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प्रिये नव सम्वत्सर बन आना

सभी मौसम सभी ऋतुओं को संग ले आना।प्रिये नव संवतसर बन के मेरे घर आना। सरसों के फूल बन के यादें तेरी आतीं हैं।मुझसे गेहूॅं की बालियों सी लिपट जातीं हैं। अपनी यादों के संग एक बार आ जाना,प्रिये नव संवतसर बन के मेरे घर आना।सभी मौसम सभी ऋतुओं को संग ले आना। जब भी…

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त्योहारों का सेल्फ़ी ड्रामा

(त्योहार अब दिल से नहीं, डिस्प्ले से मनाए जाते हैं — हम अब त्योहारों से ज़्यादा अपनी तस्वीरें मना रहे हैं।) अब त्योहार पूजा, मिलन और आत्मिक उल्लास का नहीं, बल्कि ‘कंटेंट’ का मौसम बन गए हैं। दीपक की लौ से ज़्यादा रोशनी अब मोबाइल की फ्लैश में दिखती है। भक्ति, व्रत और परंपराएँ अब…

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बिहार विधानसभा में स्पीकर पर भड़के सीएम नीतीश, कहा- आप खुलेआम कर रहे संविधान का उल्लंघन

लखीसराय में स्पीकर से दुर्व्यवहार के मामले में बिहार विधानसभा में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। सदन में बार-बार इस मामले को उठाए जाने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्पीकर विजय कुमार सिन्हा पर भड़क गए। आपत्ति जताते हुए नीतीश ने कहा कि आप संविधान का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। इस तरह से सदन नहीं…

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आपका ध्यान किधर है?

जी हां जनाब, आपका ध्यान किधर है? शायद कहीं और ही व्यस्त हैं आप, तो चलिए जरा आपका ध्यान आपकी ‘व्यस्तता’ से थोड़ी ‘सैर’ पर ले चलते हैं, आपके स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होगी l तो जनाब हुआ यूं  कि बड़े बाजार की सबसे बड़ी कपड़ा दुकान के सेठ जी ने बड़ी तेज तर्रारी के…

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राम आरती होने लगी है,

राम आरती होने लगी है,अवधनगरिया सजने लगी है।हो गया मन का काम,बोलो जय जय सीताराम।बोलो जय-जय राधे श्याम राम नाम की जीत हुई है,कोर्ट कचहरी खत्म हुई है।बाहर तंबू से घनश्याम,बोलो जय-जय सीतारामबोलो जय जय राधे श्याम। राज छोड बनवास गए थे,राक्षसों का नाश किए थे,रखते सबका ध्यान,बोलो जय-जय सीताराम,बोलो जय जय राधे श्याम। इस…

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प्रेम का पनपना

अगर तुम महसूस कर सकते हो बारिस की बूंदों को अपने तन पर तो तुम महसूस कर सकते हो प्रेम को भी उन्हीं बूंदों की तरह प्रेम कोई बाहर की वस्तु नहीं है यह तुम्हारे भीतर ही पनपता है बशर्ते तुमने इसे पनपने दिया हो प्रेम के पनपने के लिए जरूरी है अनुकूल वातावरण का…

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नारी आन्दोलन की पथ प्रदर्शक कमलादेवी चट्टोपाध्याय

(03 अप्रैल, 1903 से 29 अक्टूबर, 1988) प्रारम्भिक जीवन :- कमलादेवी चट्टोपाध्याय का जन्म 03 अप्रैल, 1903 को मैंगलोर (कर्नाटक) के एक सम्पन्न ब्राह्मण परिवार में हुआ था। ये अपने माता-पिता की चौथी और सबसे छोटी पुत्री थीं। इनके पिता श्री अनंथाया धारेश्वर मंगलोर के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर थे। इनकी माँ श्रीमती गिरिजाबाई अच्छी पढ़ी-लिखी, संस्कारी…

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सच्चाई

कपिल जी ने अपनी बेटी का विवाह बड़े धूमधाम से किया। लेकिन विवाह के दो महीने पश्चात ही बेटी ससुराल छोड़कर मायके आ धमकी। दोनों पक्षों के बीच में वाद विवाद भी खूब हुए। कानूनी कार्रवाई कर कर फैसला कर लिया गया। अब कपिल जी अपनी बेटी के लिए किसी दूसरे अच्छे रिश्ते की तलाश…

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असाधारण व्यक्तित्व के धनी थे देश के प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेन्द्र प्रसाद

लाल बिहारी लाल गुदरी के लाल देशरत्न डा.राजेन्द्र प्रसाद का जन्म 3 दिसम्बर 1884 को बिहार के तत्कालिन सारण जिला (अब सीवान)के जीरादेई गांव में एक कायस्थ परिवार में हुआ था। इनके पिता महादेव सहाय हथुआ रियासत के दीवन थे। अपने पाँच भाई-बहनों में वे सबसे छोटे थे इसलिए पूरे परिवार में सबके लाडले थे।…

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