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प्रोफेसर डॉ श्रीमति अलका अरोड़ा जी ने अपने सुदृढ संचालन द्वारा सजाई हृदयांगन की भजन-कीर्तन शाम

डॉक्टर विधु भूषण त्रिवेदी जी ने अपने हृदय से अशीष अमृत वर्षा द्वारा ‘हृदयागंन भजन संध्या’ सजाकर हृदयांगन परिवार के मन का कौना कौना पावन किया प्रोफेसर डॉ श्रीमति अलका अरोड़ा जी ने अपने सुदृढ संचालन द्वारा सजाई हृदयांगन की भजन-कीर्तन शाम देशभर के विभिन्न आईआईटी संस्थानों में दाखिले लेने के सन्दर्भ में आयोजित की…

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दीपावली

            ” माँ आज भी ज्यादा दीये नही बिके ।”ठेले को किनारे लगाते हुए अशोक उदास होकर बोला ।     माँ ने उसे सांत्वना देते हुए कहा,” अरे कल बिक जायेंगे,क्यों परेशान हो रहा है ? देख मेरे भी दीये ज्यादा नहीं बिके हैं।”माँ बेटे को समझा तो रही थी पर मन ही मन बुरे…

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हर बाधा को स्वीकार करें

हर बाधा को स्वीकार करें। लड़ कर भी उसे पार करें।।       हर बाधा को स्वीकार करें…। यूँ ज़िन्दगी कहाँ आसान निकलती हैं। कहीं शोर तो कहीं शांत ही चलती हैं।।      हर बाधा को स्वीकार करें…। संघर्ष को पार करके जो चलते हैं। फ़िर वो ही नर फलते औऱ फूलते हैं।।      हर बाधा…

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हर घर तिरंगा अभियान से जुड़ेगा जनमानस ..!

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की आजादी के 75 वें साल पर आजादी का अमृत महोत्सव मनाने के दौरान लोगों को तिरंगा घर लाने और इसे फहराने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए “हर घर तिरंगा” अभियान शुरू किया है।इतिहास के पलों को याद करते हुए उन्होंने कुछ दिन पहले  एक ट्वीट भी…

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बुर्खा और घूँघट प्रथा —-एक सामाजिक बुराई

कभी तो देखे अपनी माँ को, जो बुर्खा मुख पर ओढ़े थी , कभी बोलती बिना जुबां के, माँ कब तू मुख खोलेगी ! क्या मेरी जवानी और बुढ़ापा तेरी तरह ही गुजरेगा , जो तेरे था साथ हुआ, क्या वो सब मुझपर बीतेगा ! कैसे गर्मी धूप में भी तू, सर ढक कर के…

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कस्तूरबा गाँधी : डॉक्टर मनोज

(11 अप्रैल, 1869 से 22 फरवरी, 1944) प्रारंभिक जीवन :- कस्तूरबा गाँधी का जन्म 11 अप्रैल सन् 1869 में काठियावाड़ के पोरबंदर नगर में हुआ था। कस्तूरबा के पिता ‘गोकुलदास मकनजी’ एक साधारण व्यापारी थे और कस्तूरबा उनकी तीसरी संतान थी। उस जमाने में ज्यादातर लोग अपनी बेटियों को पढ़ाते नहीं थे और विवाह भी…

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युवाओं को खुश रहना सिखाने से मुकदमों की संख्या कम हो जाएगी: प्रधान न्यायाधीश

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने 31 जुलाई को  कहा कि यदि हम युवाओं को खुश रहना सिखा दें, तो हम देश में मुकदमों की संख्या को नियंत्रित कर सकते हैं। दिल्ली सरकार द्वारा संचालित स्कूलों में ‘हैप्पीनेस क्लासेज’ की पहली वषर्गांठ पर  आयोजित एक कार्यक्रम में गोगोई ने अपने संबोधन में दिल्ली सरकार के इस…

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सिंदूर जब बारूद बनकर बरसता है,

डॉक्टर सुधीर सिंह सिंदूर जब बारूद बनकर बरसता है, पाकिस्तान तब थड़थड़ाने लगता है। भारत का सामना पाक कैसे करेगा? जो भीख  मांगकर  भूख मिटाता है। जिसकी आदत  भिक्षाटन करने की, हिंदुस्तान को वह आंख दिखाता है। भीख की झोली खाली देख भिक्षुक, भूख से तब वह मिमियाने लगता है। दुनिया की नजर में  बेनकाब…

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वेदों में आधुनिक भौतिकी के समाधान

सहस्त्रशीर्षा पुरुषःसहस्त्राक्ष सहस्त्रपात। स भूमि सर्वतःस्पृत्वाsत्व तिष्ठद्यशांगुलम।.पुरुषसूक्त 1 जो सह स्त्र सिर वाले, सहस्त्रों  नेत्र वाले और सहस्त्र चरण वाले विराट पुरुष है, वह सारे ब्रह्माण्ड को आवृत करक भी दस अंगुल शेष रहते हैं ।।1 सूक्त2— पुरुष एवेदं सर्वं यदभूतमयच्चभाव्यम। उतामृत्वस्येशानो यदन्नेनाति रोहति।। जो सृष्टि बन चुकी, जो बनने वाली है, यह सब विराट…

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युवाओं को अपनी संस्कृति, कला और विरासत से जोड़कर बनायें एक श्रेष्ठ नागरिक –  पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

युवा आने वाले कल के भविष्य हैं। इनमें आरम्भ से ही अपनी संस्कृति, कला, विरासत, नैतिक मूल्यों के प्रति आग्रह पैदा कर एक श्रेष्ठ नागरिक बनाया जा सकता है। सोशल मीडिया के इस अनियंत्रित दौर में उनमें अध्ययन, मनन, रचनात्मक लेखन और कलात्मक प्रवृत्तियों की आदत  न सिर्फ उन्हें नकारात्मकता से दूर रखेगी अपितु उनके…

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