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आसमान पर उड़ें, पर जमीन से जुड़ें : मनमोहन शर्मा ‘शरण’

सर्वप्रथम आप सभी को दशहरा पावन पर्व  की बहुत बहुत बधाई  एवं अनन्त शुभकामनाएं ।  प्रत्येक वर्ष अपने पर्व–त्यौहारों को श्रद्धापूर्वक हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं ।  अच्छी बात है किन्तु ज्यादा जरूरी यह है हमारे लिए कि पर्वों–त्यौहारों को मनाएँ पर उसके महत्त्व–महिमा को समझने का प्रयास करें और अपनी जीवन शैली में आत्मसात…

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लक्ष्मी बाई प्रशिक्षण संस्थान (एनजीओ )रजि० की संस्थापिका सीमा शर्मा का जन्मदिन बच्चो के बीच मनाया

लक्ष्मी बाई प्रशिक्षण संस्थान (एनजीओ )रजि० की संस्थापिका सीमा शर्मा ने अपना जन्मदिन इन बच्चों के साथ मनाया ।राजकीय प्रतिभा विद्यालय में बच्चों को दूध व पौष्टिक आहार व झुग्गी बस्ती के बच्चों को गर्म जुराबें,,टोपी ,किताबें,एवम् पौष्टिक आहार का वितरण किया गया ।उन्होंने बच्चों को “रक्षा प्रार्थना “ भी कराई और शिक्षा के लिए…

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ठिठौली :  निशा भास्कर 

लट लटकानी डोले गाल पर गुजरिया  जरा सुलझा दो मनमोहन साँवारियाँ।  चुनर हटाए वेणी खोले रे बावरिया। सुध बिसराई राधा बाजे जब बाँसुरियां। लट सुलझाते कान्हा खोई रे मुंदरियां  गुंज माल छिन्न भई भरी रे डगरिया। बाँधी भाव बंधन में हार पहिरावै राधा  सखियन ढूँढें अपने प्यारे की मुंदरियां।  मुदित मलंग कंठ बोली ललिता सखी …

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शहीद भगत सिंह

(27 सितम्बर, 1907 से 23 मार्च, 1931) प्रारंभिक जीवन :- भगत सिंह का जन्म पंजाब के नवांशहर जिले के खटकर कलां गाँव के एक सिख परिवार में 27 सितम्बर, 1907 को हुआ था। उनकी याद में अब इस जिले का नाम बदल कर शहीद भगत सिंह नगर रख दिया गया है। वह सरदार किशन सिंह…

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कोरोना से मुक्ति है पानी, वर्णमाला की ज़ुबानी : अंजू मल्होत्रा

अ …अपना ध्यान ज़रूर ही रखना आ…आपको घर पर ही है रहना इ …इधर उधर बिलकुल मत जाना ई…ईश्वर पर विश्वास जताना उ ..उम्मीद को होगा क़ायम रखना ऊ..ऊटपटाँग की सोच ना लाना ए ..एकांत का महत्व है जाना ऐ ..ऐसी विपदा से पार है पाना ओ..ओझा का चक्कर था पुराना औ..औषधि से जीवन बचाना…

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हिंदी वर्ण प्रकृति के संग

अमलतास खिला सुवर्ण सा आम बौर भर आये इमली की खटास ईख मिठास मन लुभाये उड़े परिंदे लहरा पंख ऊँचाई नील गगन छू आये ऋतु वसंत जीवन में उर्जा भर लाये | एकाग्रता से विद्याध्ययन एश्वर्यता राष्ट्र समृद्ध बनाये ओजस्वी मन सुसंस्कृति और सुज्ञान बढ़ाये अंशुमान क्षितिज पर अ: अवनि जगमगाये | कुमुदनी कनेर कंद…

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नये साल का रोचक इतिहास

लाल बिहारी लाल नव वर्ष उत्सव  मनाने की परंपरा 4000 वर्ष पहले बेबीलोन(मध्य ईराक) से शुरु हुई थी जो 21 मार्च को मनाया जाता था, पर रोम के शासक जुलियस सीजर ने ईसा से 45 ई. पूर्व जूलियन कैलेंडर की स्थापना विश्व में पहली बार की तब ईसा पूर्व इसके 1 साल पहले का वर्ष…

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कब तक बचोगो पाकिस्तान……: कुशलेन्द्र श्रीवास्तव

                                                                                                                 राजनीतिक सफरनामा बच गया पाकिस्तान, लगता है उसकी किस्तम ही अच्छी थी, वरना अब तक तो वहां तिरंगा लहरा रहा होता । हम तो पूरी तरह तैयार भी थे आम लोगों ने भी मानसिकता बना ली थी कि रोज-रोज की झंझट से अच्छा है कि एक बार में ही निपटा लो । हम भारतवासी…

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लाॅकडाउन

                 इलाहाबाद यानी प्रयागराज अपने आप में एक सम्पूर्ण और गौरवशाली नगरी रही है। महानगरों की तुलना में बिल्कुल शांत शहर मगर शिक्षा के क्षेत्र में उनसे कहीं आगे।यह शहर प्रतिभाओं की नगरी भी कहा जाता है। किसी समय यहां बाहरी लोग भी यदि पानी मांग लें तो उन्हें पानी के साथ साथ कुछ मीठा…

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स्वप्नों की मनमानी

लगे झरने नव छंद नेहिल,     पिघलता नील का आँगन है।         भींग रहा अवनि का आँचल,                सरस अंतर का प्रांगण है। नैनो में मनुहार लिए,       व्यापा मौन दिशाओं में।         आस सिंचित रहती हर पल,                तरंगित सी आशाओं में। मृदुल से दो बोल कहीं से,        कानों में रस घोल गई।…

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