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व्यंग्य – थप्पड़ खाकर उबरे नेता, मानुष, चून…….

    पंकज सी बी मिश्रा, राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर राजनीति में थप्पड़ खाना कभी कभी जरुरी हो जाता है। ये अलग बात है कि कभी थप्पड़ आप खुद आर्गेनाइज करवाते है और कभी कभी यह विपक्ष आर्गेनाइज करा के देता है या फिर कभी कभी देश के होनहार भगत सिंह टाइप के युवा  सधे…

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बाज़ी तेरे इश्क़ की

कविता मल्होत्रा (स्थायी स्तंभकार, उत्कर्ष मेल) जीत ही लेंगे बाज़ी हम तुम, ये खेल अधूरा छूटे न प्रेम का बंधन,जन्म का बँधन,हाथ कोई भी छूटे न ✍️ मानसून की दस्तक मौसमी हवाओं के आगमन का पैग़ाम तो लाई है लेकिन अब के बरस सावन की बूँदें मिट्टी को वो खुश्बू नहीं दे पाईं जिनसे हर…

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भारत ने विदेशी जमीन पर फंसे अपनों को बचाने के लिए चलाए हैं कई बड़े अभियान, जानें कब और क्या रही रणनीति

आपदा के वक्त में विदेशी जमीन पर फंसे अपने को बचाने का भारत का एक लंबा इतिहास रहा है। किसी भी परिस्थिति में भारतीय दूतावासों ने अपने नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला है। यूक्रेन में फंसे भारतीयों की सुरक्षित निकासी के बीच सोशल मीडिया पर एक ट्वीट वायरल हो रहा है। यह ट्वीट वर्ष 2017…

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हिंसा की दीमक के खिलाफ लड़ना ही हमारा मूल उद्देश्य होना चाहिए

कश्मीर और हिमालय हैं भारत के अभिन्न अंग कश्मीर जाना भारत के किसी भी अन्य राज्य अथवा  शहर की तुलना में जाने से बहुत अलग तरह का अनुभव है। पर्यटकों और उनके कश्मीरी मेजबानों के बीच एक गहरा रिश्ता है और उनके बीच एक गंभीर अंतर भी होता है। पर्यटकों का स्वागत करते हुए, घाटी…

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सावन में

मिला सानिध्य शिव जी का हमें उपहार सावन में   चले हैं आज मिल सारे लिए मनुहार सावन में।।   सुनो जी आज बम लहरी रही है गूंँज धरती पर।   चली कांँवड़ लिए टोली करे जयकार सावन में।।   बहुत भोले हमारे शिव यही कहते सभी ज्ञानी।   चला जो पास है जाता करें…

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साहित्यिक गुरुओं , अध्यात्मिक जगद्गगुरु एवं साहित्यिक विभूतियों ने किया 11 पुस्तकों का लोकार्पण

नयी दिल्ली ( 8 जुलाई (शनिवार), गाँधी शांति प्रतिष्ठान , आई टी ओ, दिल्ली में अनुराधा प्रकाशन द्वारा पुस्तकों का लोकार्पण, काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया , आयोजन में प्रयाग पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी ओंकारानंद सरस्वती जी महाराज , प्रोफेसर (ग्रुप कैप्टेन) ओ पी शर्मा जी (महानिदेशक-महर्षि विश्विद्यालय, नॉएडा), श्री पवन…

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राम भजन- जा ये कबुतर,कहना प्रभु श्रीराम से

 गीतकार-लाल बिहारी लाल, जा ये कबुतर धाम अयोध्या, कहना प्रभु श्रीराम से । हम आयेंगे चरण में तेरे, सेवक बन हनुमान से। जा ये कबुतर धाम…….. बरसों बरस के बाद बना है, भव्य मंदिर  श्रीराम  का । जगह जगह अब चर्चा है , मेरे प्रभु जी श्रीराम  का। घर-घर गाओं महिमा सुनाओं अयोध्या पावन धाम …

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डिज़ीज़ फ़्री इँडिया

कविता मल्होत्रा शक्ति, पावर, सत्ता का, आजकल हर तरफ बोलबाला है एक दूजे से आगे निकलने की होड़, हर मन का निवाला है ✍️ ये पश्चिमी सभ्यता के गहन प्रभाव का ही परिणाम है, कि आजकल समाज में विशिष्ट दिवस मनाने का प्रचलन है, जो तथाकथित आधुनिकता की देन है।कभी मातृ दिवस कभी पितृ दिवस…

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Guru Teg Bahadur Singh’s Sacrifice-A Historical Foundation for the Global Human Rights Struggle Against Religious Intolerance

Guru Teg Bahadur Singh’s message of martyrdom was not limited to India;over time, it became the cornerstone of the global human rights movement. The international observance of Guru Teg Bahadur Singh’s 350th martyrdom year in 2025 is of immense historical,cultural, and political significance-Advocate Kishan Sanmukhdas Bhawnani, Gondia, Maharashtra Gondia – The global observance of Guru…

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कौन कहता है धरती पर नहीं भगवान : सीमा शर्मा

माँ के त्याग ,समर्पण , योगदान और उनके प्यार के प्रति और सम्मान सभी मातृ शक्तियों को समर्पित करते है इन पंक्तियों के साथकौन कहता है धरती पर नहीं भगवानहमे देखा है इस धरती पर देवी के रूप में है माँ”कोख में रखकर नौ महीने तकलीफ़ सहन करती है माँबाहरी दुनिया के दर्शन भी कराती…

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