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नाटिका :   “मिच्छामी दुक्कडम”

पात्र परिचय_: 1_ नव्या एक स्कूल गर्ल।उम्र 17 वर्ष 2_ नीलू कॉलेज गर्ल उम्र 18 वर्ष 3_झलक  कॉलेज बॉय  उम्र 20 वर्ष 4_ मां   उम्र 50 वर्ष 5 _पिता    उम्र  54 वर्ष 6 _नाना जी (बूढ़े आदमी साधु यानी भिक्षु वेश में) उम्र 75  वर्ष 7_ नानी जी  (बूढ़ी महिला साध्वी वेश में श्वेतांबरी सफेद…

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प्रिय ‘हिन्दी’ को नमन( मुक्तक)

हिन्दी दिवस पर मेरी प्रिय भाषा तुम्हें नमन अतिशय प्रचुर तुम्हारा गरिमामय शब्द धन राष्ट्र भाषा , संपर्क भाषा ,जन भाषा तुम्ही निज सामर्थ्य से प्रेषित करो जग में कवि मन प्राकृत शौरसैनी संस्कृत की श्रेष्ठ सुता उन्नति मूल कहते  भारतेन्दु की वंदिता वैज्ञानिकता हो चुकी प्रमाणित तुम्हारी निज डोर बांधी भारत की तुमने एकता…

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जन भागिदारी के बिना पर्यावरण संरक्षण असंभव  है

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष (5 जून,) जन भागिदारी के बिना पर्यावरण संरक्षण असंभव  है लाल बिहारी लाल नई दिल्ली । जब इस श्रृष्टि का  निर्माण हुआ तो इसे संचालित करने के लिए जीवों एवं निर्जीवों का एक सामंजस्य  स्थापित करने के लिए जीवों एवं निर्जीवों के बीच एक परस्पर संबंध का रुप प्रकृति ने…

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वर्तमान परिवेश में कबीर पंथ अति प्रासंगिक

(कबीर जयंती के अवसर पर) डॉ नीरू मोहन ‘ वागीश्वरी ‘ यह तो घर प्रेम का, खाला का घर नाही ।सिर उतारे भूंई धरे , तब पैठे घर माही ।।कबीर जी के समाज पशुओं का झुंड नहीं है उसके दो तत्व हैं रागात्मकता और सहचेतना अर्थात मानव समाज में रागात्मक रूप से एक अतः संबंध…

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प्राइवेट अस्पताल दुर्घटना पीड़ितों के इलाज को मना नहीं कर सकते : सीएम केजरीवाल

नई दिल्लीः  दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यदि प्राइवेट अस्पताल वाले दुर्घटना पीड़ितों के इलाज में मदद करने के बजाय ढुलमुल रवैया अपनाते हैं तो उन अस्पतालों पर दिल्ली सरकार सख्त ऐक्शन लेगी. उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार अपनी योजना के अंतर्गत दुर्घटना पीड़ितों के इलाज का पूरा खर्च उठा रही है. …

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जब कभी

जब कभी महफिल भी रुलाने लगे। तन्हा-तन्हा पल जब सताने लगे।। हमको आवाज देना मगर दिल से तुम। चाहे इसके लिए अब जमाने लगे।। रिश्ते हर रोज बनते हैं मिटते यहां। दिल लगाना यहां बस फसाने लगे।। ग़मों से अगर बात हो अपनी कभी। इन्तहां में भी हम मुस्कुराने लगे।। रंग भरते हैं ख्वाबों में…

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पिता (कविता-2)

दीया में तेलशक्ति भले क्षीण हो पिता सूर्य की तरह जला है; राहें अंधियारी उबड़ खाबड़ अपनों के खातिर सदा चला है!               अपनों के खातिर सदा चला है!! 🌹 तूफान के साये काले कंदर्प टूटा न उसका लोहित दर्प लहूलुहान हुआ अपनों के लिए दिल में रख बस एक तड़प!                 दिल में रख…

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आज दिल जीते हैं, कल फिर कप जीतेंगे।

जन्म मरण के चक्र-सी है, हार जीत लग रही। लड़े-भिड़े शौर्य से, आज नही तो कल सही।। कप जितने से बड़ी बात दिल जीतना होता है। क्रिकेट खत्म नही हो गया। 46 दिन में 45 दिन आप जीते हो। हमारी भारतीय टीम ने 2023 वर्ल्ड कप के अंदर 10 मैच जीते और आज फाइनल हारने…

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ऐसे सुधरेगा वहशी समाज

सुबह जैसे ही टी वी खोलते ही लोगों ने हैदराबाद के चारों बलात्कारियों के एन्काउन्टर में मारे जाने का समाचार सुना,तो पूरे देश में खुशी व उल्लास का वातावरण छा गया। ऐसे वीभत्स कांड के इतनी जल्दी पटाक्षेप ने जन मानस में आशा का संचार कर दिया। 16 दिसम्बर को निर्भया कांड को सात साल…

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