रसमंजरी साहित्य सृजन की संस्थापिका डॉ अरुणा पाठक आभा की पुस्तक रसमंजरी रामचरितमानस में रस निरुपण पुस्तक अनुराधा प्रकाशन नई दिल्लीद्वारा प्रकाशित, मंजुला श्रीवास्तव द्वारा संपादित
श्री सूर्य नारायण गौतम वेदाचार्य जी द्वारा इसकी भूमिका लिखी गई।
प्रद्युम्न नामदेव के संयोजन में
मानस भवन रीवा के ऐतिहासिक सभागार में पुस्तक का विमोचन किया गया जिसमें भारतवर्ष के ख्यातिलब्ध साहित्यकारो ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।। कार्यक्रम की अध्यक्षता रामप्रताप शुक्ला मानस किंकर जी
चित्रकूट बांदा, मुख्य अतिथि मानस विदुषी डॉ ज्ञानवती अवस्थीमानस मर्मज्ञ, विशिष्ट अतिथि रश्मि शुक्ला,चंद्रिका प्रसाद चंद्र साहित्यकार रीवा,मंजुला श्रीवास्तव जी पथगामिनी पटल की संस्थापिका
गाजियाबाद दिल्ली,कुसुम सिंह अविचल जी श्री सत्य साईं संदेश एक संकल्प कानपुर उत्तरप्रदेश,क्षमा द्विवेदी प्रयागराज,
प्रमोद तिवारी जी औरैया उत्तरप्रदेश,इंद्रजीत तिवारी निर्भीक
कुलसचिव काशी हिंदी विद्यापीठ , सुनील दत्त बिलासपुर छत्तीसगढ,ललित सिंह ठाकुर जी भाटापारा छत्तीसगढ़,पंकज जोशी देवास आयोजन का महत्व बताया ,शिवांश सरल जी भोपाल, कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही मॉं वीणापाणि की आराधना से किया गया। आमंत्रित अतिथियों का वाणी से स्वागत डॉ अरुणा पाठक आभा द्वारा किया गया तदुपरांत मंचासीन अतिथियों का माल्यार्पण से स्वागत किया गया ,उसके बाद पुस्तक विमोचन किया गया। उपस्थित सभी विद्वानों ने पुस्तक की खूब सराहना की साथ ही कहा कि यह पुस्तक रामचरितमानस के शोधार्थियों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। कार्यक्रम में विंध्य क्षेत्र के गणमान्य लोग एवं साहित्यकारों की गरिमामय उपस्थिति थी जिसमें केजी द्विवेदी खुशदिल सतना,आशीष खरे नईगढ़ी,शांति दूत द्विवेदी, सुभाष बाबू पाण्डेय जी अध्यक्ष मानस मंडल ओम प्रकाश मिश्रा जी रीवा,चंद्रकांत तिवारी जी,नारायण डिगवानी कलम परिवार।
,डॉ आरती तिवारी,सीमारानी झा,अनुराधा पाण्डेय,गीता शुक्ला,रश्मि शुक्ला जी, साधना तिवारी,वंदना मिश्रा,राधा मिश्रा, पुष्पलता जी, विनीता अग्रवाल , रंजना मिश्रा, रंजना बंशल,नागेन्द्र मिश्रा,स्नेहा त्रिपाठी, भौम्या चौरसिया आशा चौरसिया, आशा गुप्ता,मनीषा धुर्वे, मेनिका साकेत, श्री आई एम पाठक, सहित सैकड़ों लोग इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के साक्षी बनें। इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि दर्शक दीर्घा में पधारे सभी विद्वानों को सम्मान पत्र, सम्मान पट्टिका, एवं डायरी देकर सम्मानित किया गया। पुस्तक विमोचन कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ अमित कुमार द्विवेदी एवं कवि सम्मेलन के मंच का संचालन शिवानंद तिवारी, डॉ शांतिदूत जी द्वारा शानदार तरीके से किया गया। धन्यवाद ज्ञापन शिवानी पाठक द्वारा किया गया।
विंध्य क्षेत्र के लिए यह कार्यक्रम विशेष रहा।
