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कैसे वाजिब है 70-90 घंटे काम करना?
लंबे कार्य घंटों का महिमामंडन नहीं किया जाना चाहिए; इसके बजाय, टिकाऊ और कुशल कार्य अनुसूचियों पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए जो उत्पादकता और कर्मचारी कल्याण दोनों को बढ़ावा दें। संतुलित और प्रेरित कार्यबल बनाने के लिए समान वेतन संरचना और वास्तविक समावेशिता आवश्यक है। प्रणालीगत असमानताओं को पहचानना और उनका समाधान करना एक…
आत्मनिर्भरता को मज़बूत करते हुए चीन के साथ भारत के सम्बंध
भारत की सागरमाला परियोजना हंबनटोटा जैसे समुद्र में चीनी प्रभाव को संतुलित करने के लिए रणनीतिक भारतीय बंदरगाहों के विकास को सुनिश्चित करती है। भारत चीन के आपूर्ति शृंखला प्रभुत्व का मुकाबला करने के लिए बांग्लादेश, नेपाल और अफ्रीकी देशों जैसे पड़ोसी देशों में क्षेत्रीय विनिर्माण केंद्र विकसित करने में रणनीतिक रूप से निवेश कर…
रिटायर्ड अफ़सरों के बोझ तले दबा आरटीआई का ढाँचा
सेवानिवृत्त अधिकारी उन विभागों के खिलाफ निर्णय लेने में संकोच कर सकता है, जिनके लिए उन्होंने कभी काम किया था, जिससे समझौतापूर्ण फैसले होते हैं। पारदर्शिता में विशेषज्ञता की कमी एक बड़ा मुद्दा है। सेवानिवृत्त सिविल सेवकों में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक विशेष ज्ञान की कमी हो सकती है, जो आरटीआई अधिनियम…
महिला सशक्तिकरण की दौड़ जीतती भारतीय रेलवे
(पुरुषों के गढ़ तोड़ने वाली “प्रथम महिलाओं” को पहचानने की आवश्यकता) कैबिनेट द्वारा स्वीकृत नियुक्तियों के नवीनतम दौर के साथ पहली बार रेलवे बोर्ड में महिलाएँ ड्राइवर की सीट पर हैं। कांच की छत को तोड़ते हुए, रेलवे बोर्ड का नेतृत्व पहले से ही एक महिला द्वारा किया जा रहा है, अब संचालन और व्यवसाय…
सलाह देने की आदत
हेमंत जी अपना घर बड़े मन से बनवा रहे हैं। कोई कसर न छोड़ी मकान बनवाने में। पूरी जिंदगी का ख्वाब जो पूरा हो रहा था उनका। बचपन से ही पुराने मकान में रहते हुए जिंदगी गुजर गई। अब अपने मकान का घर का सपना पूरा हो रहा था। सारा दिन मकान बनवाने की भागा…
प्रयागराज में महापुण्य का दुर्लभ संयोग है महाकुंभ – 2025..!
पंकज सीबी मिश्रा / राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी सम्पर्क सूत्र – 8808113709 रामचरितमानस में स्पष्ट कहा गया है कि ‘ माघ मकर रवि गति जब हुई तीर्थ पतिहि आव सब कोई ‘ अतः माघ मास में उत्तरायण की अवधि देवताओं का दिन तथा दक्षिणायन देवताओं की रात्रि है । सूर्य उत्तरायण का न…
प्रयागराज के संगम पर भक्तों का मेला
राजनीतिक सफरनामा : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव सम्पूर्ण भारत जैसे प्रयागराज में सिमट गया हो……..12 वर्षों के बाद पड़ने वाला इस बार का महाकुम्भ प्रचार-प्रसार और व्यवस्थाओं के चलते आमजन का आकर्षण का केन्द्र बन चुका है। सनातन संस्कृति की विरासत के इस माहपर्व पर लोग या तो पहुंच चुके हैं या पहुंचने वाले हैं जो नहीं…
प्रिय सेवानिवृत्त या वरिष्ठजन :
हम लोग वरिष्ठ नागरिक स्वरूप 55 से 60 के उस पार एक शानदार उम्र के दौर में हैं । शायद हम लोग उम्र के इस मोड़ पर भी बहुत खूबसूरत दिखते हैं, ऐसा मेरा विश्वास है । हमारे पास लगभग वह सब कुछ है जो हम बचपन में चाहते थे । हम स्कूल…
ट्वेंटी – ट्वेंटी फाईव में बड़का वेलकम
पंकज सीबी मिश्रा / राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी दिसंबर खत्म और ये जनवरी इस साल फिर से शुरू हुई और अबकी साल 2025 में बस नीतीश चचा के पलटने का इंतजार है अथवा मफलर मैन के फेयरवेल का आयोजन सुनिश्चित हो जाए या फिर दोनों में से कौनो एक काज हो जाए तो…
नये साल का रोचक इतिहास : लाल बिहारी लाल
नव वर्ष उत्सव मनाने की परंपरा 4000 वर्ष पहले बेबीलोन(मध्य ईराक) से शुरु हुई थी जो 21 मार्च को मनाया जाता था, पर रोम के शासक जुलियस सीजर ने ईसा से 45 ई. पूर्व जूलियन कैलेंडर की स्थापना विश्व में पहली बार की तब ईसा पूर्व इसके 1 साल पहले का वर्ष यानी 46वें ईसा…
