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वीर सावरकर : स्वतंत्रता इतिहास के अनफॉरगेटेबल हीरो

: पंकज कुमार मिश्रा, राजनीतिक विश्लेषक / पत्रकार जौनपुर, यूपी रणदीप हुड्डा नें स्वातंत्र वीर सावरकर फ़िल्म में वीर सावरकर के किरदार में ऐसे लगे है कि भविष्य में उनके मूवी के फोटो को असली सावरकर के लिये भी  उपयोग किया जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। बधाई के पात्र है रणदीप हुड्डा।  हुड्डा की एक्टिंग…

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अप्रेल फूल बनाया…… !

अब अप्रेल फूल कोई नहीं बनाता । पहले तो एक दिन निर्धारित कर दिया गया था कि केवल इसी दिन किसी को भी कोई भी अप्रेल फूल बना सकता है । इसी कारण से ही एक अप्रेल को लोग सतर्क हो जाते थे और कोषिष करते थे कि वे अप्रेल फूल न बन पाएं ।…

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हाईवे पर ग्रीन बेल्ट के फायदे

शहरी क्षेत्रों में पेड़ों को बफर के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है जो महत्वपूर्ण मात्रा में शोर को कम करने में सक्षम हैं । पौधे की पत्ती ध्वनि क्षेत्र में कंपन करने वाले वायु अणु की गतिज ऊर्जा को पत्तियों के कंपन पैटर्न में स्थानांतरित करके ऊर्जा को अवशोषित करती है। इस…

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फाल्गुन की मस्ती रंगों से हर्षोल्लासित सभी नगर व बस्ती

लेखक- डॉ.पवन शर्मा (साहित्यकार एवं लेखक) होली रंगों का तथा हँसी-खुशी का त्योहार है। यह भारत का एक प्रमुख और प्रसिद्ध त्योहार है, जो आज विश्वभर में मनाया जाने लगा है। रंगों का त्योहार कहा जाने वाला यह पर्व पारंपरिक रूप से दो दिन मनाया जाता है। पहले दिन को होलिका जलायी जाती है, जिसे…

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फागुन का ये मौसम है

बृज छोड़ के मत जइयो,फागुन का ये मौसम है,मोहि और न तरसइयोफागुन का ये मौसम है। मैं जानती हूं जमुना तीर काहे तू आए,हम गोपियों के मन को कान्हा काहे चुराए, जा लौट के घर जाइयो,माखन चुराके खाइयो,पर चीर ना चुरइयो,फागुन का ये मौसम है। इस प्यार भरे गीत के छंदों की कसम है,तोहि नाचते…

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इन्द्रधनुषी रंगो और उमंगों का पर्व है होली -लाल बिहारी लाल

भारत में फागुन महीने के पूर्णिंमा या पूर्णमासी के दिन हर्षोउल्लास के साथ मनाये जाने वाला विविध रंगों से भरा हुआ हिदुओं का एक प्रमुख त्योहार है-होली।होली का वृहद मायने ही पवित्र है। पौरानिक मान्यताओं के अनुसार फागुन माह के पूर्णिमा के दिन ही भगवान कृष्ण बाल्य काल में राक्षसणी पुतना का बध किया था…

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होली खेलते हैं

होली खेलते हैंचलो हम होली संग खेलते हैचलो हम होली रंग खेलते हैबसंत ऋतु में फागुन माह मेंचंग की थाप पर खेलते हैइंद्रधनुषी रंग बरंगी गुल फूल खिलेभंवरा गीत गुनगुनाते होली खेलते हैलहंगा-चोली भीगी रंगा सारा बदनमुखड़े पर लाली होली खेलते हैंनाचें गीत फाग गाये संग सखियांअखियां चमके काजल होली खेलते हैंहोलिका जली मची खलबली…

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गीत ये बन पाए हैं

गीत ये बन पाए हैं जिगर को चीर के ,बाहर ये निकाले मैंने ,फिर ये अरमान ,आंसुओं में उबाले मैंने ,तब कहीं जा के ,विरह गीत ये बन पाए हैं । इनके सीने में गम ,के तीर चुभाये मैंने ,दिल पै अपनों के दिये ,जख्म दिखाए मैंने ,तब कहीं जा के ,विरह गीत ये बन…

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बेटियों को मत दो गलत सलाह

अवनीश जी की लड़की अपना ससुराल छोड़कर वापस मायके आ गई। सबने वर पक्ष की ही गलती बताई। विवाह के मात्र 6 महीने पश्चात लड़की घर वापस आ गई। खूबसूरत शौकत से विवाह किया गया था। दोनों पक्षों की तरफ से अधांधुध पैसा भी बहाया गया। शुरू में महीना भर तो सही चला। किंतु उसके…

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तुम्हारी जय जय

रचयिता डॉ. सर्वेश कुमार मिश्र काशीकुंज जमुनीपुर प्रयागराज तुम्हारी जय जय तुम्हारी जय जय हे  भूमि भारत! तुम्हारी जय जय मैं पूज्य बापू की साधना हूं, आज़ाद शेखर की कल्पना हूं, सुभाष की मैं वो कामना हूं, सिंह भगत की संवेदना हूं, शुद्ध आचरण की रीतिका हूं मैं राष्ट्र देवी की दीपिका हूं। तुम्हारी जय…

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