

उजालो की चमक में ,चमचमाना जानते हैं सब , अंधेरो में चमकता है, उसी को जुगनू कहते हैं ! सुगम हो मार्ग, तो फिर हौसलो की बात क्या करना , विषमताओ में जीदारी, पथिक की तोला करते हैं ! गगन भर चांदनी हो तो, भला तारो की क्या कीमत , अमावस रात में, तारों को…

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कच्चे धागों का पक्का बंधन रक्षाबंधन का त्योहार

डॉक्टर सुधीर सिंह कच्चे धागों का पक्का बंधन रक्षाबंधन का त्योहार,पूजा की थाली में राखी बहन का  है अनुपम प्यार. भाई-बहन के पवित्र प्रेम का प्रतीक यह पावन पर्व,वर्ष में एक बार आता है भाई-बहन का यह उत्सव. ससुराल में बस गई बहना करती  भैया का इंतजार,रेशम की डोरी में लिपटा है बहन काअनमोल प्यार….

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अन्धेरे चौराहे पर अन्धा कुआँ

आज सच में हमारे देश की परिस्थिति कुछ ऐसी ही हो गई है,किसी को कुछ समझ ही नहीं आ रहा कि सही दिशा में,सही विकास की राह पर कैसे आगे बढ़ा जाये। हर कोई अंधेरे में ही हाथ पांव मारता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस के साठ साल के शासन को पानी पी पी कर…

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 हिंदुस्तान हमारा ऑनलाइन  साहित्यिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन

अखिल भारतीय स्वयंसेवी संस्था सोशल ऐंड मोटिवेशनल ट्रस्ट के द्वारा दिनांक 23/1/2023 क़ो सरस्वती पूजा और गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर हिंदुस्तान हमारा ऑनलाइन  साहित्यिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।जिसमें कई राज्यों से साहित्यकार जुड़े और सोशल एंड मोटिवेशनल  ट्रस्ट, मंच देशभक्ति से ओत प्रोत हो गया. कार्यक्रम की शुरुआत मां शारदे के…

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उपन्यासकार एवं कथाकार गीतांजलि श्री को मिला 2022 का बुकर सम्मान

लाल बिहारी लाल ……………………………………………………………………………………………………….. इस साल का मैन बुकर सम्मान भारतीय लेखिका गीतांजलि श्री का उपन्यास ‘रेत समाधि’ के अंग्रेज़ी अनुवाद ‘टॉम्ब ऑफ़ सैण्ड’ के लिए दिया गया है जिसे डेजी राकवेल ने अंग्रैजी अनुवाद किया है। यह पहली बार है कि किसी भारतीय भाषा के अनुवाद को यह अवॉर्ड मिला है।………………………………………………………………………………………………….. नई दिल्ली। उपन्यासकार एवं कथाकार गितांजली श्री…

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