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साइबर सुरक्षा हेतु पासवर्ड व मन दोनों मजबूत रखना होगा

डॉ मनोज कुमार तिवारी वरिष्ठ परामर्शदाता एआरटीसी, एसएस हॉस्पिटल, आईएमएस, बीएचयू, वाराणसी साइबर अपराध एक आपराधिक गतिविधि है जो कंप्यूटर, कंप्यूटर नेटवर्क या नेटवर्क डिवाइस को लक्ष्य करके किया जाता है, साइबर अपराध साइबर अपराधियों या हैकर्स द्वारा किया जाता है। साइबर अपराध व्यक्ति या संगठन द्वारा किया जाता है। कुछ साइबर अपराधी उन्नत तकनीकों…

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चीत्कार

निः शब्द हो जाती है अंतरात्मा भी उस पल  ख्वाबों को अपने सामने जब तिनका तिनका बिखरते देखती है । लेकिन खुद का एक यकीं हूं मै  जरूरत नहीं मुझे बेपरवाही की खुद में सुरूर हूं खुद का गुरूर हूं अपनी ही ढाल हूं हां मै कमाल हूं । दुश्वारियों से बिखरती नहीं फर्ज़ से…

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उथल पुथल,

 हम अक्सर कहते हैं… इस दुनिया में इतनी उथल पुथल क्यों है कोई किसी की नहीं सुनता हर कोई अपनी राह चलता है…. कोई सामंजस्य नहीं है.. ज़रा सोचो.. हमारा शरीर भी तो हमारी दुनिया है.. क्या इसमें उथल पुथल नहीं होती हर अव्यय अपनी चाल चलता है.. मन कुछ कहता है , दिल कुछ…

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एक निर्णय इस कदर, इतिहास पर भारी पड़ेगा

एक कतरा अन्न ज्यों, उपवास पर भारी पड़ेगा एक आंसू भी कभी, उल्लास पर भारी पड़ेगा आने वाली पीढ़ियों को, याद होगा आज का दिन एक निर्णय इस कदर, इतिहास पर भारी पड़ेगा यशपाल सिंह

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कस्तूरबा गाँधी : डॉक्टर मनोज

(11 अप्रैल, 1869 से 22 फरवरी, 1944) प्रारंभिक जीवन :- कस्तूरबा गाँधी का जन्म 11 अप्रैल सन् 1869 में काठियावाड़ के पोरबंदर नगर में हुआ था। कस्तूरबा के पिता ‘गोकुलदास मकनजी’ एक साधारण व्यापारी थे और कस्तूरबा उनकी तीसरी संतान थी। उस जमाने में ज्यादातर लोग अपनी बेटियों को पढ़ाते नहीं थे और विवाह भी…

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ग्लानि

सानिया अपनी बेटी की पढ़ाई को लेकर बहुत ही सजग रहती। छोटी सी जान उसके पीछे पड़ी ही रहती सानिया। 12 वर्षीय अनिका सारे दिन किताबों में घिरी रहती। ट्यूशन में अगर टीचर छुट्टी कर लेती तो बबाल मचा देती सानिया। काम वाली बाई का भी एक-एक दिन का हिसाब गिन कर रखती क्योंकि सुघण…

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बीबा द्वारा पटना में विशेष महिला मिलन समारोह का आयोजन

नारी वंदन की भावना के साथ ग्रीष्मकालीन शैली और उत्सव परिधानों का उत्सव स्थान: पटनादिनांक: 18 अप्रैल 2026 भारत के अग्रणी जातीय परिधान ब्रांडों में से एक, बीबा ने क्षेत्रीय बाजारों में अपनी मजबूत उपस्थिति को और सुदृढ़ करते हुए बिहार को एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित किया है, जिसमें पटना इस विस्तार…

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सूरज की सगी बहन

आग उगलती दोपहरी ये अंगारे सा दिन, कब आषाढ़ घन गरजेंगे कब बरसेगा सावन। प्यासे अधर नदी झरनों के, कंठ कुओं के सूखे, दिन भर के दुबके नीड़ों में, पंछी सोऐं भूखे। प्रातः से ही तपन तपस्विन करने लगी हवन, कब मेघों का बिजुरियों से होगा मधुर मिलन। सड़कों पर सन्नाटा लेटा, मृग मरीचिका बनकर,…

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मासूमियत से मशरूफियत

इस दुनिया में मासूमियत से जब हम- मशरूफियत की और बढ़ते हैं लगता है हर रिश्ते के मायने बदल जाते हैं पहले ज़रा सी चोट लगने पर भी रोते थे अब दिल पे ज़ख्म खा कर भी मुस्कुराते हैं यारो संग उठना बैठना और खाना पीना , जश्न में हंसना नाचना और गाना बजाना अब…

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बुकर पुरस्कार हिंदी का वैश्विक सम्मान

      सर्वप्रथम तो मैं गर्व के साथ लेखिका गीतांजलि श्री को बुकर पुरस्कार प्राप्त होने की बधाई देती हूं, नमन करती हूं।           यह उपन्यास  “रेत समाधि “2018 में हिंदी में प्रकाशित हुआ था तब इसकी अधिक चर्चा नहीं थी किंतु 375 पेज का उपन्यास अंग्रेजी में अमेरिका में रहने वाली लेखिका अनुवादक डेजी राकवेल…

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