Latest Updates

  क्रिकेटमय हो चुका है भारत

कुशलेन्द्र श्रीवास्तव भारत में चुनाव और क्र्रिकेट का बुखार चढा है । बहुप्रतीक्षित विश्वकप क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन भारत में हो रहा है । वैसे भी भारत में क्र्रिकेट सबसे लोकप्रिय खेल है ही तो जब विश्वकप हो रहा हो तो फिर आम आदमी को तो इस खेल से जुड़ना ही है सो जुड़ चुका…

Read More

गणेश चतुर्थी पर श्री गणेश करें

श्रीमती कविता मल्होत्रा (संरक्षक-स्तंभकार-उत्कर्ष मेल) गणेश चतुर्थी पर श्री गणेश करें चिंतन ही जीवन का उद्देश्य करें ✍️ बुद्धि समृद्धि और सौभाग्य प्राप्त करने के लिए मनुष्य उम्र भर एक प्रतियोगी की तरह अनेक रास्तों से गुज़रता है।अधिकतर रास्ते स्वार्थ सिद्धि की बुनाई से गुँथे होते हैं इसलिए गंतव्य पर न पहुँच कर बहुत से…

Read More

योग करें, योग करें – चेतन पाल

योग करें हम योग करेंदूर सभी हम रोग करें,वरदान मिला जो हमकोहम उसका उपयोग करें। तन-मन स्वस्थ बनाता हैआलस दूर भगाता है,सदा सुखी वह रहता हैजो इसको अपनाता है। कहे संजीवनी बूटीजीवन को दे नए प्राण,ऐसा आशीर्वाद मिलाहोता सभी का कल्याण।उद्देश्य यही इसका हैसृजन स्वस्थ समाज का हो,भविष्य बनेगा बेहतरध्यान यदि बस आज का हो।…

Read More

किसान असमंजस में – शिवांगी

भारत के विभिन्न राज्यो में किसान आंदोलन के बाद भी किसानो की परेशानियां ख़त्म होती नही दिख रही हैं।हजारों रुपयो का प्रीमियम भरने के बाद भी किसानो को मुआवज़ा नही मिल रहा है।यहाँ किसानो का कई करोड़ का बीमा अटका हुआ है और सरकार की ओर से अभी तक कोई सर्वे शुरू ही नही किया…

Read More

आंधे की माक्खी राम उड़ावै

हमारी बोलचाल, प्यार, उलाहनों और कहावतों में रचे बसे है श्रीराम    — डॉo सत्यवान सौरभ,   राम-राम जी। हरियाणा में किसी राह चलते अनजान को भी ये ‘देसी नमस्ते’ करने का चलन है। यह दिखाता है कि गीता और महाभारत की धरती माने जाने वाले हरियाणा के जनमानस में श्रीकृष्ण से ज्यादा श्रीराम रचे-बसे हैं।…

Read More

स्वतंत्रता दिवस

.{कविता मल्होत्रा, संरक्षक, स्थायी स्तंभकार} स्वतंत्रता दिवस की सभी को हार्दिक बधाई रक्षा सूत्र अपने विचारों पर बांधें न हो जग हंसाई सावन की फुहार अपने साथ अनगिनत त्योहारों का पैग़ाम लेकर आई है।सदियों से बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बाँधती आईं हैं।परस्पर सुरक्षा की ये मन्नतें दोनों ओर से चलतीं हैं…

Read More

लेखक श्री लीलाराम वर्मा होंगे सम्मानित

अनुराधा प्रकाशन ,नई दिल्ली के बैनर तले मार्च 2024 में वर्तमान के ज्वंलत समाजिक मुद्दे बाल यौन शोषण पर प्रकाशित तथा लेखक श्री लीलाराम वर्मा द्वारा लिखित पुस्तक बाल यौन शोषण : दुनिया के माथे पर कलंक एक बेहतरीन पुस्तक है, जिसमें लेखक ने बाल यौनशोषण/उत्पीड़न से संबंधित सभी पहलुओं जैसे इसके कारण, सामाजिक भूमिका,बच्चों…

Read More

प्रयास कर

ओढ़ कर सोया है सपने, अब  नींद  कैसे  आएगी। चाहता है,भौर खुशियो की, ये चादर कहाँ अब भायेगी।। उठ खड़ा हो , देर ना कर, जिंदगी तेरी बदल जाएगी। कदम बढ़ा कर चलता चल, दुनिया  तेरे  पीछे  आएगी।। काले काले बादलों की छाती को वर्षा की बूंदे जब चीरेंगी। तब  कहीं जाकर  धरती की, गोद …

Read More

मेरे सरताज ना आएंगे

होली में सब रंग आएंगे,प्यासे तीर उमड़ आएंगे।पर ए रंगों की बारात,मेरे सरताज ना आएंगे। सपनों में रंग डाला तुमको,प्यासी पलकों के काजल से,भिगो दिया भीगी अंखियों ने,अंसुओं के खारे बादल से । इंद्रधनुष कांधों पर रखकर,रंगों के कहार आएंगे ,पर ए सतरंगी बरसात ,मेरे सरताज ना आएंगे। सखियों के अधरों से रह-रह,मधुर मिलन के…

Read More

उम्मीदों का वृक्ष

उम्मीदों की चादर में कई सपने दफ्न हो गए। जिन वृक्षो से की थी छाया की उम्मीदे,वो छाया पतझड़ आने पर खुद ही कहीं गायब हो गयी।। जीवन के गुजरते पलो में अक्सर ऐसा हुआ। शुखे मुरझाये वृक्षो से भी कई बार ठंडी हवाओं का अनुभव हुआ , शायद गिर रहे थे जो पत्ते उन्होंने…

Read More