बसंत : डॉक्टर सरला
आयो बसंत मधुमाह सखी , सब ओर सुहानी ऋतु छाई । वृक्षों ने नवपत्र किए धारण, कलियां धीरे से मुस्काईं । गीत सुनाती कोकिल देखो, भौंरे भी राग सुनाते हैं । अम्बर खुश है देखो कितना , देख धरा मुस्काई है । आयो बसंत मधुमाह सखी , सर्वत्र खुशी – सी छाई है । आम्रबौर …
